बिना पूरा फैसला लिखे ही जजमेंट सुना देते थे जज साहब, सुप्रीम कोर्ट ने कहा- 'पंचतंत्र की कहानी' पर भरोसा नहीं

Updated on 12-04-2023 08:08 PM
नई दिल्ली : सुप्रीम कोर्ट ने कर्नाटक के एक सिविल जज को बर्खास्त करने का आदेश दिया है। यह सिविल जज बिना पूरा जजमेंट लिखवाए बिना ही ओपन कोर्ट में फैसले का निर्णायक हिस्सा सुना देते थे। इस मामले की जब जांच हुई तो सिविल जज ने इस पूरे घटनाक्रम के लिए अपने स्टेनोग्राफर को ही दोषी ठहराया। जज ने कहा कि उनका स्टेनोग्राफर लापरवाह और काम करने में अक्षम है। इस कारण ही वह पूरा फैसला लिखवा नहीं पाते थे। पूरे मामले में सुप्रीम कोर्ट ने सिविल जज को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि सिविल जज जो अपने बचाव में तर्क दे रहे हैं वह पंचतंत्र की कहानी जैसा है। इस पर किसी भी तरह से भरोसा नहीं किया जा सकता है।

यह जज न्यायपालिका के लिए उपयुक्त नहीं

सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि यह जज न्यायपालिका के लिए उपयुक्त नहीं है। इसके बाद अदालत ने उनकी बर्खास्तगी का आदेश दिया। जस्टिस वी रामासुब्रमण्यम और पंकज मितल की बेंच ने कहा कि एक न्यायिक अधिकारी को जजमेंट को पूरा तैयार किए बिना ओपन कोर्ट में अपने फैसले के समापन भाग नहीं सुनाना चाहिए। इस मामले में हाई कोर्ट की पूर्ण अदालत ने प्रशासनिक पक्ष की एक जांच में जज के खिलाफ आरोप साबित होने के बाद उनकी की नौकरी समाप्त करने का निर्णय लिया था। हालांकि, उसी हाई कोर्ट की एक बेंच ने ने अपनी पूर्ण अदालत की तरफ से पारित उसकी बर्खास्तगी के आदेश को रद्द कर दिया। साथ ही सिविल जज की बहाली का आदेश दिया।

फैसला नहीं लिखने के लिए स्टेनोग्राफर जिम्मेदार

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि खंडपीठ का आदेश हाईकोर्ट की पूर्ण अदालत पर एक परोक्ष हमले के अलावा और कुछ नहीं है। कोर्ट ने कहा कि बिना किसी आधार के जज को एक निर्दोष और ईमानदार अधिकारी के रूप में प्रमाणित करने के लिए हाईकोर्ट के आदेश के निष्कर्षों से सहमत नहीं हैं। बेंच ने कहा कि प्रतिवादी की तरफ से ये कहना कि अनुभव की कमी और स्टेनोग्राफर की ओर से अक्षमता की वजह से कई दिनों के बाद भी जजमेंट पूरा नहीं लिखा जा सका। साथ ही ऐसे में उसे ओपन कोर्ट में फैसले को सुनाना पड़ा। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि हाई कोर्ट ने इस पंचतंत्र की कहानी को न केवल स्वीकार किया बल्कि गवाह के रूप में स्टेनोग्राफर को भी कोर्ट में गवाह के रूप में बुलाया। इतना ही नहीं स्टेनोग्राफर की जांच नहीं करने के लिए प्रशासन को दोषी ठहराने की हद तक चला गया। बेंच ने कहा कि हाई कोर्ट ने दुर्भाग्य से सबूतों के उलट फैसला दिया।

हाईकोर्ट जज को राहत देने में बहक गया

शीर्ष अदालत ने कहा कि हाईकोर्ट इस मामले में जज को राहत देने के लिए अनावश्यक रूप से बहक गया। इस मामले में जज की तरफ से लोकल बार के एक सदस्य और असिस्टेंट पब्लिक प्रोसिक्यूटर के खिलाफ शत्रुता का आरोप लगाया गया। शीर्ष अदालत ने कहा कि फिर भी, इस तरह की दुर्भावना और मंशा जज के आचरण को निर्णय तैयार नहीं कर सकती है कि फैसले की घोषणा करना, एक क्षम्य आचरण है। कोर्ट ने कहा कि जज की ओर से निर्णय तैयार नहीं करने/लिखने में घोर लापरवाही और लापरवाही पूरी तरह से अस्वीकार्य है। यह एक न्यायिक अधिकारी के लिए अशोभनीय है। हाईकोर्ट ने प्रशासन की दलील को स्वीकार कर लिया, जिसने न्यायिक पक्ष की खंडपीठ की तरफ से दिए गए आदेश को चुनौती दी थी।

अन्य महत्वपुर्ण खबरें

 20 September 2026
नई दिल्ली: दिल्ली विश्वविद्यालय छात्रसंघ (DUSU) चुनाव में ABVP की शानदार जीत के बाद देश का सियासी पारा भी चढ़ गया है। बीजेपी और एबीवीपी के नेताओं ने कांग्रेस और…
 20 September 2026
सुभद्रा श्रीवास्तव, नई दिल्ली: देश के 180 से अधिक वैज्ञानिकों और इको लॉजिकल एक्सपर्ट ने सुपर अल नीनो को लेकर अलर्ट जारी किया है। उन्होंने रिसर्चर्स और इस क्षेत्र में…
 20 September 2026
गणेश उत्सव आते ही घर-घर में वे कथाएं फिर दोहराई जाने लगती हैं जो बचपन से सुनी हैं। एक बालक है, जिसे माता पार्वती ने द्वार पर बिठाया है। शिवजी…
 20 September 2026
नई दिल्ली: इंदौर में राहुल गांधी के ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम के दौरान पीएम मोदी की नकल करने और उनके अंग्रेजी बोलने के अंदाज का मजाक उड़ाने पर सियासी बयानबाजी…
 20 September 2026
नई दिल्ली: 11 सितंबर 2001 को अमेरिका में अल-कायदा के हमले ने करीब 3,000 लोगों की जान ले ली थी। उस भयावह हमले के बाद शायद ही किसी ने सोचा…
 20 September 2026
दीपांजन रॉय चौधरी, नई दिल्ली: नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन शाह के भारत दौरे को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है। माना जा रहा कि इस साल के आखिर तक बालेन…
 20 September 2026
नई दिल्ली: देश की जानी-मानी वरिष्ठ पत्रकार पायल मेहता का मुंबई में निधन हो गया। उनके निधन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने दुख जताया है।…
 20 September 2026
नई दिल्ली: पर्यावरण और पारिस्थितिकी की सुरक्षा में सुप्रीम कोर्ट की भूमिका का जिक्र करते हुए CJI सूर्यकांत ने शनिवार को शीर्ष अदालत को पर्यावरण न्याय का ‘बरगद का पेड़’…
 19 September 2026
भास्कर रिपोर्टर प्रमोद साहू ने साइबर क्राइम एक्सपर्ट मुकेश चौधरी के साथ बातचीत की। इस दौरान एक्सपर्ट ने कहा कि बच्चों के हाथ में फोन और उसमें ऑनलाइन गेम अब…
Advt.