टाटा ने चीन की इस कंपनी को किया 'टाटा', जानिए क्या है मामले का 'अमेरिकन कनेक्शन'
Updated on
31-07-2024 05:59 PM
नई दिल्ली: देश के सबसे बड़े औद्योगिक घराने टाटा ग्रुप ने चीनी के दिग्गज स्मार्टफोन ब्रांड वीवो के भारतीय बिजनस में मैज्योरिटी हिस्सेदारी खरीदने की योजना ठंडे बस्ते में डाल दी है। सूत्रों के मुताबिक अमेरिका की कंपनी ऐपल ने इस डील पर आपत्ति जताई थी। फाइनेंशियल ईयर 2023 में वीवो की भारतीय यूनिट का रेवेन्यू 30,000 करोड़ रुपये रहा था। लेकिन कंपनी पर सरकार का दबाव है कि इसका कंट्रोल किसी भारतीय कंपनी के पास होना चाहिए। इस कारण वीवो अपनी भारतीय यूनिट में 51% हिस्सेदारी टाटा ग्रुप को बेचने पर विचार कर रही थी। लेकिन ऐपल इस डील से सहज नहीं थी क्योंकि टाटा ग्रुप उसके डिवाइस बना रहा है।
एक सूत्र ने कहा कि ऐपल की आपत्ति के कारण टाटा ग्रुप की वीवो इंडिया में मैज्योरिटी हिस्सेदारी लेने की योजना सफल नहीं हो पाई। सूत्र ने कहा कि ऐपल के लिए टाटा ग्रुप एक प्रमुख मैन्युफैक्चरिंग पार्टनर है। ऐपल और वीवो आपस में प्रतिद्वंद्वी हैं। ऐसे में यह डील ऐपल को नागवार गुजरी। शायद इसी वजह से टाटा और वीवो के बीच बातचीत टूट गई। उन्होंने कहा कि अब इस पर पुनर्विचार की संभावना बहुत कम है। ऐपल और वीवो ने उन्हें भेजे गए सवालों को जवाब नहीं दिया। टाटा ग्रुप के प्रवक्ता ने कहा कि हम इस घटनाक्रम से इनकार कर रहे हैं।
क्यों मची है खलबली
चीन की कंपनियां भारत में अपने बिजनस में कंट्रोलिंग स्टेक बेचकर स्थानीय भागीदारों को शामिल करने पर विचार कर रही हैं। इस फैसले से उनकी फंडिंग तक आसान पहुंच हो जाएगी। मोदी सरकार भारत के साथ भूमि सीमा साझा करने वाले देशों से आने वाले निवेश की कड़ी जांच कर रही है। इसके चीनी कंपनियों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। साथ ही बिजनस में एक विश्वसनीय स्थानीय भागीदार होने से चीन की कंपनियों को सरकार की मेक इन इंडिया पहल में भरोसेमंद भागीदार के रूप में उभरने में मदद मिलेगी। जानकारों का कहना है कि इससे चीनी कंपनियों को रेगुलेटरी एक्शन से बचने में मदद मिलेगी और वीजा तक उनकी पहुंच आसान होगी। एमजी मोटर के ऑनर चीन के एसएआईसी ग्रुप ने हाल ही में सज्जन जिंदल के जेएसडब्ल्यू ग्रुप को मैज्योरिटी स्टेक बेचने का फैसला किया। इसी तरह सुनील वचानी के नेतृत्व वाली डिक्सन इलेक्ट्रॉनिक्स ने भी इस्मार्टू इंडिया में 56% हिस्सेदारी खरीदने का सौदा किया। इस्मार्टू इंडिया चीन की कंपनी ट्रांसन टेक्नोलॉजी की सहायक कंपनी है। उसके पास आईटेल, इनफिनिक्स और टेक्नो जैसे ब्रांड हैं। टाटा ग्रुप इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र में आक्रामक विस्तार कर रहा है। ग्रुप ने ऐपल के मैन्युफैक्चरिंग पार्टनर ताइवान की कंपनी विस्ट्रॉन के भारत में प्लांट्स का अधिग्रहण किया है। इससे टाटा ग्रुप को
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