छोटी सड़कों को नगरीय निकायों को सौंपने की कवायद अटकी:पीडब्ल्यूडी की 350 सड़कें नगरीय निकायों को होनी थीं ट्रांसफर, भोपाल निगम में मामला फंसा

Updated on 04-11-2025 01:05 PM

मध्यप्रदेश के शहरों में लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) की छोटी सड़कों को नगरीय निकायों को सौंपने की कवायद एक बार फिर अटक गई है। चार महीने पहले पीडब्ल्यूडी मंत्री राकेश सिंह ने इन सड़कों को स्थानीय निकायों को ट्रांसफर करने के निर्देश दिए थे। पूरे प्रदेश में करीब 350 सड़कें ऐसी हैं, जिनके दोनों ओर पहले से ही नगरीय निकायों की सड़कें मौजूद हैं। हर साल बारिश में इनके रखरखाव को लेकर दिक्कत आती है, क्योंकि सड़क पीडब्ल्यूडी की होती है और नालियां नगरीय निकायों की।

इस प्रक्रिया की शुरुआत भोपाल से होनी थी, क्योंकि 350 में से 150 सड़कें राजधानी की हैं। इनकी कुल लंबाई करीब 572 किलोमीटर है। फिलहाल इनके रखरखाव पर पीडब्ल्यूडी हर साल लगभग एक करोड़ रुपए खर्च करता है। विभाग ने सभी सड़कों की सूची तैयार कर नगर निगम को भेज दी थी, ताकि सबसे पहले भोपाल में ट्रांसफर का काम शुरू हो सके। इसके बाद प्रदेश के अन्य शहरों की सड़कों को भी निगमों को सौंपने की योजना थी।

भोपाल में आधा किलोमीटर से भी छोटी सड़कें

पीडब्ल्यूडी ने जिन सड़कों को नगर निगम को सौंपने की सूची बनाई है, उनमें कई सड़कें आधा किलोमीटर से भी छोटी हैं। जैसे हाथीखाना पहुंच मार्ग महज 0.19 किमी लंबा है। 78 क्वार्टर पुलिस लाइन की सड़क, गांधी नगर एयरपोर्ट से एनएच-12 को जोड़ने वाली लिंक रोड 0.64 किमी है। अंबेडकरनगर पहुंच मार्ग 0.39 किमी और डिपो चौराहे से झरनेश्वर तक की सड़क 0.35 किमी लंबी है। इन सड़कों के दोनों ओर पहले से ही नगर निगम की सड़कें हैं, लेकिन जिम्मेदारी बंटी होने से हर बारिश में मेंटनेंस में देरी होती है। भोपाल के अलावा ग्वालियर, विदिशा, जबलपुर, मंडीदीप समेत करीब 40 नगरीय निकायों में भी ऐसी छोटी सड़कें हैं, जिन्हें स्थानीय निकायों को सौंपने की योजना है। फिलहाल मामला परिषद की मंजूरी का इंतजार कर रहा है।

भोपाल नगर निगम परिषद की बैठक में लाएगा मामला ... 

नगर निगम भोपाल में इस प्रस्ताव पर मामला अटक गया है। निगम प्रशासन ने अब तक इस पर कोई निर्णय नहीं लिया है। जानकारी के अनुसार, इसे निगम परिषद की बैठक में लाने की तैयारी है। निगम सड़कों के साथ बजट की मांग भी करेगा। नगर निगम अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी का कहना है कि यह नीतिगत निर्णय है, इसलिए परिषद में चर्चा के बाद ही आगे बढ़ा जाएगा।

यूनिफाइड ज्यूरिसडिक्शन मैप भी अभी तक अधर में

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शहरी क्षेत्रों में मौजूद सड़कों का यूनिफाइड ज्यूरिसडिक्शन मैप बनाने के निर्देश दिए थे, ताकि सभी एजेंसियों की सड़कों को एक योजना के तहत लाया जा सके। इसकी शुरुआत भी भोपाल से होनी थी, जहां करीब 4700 किलोमीटर लंबी सड़कें हैं। इनमें पीडब्ल्यूडी, नगर निगम, बीडीए और हाउसिंग बोर्ड की सड़कें शामिल हैं। अलग-अलग एजेंसियों के कारण हर साल प्लानिंग और मेंटनेंस में दिक्कत आती है। इसी को ध्यान में रखते हुए पीडब्ल्यूडी ने सबसे पहले अपनी सड़कों की सूची तैयार कराई थी।



अन्य महत्वपुर्ण खबरें

 30 June 2026
भोपाल। प्रदेश में शैक्षणिक सत्र 2026-27 की शुरुआत हो चुकी है। सरकारी स्कूलों में बच्चों की चहल-पहल भी लौट आई है। स्कूलों में विद्यार्थी रंग-बिरंगे गणवेश में पहुंच रहे हैं।…
 30 June 2026
मध्य प्रदेश में अगले वर्ष प्रस्तावित स्थानीय निकाय चुनावों से पहले भाजपा और राज्य सरकार ने संगठन को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। सरकार प्रदेश के…
 30 June 2026
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मध्यप्रदेश विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष स्व. ईश्वर दास रोहाणी की जयंती पर उन्हें नमन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंगलवार को विधानसभा के सेंट्रल हाल…
 30 June 2026
राज्यमंत्री श्रीमती प्रतिमा बागरी के मुख्य आतिथ्य में नगरीय विकास एवं आवास विभाग द्वारा नमामि गंगे मिशन के अंतर्गत बेतवा नदी के वैज्ञानिक एवं समग्र पुनर्जीवन के लिए विस्तृत परियोजना…
 30 June 2026
भोपाल। निगम, मंडल, स्थानीय निकाय, नगरीय एवं ग्रामीण प्राधिकरण तथा सोसाइटियों द्वारा कोषालयों में संधारित किए जाने वाले विशेष जमा खातों की राशि पर ढाई प्रतिशत प्रति वर्ष की दर…
 30 June 2026
भोपाल। महारानी लक्ष्मीबाई (एमएलबी) गर्ल्स कालेज के पास संचालित शराब दुकान को हटाने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। कलेक्टर प्रियंक मिश्रा के निर्देश पर दुकान एक जुलाई से बंद…
 30 June 2026
भोपाल। केंद्र सरकार की पीएम-केयर्स योजना के माध्यम से प्रदेश को 13 एमआरआई मशीनें, 11 मैमोग्राफी मशीनें और 308 एआइ आधारित हैंडहेल्ड एक्स-रे उपकरण अगले तीन वर्ष में उपलब्ध कराए…
 30 June 2026
भोपाल। मध्य प्रदेश के कुछ इलाकों में हो रही मानूसनी बारिश (Monsoon in MP) अगले दो दिनों यानी 2 जुलाई में तेजी से बढ़ने की संभावना है। प्रदेश में एक…
 30 June 2026
भोपाल। विश्व एलर्जी सप्ताह के बीच शहर में सांस के मरीजों की संख्या अचानक बढ़ गई है। टीबी अस्पताल के चेस्ट ओपीडी में रोज 120 से ज्यादा मरीज खांसी, छींक…
Advt.