काम हवाई जहाज उड़ाने का और तनख्वाह मच्छर मारने की! यूं हीं बर्बाद नहीं हुई जेट एयरवेज
Updated on
03-11-2023 03:35 PM
नई दिल्ली: बंद पड़ी एयरलाइन कंपनी जेट एयरवेज (Jet Airways) के बारे में रोज नए-नए खुलासे हो रहे हैं। ईडी के मुताबिक कंपनी के कुछ सीनियर कर्मचारियों की सैलरी का भुगतान मॉस्किटो कॉइल बनाने वाली एक कंपनी ने किया था। एजेंसी ने जेट एयरवेज के फाउंडर नरेश गोयल, उनकी पत्नी और दूसरे लोगों द्वारा किए गए घालमेल के बारे में एक चार्जशीट दाखिल की है। इसमें कहा गया है कि मॉस्किटो कॉइल, केमिकल और फार्मास्यूटिकल्स बनाने वाली कंपनी एस ए संगनानी एंड एसोसिएट्स ने जेट एयरवेज के सीनियर मैनेजमेंट की 40.9 करोड़ रुपये की सैलरी का भुगतान किया था। कंपनी ने अप्रैल 2018 से पेरोल प्रोसेसिंग शुरू की थी जबकि 13 जून, 2018 तक कंपनी बनी ही नहीं थी। कंपनी के प्रॉफिट एंड लॉस अकाउंट में इसका कोई जिक्र नहीं था।
चार्जशीट के मुताबिक जनरल मैनेजर और उससे ऊपर के स्तर के अधिकारियों को दी गई सैलरी को गोपनीय रखने के लिए गोयल ने एक कंसल्टेंसी फर्म एचडी पाठक एंड एसोसिएट्स को हायर किया था। गोयल की पत्नी अनीता जेट एयरवेज में वाइस प्रेसिडेंट थीं, जबकि बेटी नम्रता कस्टमर सर्विस में थी। इसी तरह गोयल का बेटा निवान को लागत कम करने और कुशलता बढ़ाने वाले विभाग में मैनेजर बनाया गया था। चार्जशीट में कहा गया है कि गोयल का कहना है कि कंसल्टेंसी फर्म के जरिए सैलरी देने के बारे में उन्हें कोई जानकारी नहीं है। इसमें कहा गया है कि कंसल्टेंसी फर्म को 279.5 करोड़ रुपये दिए गए और इसे अन्य भत्तों के तौर पर दिखाया गया। ईडी ने कहा कि यह लेनदेन संदिग्ध है और इसकी जांच की जा रही है।
कैसे होता था यह घालमेल
ईडी ने कंसल्टेंसी फर्म के सीनियर अधिकारियों का बयान दर्ज किया है। उनका कहना है कि उन्होंने जेट एयरवेज के मैनेजमेंट की सैलरी प्रोसेस की थी। गोयल के कहने पर ऐसा किया गया था। फर्म इसके लिए जेट एयरवेज से हर कर्मचारी के लिए 1000 रुपये मंथली चार्ज करती थी। ईडी की चार्जशीट में कहा गया है कि जेट एयरवेज सैलरी की रकम को पाठक एचडी एंड एसोसिएट्स के करेंट अकाउंट में ट्रांसफर करती थी और फिर ईमेल के जरिए कर्मचारियों का नाम, अमाउंट और अकाउंट की डिटेल देती थी। इसके मुताबिक शैलेश संगनानी एंड कंपनी सैलरी बनाती थी और इसके बाद उनके करेंट अकाउंट से सैलरी कर्मचारियों का अकाउंट में ट्रांसफर की जाती थी।