श्रीलंका ने चीनी जहाज को घुसने नहीं दिया:अब मालदीव की ओर बढ़ रहा भारत की जासूसी का शक नौसेना सतर्क

Updated on 24-01-2024 12:36 PM

हिंद महासागर में चीन का दखल बढ़ता जा रहा है। इससे भारत की चिंता बढ़ रही है। इस बीच चीन का एक जासूसी जहाज मालदीव की तरफ बढ़ रहा है। यह मालदीव की राजधानी माले के बंदरगाह पहुंचेगा। हालांकि इसके पहुंचने की तारीख के बारे में जानकारी सामने नहीं आई है। कयास लगाया जा रहा है कि यह फरवरी के पहले हफ्ते में माले पहुंच सकता है।

भारतीय नौसेना इसके मूवमेंट पर नजर बनाए हुए है। न्यूज एजेंसी रॉयटर्स को भारतीय नौसेना के एक अधिकारी ने कहा- चीन का खुफिया जहाज जियांग यांग होंग 03 इंडोनेशिया के सुंडा स्ट्रेट से होते हुए हिंद महासागर में घुसा और अब मालदीव की तरफ बढ़ रहा है। यह मालदीव इसलिए जा रहा है, क्योंकि श्रीलंका ने इसे अपने किसी भी बंदरगाह पर रुकने की इजाजत नहीं दी।

चीनी जासूसी जहाज जियांग यांग होंग 03 इसके पहले 2019 और 2020 में मालदीव के माले में लंगर डाल चुका है। इसे बंगाल की खाड़ी और अरब सागर में भी देखा जा चुका है, जिसके बाद भारत को जासूसी का खतरा बढ़ता नजर आया।

भारत की चिंता की एक वजह मालदीव के साथ बिगड़ते रिश्ते
चीनी जहाज का मालदीव पहुंचना ऐसे समय हो रहा है जब एक तरफ भारत-मालदीव के रिश्तों में खटास और चीन-मालदीव के रिश्तों में नजदीकियां देखी जा रही है।

मालदीव के राष्ट्रपति मुइज्जू ने 8-12 जनवरी को चीन का दौरा किया था। वहां से लौटने के बाद उन्होंने चीन की तारीफ की थी। कहा था- चीन हमारे आंतरिक मसलों में दखल नहीं देता। उन्होंने यह भी कहा था कि हमारा देश छोटा है, लेकिन इसका ये मतलब नहीं की किसी को हमें धमकाने का लाइसेंस मिल गया है।

15 नवंबर 2023 को मालदीव के नए राष्ट्रपति और चीन समर्थक कहे जाने वाले मोहम्मद मुइज्जू ने शपथ ली थी। इसके बाद से भारत और मालदीव के रिश्तों में खटास आई है।

दरअसल, मोहम्मद मुइज्जू ने अपनी चुनावी कैंपेन में इंडिया आउट का नारा दिया। उन्होंने सत्ता में आने के बाद मालदीव में मौजूद भारत के सैनिकों को निकाल लेने के आदेश दिए। भारत के साथ हाइड्रोग्राफिक सर्वे एग्रीमेंट खत्म करने की घोषणा की। इसके बाद मालदीव के दो मंत्रियों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की लक्षद्वीप विजिट को लेकर उनके और भारत के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी कर दी।

चीन खुफिया जहाज को रिसर्च शिप कहता है
चीन के पास कई जासूसी जहाज हैं। वो भले ही कहता हो कि वो इन शिप का इस्तेमाल रिसर्च के लिए करता है, लेकिन इनमें पावरफुल मिलिट्री सर्विलांस सिस्टम होते हैं। मालदीव और श्रीलंकाई बंदरगाह पर पहुंचने वाले चीनी जहाजों की जद में आंध्रप्रदेश, केरल और तमिलनाडु के कई समुद्री तट आ जाते हैं।

एक्सपर्ट का कहना है कि चीन ने भारत के मुख्य नौसेना बेस और परमाणु संयंत्रों की जासूसी के लिए इस जहाज को श्रीलंका भेजा है। चीन के जासूसी जहाजों में हाई-टेक ईव्सड्रॉपिंग इक्विपमेंट (छिपकर सुनने वाले उपकरण) लगे हैं। यानी श्रीलंका के पोर्ट पर खड़े होकर यह भारत के अंदरूनी हिस्सों तक की जानकारी जुटा सकता है।

साथ ही पूर्वी तट पर स्थित भारतीय नौसैनिक अड्डे इस शिप की जासूसी के रेंज में होंगे। चांदीपुर में इसरो के लॉन्चिंग केंद्र की भी इससे जासूसी हो सकती है। इतना ही नहीं देश की अग्नि जैसी मिसाइलों की सारी सूचना जैसे कि परफॉर्मेंस और रेंज के बारे में यह जानकारी चुरा सकता है।

एक महीने से ज्यादा समय से भारत इस जासूसी जहाज पर कड़ी नजर रख रहा है। यह 23 सितंबर को मलक्का जलडमरूमध्य से हिंद महासागर में पहुंचा। 10 सितंबर को अपने होमपोर्ट गुआंगजौ से निकलने के बाद इसे 14 सितंबर को सिंगापुर में देखा गया था।

इन जासूसी जहाजों को चीन की सेना ऑपरेट करती है
चीन के पास कई जासूसी जहाज हैं। ये पूरे प्रशांत, अटलांटिक और हिंद महासागर में काम करने में सक्षम हैं। ये शिप जासूसी कर बीजिंग के लैंड बेस्ड ट्रैकिंग स्टेशनों को पूरी जानकारी भेजते हैं। चीन युआन वांग क्लास शिप के जरिए सैटेलाइट, रॉकेट और इंटरकॉन्टिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइल की लॉन्चिंग को ट्रैक करता है।

अमेरिकी रक्षा विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक, इस शिप को चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी यानी PLA की स्ट्रैटेजिक सपोर्ट फोर्स यानी SSF ऑपरेट करती है। SSF थिएटर कमांड लेवल का ऑर्गेनाइजेशन है। यह PLA को स्पेस, साइबर, इलेक्ट्रॉनिक, इन्फॉर्मेशन, कम्युनिकेशन और साइकोलॉजिकल वारफेयर मिशन में मदद करती है।

चीन के जासूसी जहाज पावरफुल ट्रैकिंग शिप हैं। ये शिप अपनी आवाजाही तब शुरू करते हैं, जब भारत या कोई अन्य देश मिसाइल टेस्ट कर रहा होता है। शिप में हाईटेक ईव्सड्रॉपिंग इक्विपमेंट (छिपकर सुनने वाले उपकरण) लगे हैं। इससे यह 1,000 किमी दूर हो रही बातचीत को सुन सकता है।

मिसाइल ट्रैकिंग शिप में रडार और एंटीना से बना इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम लगा होता है। ये सिस्टम अपनी रेंज में आने वाली मिसाइल को ट्रैक कर लेता है और उसकी जानकारी एयर डिफेंस सिस्टम को भेज देता है। यानी, एयर डिफेंस सिस्टम की रेंज में आने से पहले ही मिसाइल की जानकारी मिल जाती है और हमले को नाकाम किया जा सकता है।

महासागर में QUAD देशों की चुनौती से डरा हुआ है चीन
भारत, अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया और जापान के समुद्री रक्षा मंच QUAD को चीन खतरा मानता है। चीन इसे डरकर अपनी समुद्री रक्षा तैयारियों में जुटा है। QUAD के लिए हिंद-प्रशांत क्षेत्र सामरिक रूप से अहम है, चीन यहां अपनी मौजूदगी चाहता है।



अन्य महत्वपुर्ण खबरें

 20 September 2026
ढाका: बंगाली समाज में कहावत है 'इलिश छाड़ा पूजा अधूरा' यानि हिलसा के बिना दुर्गा पूजा अधूरी है। लेकिन पिछले कुछ समय से दक्षिण एशियाई समुद्री व्यापार के गलियारों में…
 20 September 2026
ढाका: बांग्लादेश की संसद में विपक्ष के चीफ व्हिप और नेशनल सिटिजन पार्टी (NCP) के संयोजक नाहिद इस्लाम ने प्रधानमंत्री तारिक रहमान को शेख हसीना वाले अंजाम की धमकी दी…
 20 September 2026
वॉशिंगटन/नई दिल्ली: रूस से तेल खरीदने की वजह से अमेरिका अब भारत समेत चीन, अजरबैजान, तुर्की जैसे देशों पर 100 फीसदी टैरिफ लगा सकता है। सबसे ज्यादा खतरा भारत को…
 20 September 2026
तेल अवीव: भविष्य में लड़ी जाने वाली लड़ाइयों में जीत उसी की होगी जो टेक्नोलॉजी का अत्यधिक इस्तेमाल करे। शायद फायटर जेट या भारी भरकम हथियार जंग का रूख ना…
 20 September 2026
तेहरान: ईरान के सिक्योरिटी चीफ ने कहा है कि तेहरान ने अमेरिका के साथ बातचीत शुरू करने के लिए 7 शर्तें रखी हैं। ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल (SNSC)…
 20 September 2026
स्टॉकहोम: महाराष्ट्र के शिक्षाविद अशोक विखे पाटिल की बेटी नीला विखे पाटिल 13 सितंबर को हुए स्वीडन के राष्ट्रीय चुनाव में स्टॉकहोम शहर निर्वाचन क्षेत्र से स्वीडिश संसद के लिए…
 20 September 2026
इस्लामाबाद: पाकिस्तान ने इस हफ्ते मोस्ट वांटेड आतंकवादी मसूद अजहर पर रखे गये 50 लाख के इनाम को बढ़ाकर 70 लाख कर दिया है। मसूद अजहर वही आतंकवादी है जिसके…
 20 September 2026
ओट्टावा: कनाडा की सरकार ने देश में रहने वाले हिंदुओं के लिए बड़ा फैसला लिया है। ब्रिटिश कोलंबिया के सरे शहर में एक अस्थित विसर्जन के लिए आधिकारिक जगह बनाई…
 19 September 2026
वॉशिंगटन: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने H-1B नॉन-इमिग्रेंट वीजा प्रोग्राम की निगरानी को सख्त करने वाले एग्जीक्यूटिव ऑर्डर पर साइन किए हैं। ट्रंप प्रशासन का कहना है कि कुछ एम्प्लॉयर्स,…
Advt.