
ग्वालियर। गैरकानूनी तरीके से भारत में घुसे विदेशी अहमद अलमक्की की बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका पर हाईकोर्ट में जस्टिस रोहित आर्या और जस्टिस दीपक कुमार अग्रवाल की बैंच में बुधवार को सुनवाई की। मप्र शासन की ओर से जवाब पेश करने के लिए समय मांगा गया। हाईकोर्ट ने शासन को एक माह का समय दिया है। केंद्र की ओर से जवाब पेश किया जा चुका है। इसमें अलमक्की की याचिका को खारिज करने की मांग की गई है। अलमक्की ने खुद को सऊदी नागरिक बताते हुए अपने देश पहुंचाने की मांग की है। 2014 में गिरफ्तार किया गया था अल मक्की: यहां बता दें, अलमक्की को पड़ाव पुलिस ने स्टेशन बजरिया से 21 सितंबर 2014 को गिरफ्तार किया था। सजा पूरी होने के लगभग दो साल बाद भी अल मक्की डिटेंशन सेंटर में है। अलमक्की ने स्वयं को सऊदी अरब का निवासी बताया और अपने देश वापस भेजने की गुहार लगाई है। वहीं इस मामले में अगली सुनवाई 25 अगस्त को होगी। इसी दिन मप्र शासन को अपना जवाब पेश करना होगा।
21 सितंबर 2014 को स्टेशन बजरिया में बांग्लादेशी पासपोर्ट पर सिम खरीदने के प्रयास में अहमद अलमक्की को पड़ाव पुलिस ने पकड़ा था। उसके पास से बांग्लादेश का पासपोर्ट, सऊदी अरब का ड्राइविंग लाइसेंस मिला था। इसके बाद पुलिस ने उसे पासपोर्ट एक्ट, घुसपैठ करने पर केस दर्ज कर कोर्ट में पेश किया था। यहां से 37 महीने की सजा हुई। सजा पूरी करने के बाद वह 23 अक्टूबर 2017 को रिहा हुआ था। कोर्ट ने उसको रिहा करने के साथ ही पुलिस को निर्देशित किया था कि उसको उसके देश वापस पहुंचाने का इंतजाम किया जाए।
पकड़े जाने के बाद पुलिस घुसपैठिये को डिटेन कर रही थी। 12 जून 2018 को महलगांव मस्जिद से लौटते में पड़ाव थानाक्षेत्र के एलआइसी तिराहा पर आरक्षक विजय शंकर को चकमा देकर भाग गया था। ग्वालियर से भागा घुसैपठिया अहमद अलमक्की हैदराबाद जा पहुंचा था। ग्वालियर की पड़ाव थाना पुलिस ने उसे हैदराबाद में सायबराबाद कमिश्नरेट के राजेंद्र नगर थाना क्षेत्र से दोस्त इस्माइल के घर से पकड़ा था।