बांधवगढ़ में बाघ की मौत पर बढ़ा सस्पेंस, डिहाइड्रेशन और ट्रैंक्यूलाइज दवा का ओवरडोज बना शक की बड़ी वजह

Updated on 26-05-2026 12:10 PM

 भोपाल। बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में ग्रामीण महिला पर हमले के बाद मारे गए बाघ की मौत अब रहस्य बनती जा रही है। शुरुआती जांच में जहां बाघ को ट्रैंक्यूलाइज करने के दौरान दी गई बेहोशी की दवा को लेकर सवाल उठ रहे हैं।

वन्यजीव विशेषज्ञों का मानना है कि भीषण गर्मी और डिहाइड्रेशन की स्थिति में दवा का अधिक डोज बाघ की मौत का कारण बन सकता है। मामले की गंभीरता को देखते हुए राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (एनटीसीए) ने भी निगरानी बढ़ा दी है और बाघ के शव का दोबारा परीक्षण कराया गया है।

डिहाइड्रेशन में ट्रैंक्यूलाइज करना पड़ सकता है भारी

  • वन्यजीव विशेषज्ञों के अनुसार ट्रैंक्यूलाइज करने के लिए उपयोग की जाने वाली जायलोजिन जैसी दवाओं की मात्रा बाघ के वजन, स्वास्थ्य और मौसम की स्थिति को देखकर तय की जाती है। यदि बाघ पहले से भूखा-प्यासा, तनावग्रस्त या गंभीर रूप से डिहाइड्रेट हो, तो दवा का असर घातक हो सकता है। ऐसी स्थिति में ब्लड प्रेशर और सांस लेने की गति अचानक धीमी पड़ जाती है, जिससे मौत की आशंका बढ़ जाती है।
  • वन्यजीव विशेषज्ञ डा. सुदेश बाघमारे का कहना है कि अत्यधिक गर्मी में बाघों पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है। साइबेरियाई मूल के बाघों ने भारतीय परिस्थितियों के अनुरूप खुद को ढाल तो लिया है, लेकिन वे भीषण गर्मी अधिक समय तक सहन नहीं कर पाते।

मुख्य वन्यप्राणी अभिरक्षक ने कही अलग बात

  • मुख्य वन्यप्राणी अभिरक्षक डा. समीता राजौरा ने स्पष्ट किया कि जब चिकित्सकों ने बाघ को ट्रैंक्यूलाइज करने के लिए डार्ट मारा, तब तक उसमें कोई हलचल नहीं थी। प्रारंभिक जांच में संकेत मिले हैं कि बाघ संभवत: बेहोशी की दवा लगने से पहले ही दम तोड़ चुका था।
  • उन्होंने बताया कि मौत के वास्तविक कारणों का पता पोस्टमार्टम, फोरेंसिक जांच और विसरा रिपोर्ट आने के बाद ही चल सकेगा।

एनटीसीए की निगरानी में दोबारा परीक्षण

मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए एनटीसीए के निर्देश पर जबलपुर में बाघ के शव का पुन: परीक्षण कराया गया। इस दौरान एसडब्ल्यूएफएच जबलपुर, मुकुंदपुर और डब्ल्यूसीटी के विशेषज्ञ पशु चिकित्सकों की टीम ने शव के करीब 15 अंगों के नमूने एकत्र किए। पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी और फोटोग्राफी भी कराई गई है।

जल संकट बढ़ा रहा बाघ-मानव संघर्ष

विशेषज्ञों का मानना है कि जंगलों में बढ़ते जल संकट के कारण वन्यजीव आबादी वाले क्षेत्रों की ओर आ रहे हैं। बांधवगढ़ और कान्हा जैसे टाइगर रिजर्व में प्राकृतिक जल स्रोत तेजी से सूख रहे हैं। आरोप है कि वन विभाग कृत्रिम जल स्रोतों में पर्याप्त पानी उपलब्ध कराने में नाकाम रहा है। यही वजह है कि बाघ पानी की तलाश में गांवों तक पहुंच रहे हैं और मानव-बाघ संघर्ष की घटनाएं बढ़ रही हैं।



अन्य महत्वपुर्ण खबरें

 21 September 2026
वीएन दास, अयोध्या : चढ़ावा चोरी प्रकरण के बाद राम मंदिर परिसर में अब व्यवस्था और चुस्त-दुरुस्त करने का सिलसिला जारी है। हालांकि मीडिया से कनेक्टिविटी का काम पेंडिंग हैं।…
 21 September 2026
लखनऊ: बॉलीवुड के मशहूर गीतकार मनोज मुंतशिर और समाजवादी पार्टी के बीच आजकल वार और पलटवार का दौर चल रहा है। एक न्‍यूज चैनल से बातचीत में मनोज मुंतशिर ने…
 21 September 2026
नालंदा: खुदागंज थाना क्षेत्र के शोभा बिगहा गांव में पांच हजार रुपये की रंगदारी नहीं देने पर बदमाशों ने दिनदहाड़े युवक की गोली मारकर हत्या कर दी। बदमाशों ने युवक…
 21 September 2026
भागलपुर: बिहार के भागलपुर जिले में सोमवार को बाढ़ के पानी में डूबने से छह बच्चों की मौत हो गई। हादसा सुल्तानगंज थाना क्षेत्र के नारायणपुर गांव में हुआ। मृतकों…
 21 September 2026
मुंबई : इंडिगो की केबिन क्रू मेंबर कैनूर मिस्त्री (32) की मौत हो गई। 18 सितंबर को बोरीवली ईस्ट में एक सड़क दुर्घटना में उनके सिर पर गंभीर चोटें आई…
 20 September 2026
गोरखपुर से लोकमान्य तिलक टर्मिनस जा रही कुशीनगर एक्सप्रेस के इंजन से अचानक धुआं उठने से रेलवे में हड़कंप मच गया। इटारसी स्टेशन से रवाना होने के बाद ट्रेन को…
 20 September 2026
जबलपुर के सिहोरा में शनिवार रात करीब 9:30 बजे 3 लोगों ने एक युवक की हत्या कर दी। आरोपियों ने बहन को भगाकर ले जाने वाले युवक के छोटे भाई…
 20 September 2026
राहुल गांधी के ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम के लिए 18 सितंबर की रात तक कांग्रेस की तैयारियां पूरी थीं। पार्टी नेता और कार्यकर्ता पूरे उत्साह में थे, लेकिन 19 सितंबर…
 20 September 2026
पूर्व मंत्री इमरती देवी ने ग्वालियर में आयोजित एक कार्यक्रम में मंच पर बैठे लोगों को 'हत्यारा' और 'हत्या के आरोपी' बताया। खास बात यह रही कि सांसद भारत सिंह…
Advt.