सिंध, पश्तून, बलूच... पाकिस्तान में हर कोई मांग रहा 'आजादी', जिन्ना के मुल्क के टुकड़े-टुकड़े कर देगी ये कंगाली?

Updated on 16-02-2023 06:30 PM
इस्लामाबाद : पाकिस्तान की सीमाएं भारत, अफगानिस्तान, ईरान और चीन से मिलती हैं। मुल्क चार प्रांतों में बंटा हुआ है- पंजाब, सिंध, खैबर पख्तूनख्वा और बलूचिस्तान। इसके अलावा पीओके (पाक अधिकृत कश्मीर) और गिलगित-बाल्टिस्तान पर उसका अवैध कब्जा है। एक वक्त था जब पाकिस्तान के इन सभी प्रांतों और क्षेत्रों में विविध संस्कृति, भाषाओं और मान्यताओं का पालन करने वाले लोग रहते थे। लेकिन कट्टरपंथ और आतंकवाद को पालने वाला देश इन्हें एकजुट रखने में विफल हो गया। गंभीर आर्थिक और राजनीतिक संकट ने पाकिस्तान में सांप्रदायिक और अलगाववादी हिंसा को बढ़ावा दिया है।

पाकिस्तानियों का शहबाज शरीफ के नेतृत्व वाली गठबंधन सरकार पर से काफी हद तक भरोसा उठ गया है। महंगाई जैसे मुद्दों पर इमरान खान को घेर कर सत्ता में आए शहबाज खुद देश पाकिस्तान में ठोस आर्थिक सुधार लागू करने में विफल हो रहे हैं। पाकिस्तान के विशेषज्ञ नवीद बसीर कहते हैं, 'पाकिस्तान में जो भी सरकार, सेना या अदालतें कर रही हैं, लोग उससे खुश नहीं हैं। वे ऐसे आंदोलनों की तलाश में हैं जो उनका नेतृत्व कर सकें।'

तेज हो गया है बलूच आंदोलन

पाकिस्तान में बलूच अपनी ही जमीन पर अल्पसंख्यक के रूप में रह रहे हैं। पाकिस्तानी सेना और खुफिया एजेंसी आईएसआई उनका उत्पीड़न कर रहे हैं। जैसे-जैसे पाकिस्तान पर कर्ज बढ़ रहा है और विदेशी मुद्रा भंडार घट रहा है, आर्थिक संकट से बलूचों की स्थिति और भी गंभीर होती जा रही है। बलूचिस्तान में लंबे समय से जारी अलगाववादी आंदोलन अब और तेज हो गया है। बलूच पाकिस्तान सरकार और उसके सबसे करीबी दोस्त चीन को अपना सबसे बड़ा दुश्मन मानते हैं।

पाकिस्तान में हर कोई मांग रहा 'आजादी'

पाकिस्तान में आज जय सिंध कौमी महाज (JSQM), वर्ल्ड सिंधी कांग्रेस और जय सिंध फ्रीडम मूवमेंट जैसे कई स्वतंत्रता-समर्थक संगठनों को सिंध से बड़े पैमाने पर समर्थन मिल रहा है। सिंधियों को अब महसूस हो रहा है कि पाकिस्तान के साथ जुड़कर रहने से, उनका भविष्य अनिश्चित और खतरनाक हो सकता है। इसलिए एक अलग मुल्क के लिए आवाजें तेज हो गई हैं। भेदभाव, गरीबी और अपनी सिंधी संस्कृति और भाषा का पतन झेल रहा पाकिस्तान का यह हिस्सा आजादी के लिए लड़ने की खातिर दृढ़ है।

क्या मुल्क के हो जाएंगे टुकड़े-टुकड़े?

एएनआई की रिपोर्ट के अनुसार, पाकिस्तान के बाकी नागरिकों की तरह पश्तून भी लगातार बिगड़ती आर्थिक स्थिति की वजह से सरकार में विश्वास खो चुके हैं। भेदभाव और उत्पीड़न की मार झेल रहे पीओके और गिलगित-बाल्टिस्तान के लोग तो पहले से ही पाकिस्तान सरकार के खिलाफ प्रदर्शन करते रहे हैं। आसमान छू रही महंगाई, खाने-पीने और दवा की कमी, बेरोजगारी और सरकार के प्रति बढ़ते अविश्वास ने पाकिस्तान विरोधी प्रदर्शनों को और तेज कर दिया है। सवाल यह है कि क्या आर्थिक संकट से जन्मा विद्रोह पाकिस्तान के कई टुकड़ों के साथ शांत होगा?

अन्य महत्वपुर्ण खबरें

 14 September 2026
बर्न: स्विटजरलैंड की राजधानी बर्न में गर्मियों के दौरान आरे नदी के किनारे अनोखा नजारा देखने को मिलता है। ऑफिस में काम करने वाले लोग, छात्र और स्थानीय निवासी नदी…
 14 September 2026
अंटार्कटिका: साल 1957 में अंटार्कटिका के पास दूर-दराज स्थित करगुएलेन द्वीप पर सिर्फ एक नर और एक मादा मौफ्लॉन यानि जंगली भेड़ों को छोड़ा गया था। जीव विज्ञान के स्थापित…
 14 September 2026
ढाका: बांग्लादेश ने शायद तय कर लिया है कि उसे भारत के बजाए पाकिस्तान से अच्छे संबंध बनाने हैं। रविवार को बांग्लादेश के राष्ट्रपति मिर्जा फखरुल इस्लाम आलमगीर ने दोनों…
 14 September 2026
इस्लामाबाद: हूती विद्रोहियों के खिलाफ लड़ाई में सऊदी अरब को धोखा देने के बाद पाकिस्तान अब रियाद के साथ रिश्तों को संभालने की कोशिश में लग गया है। पाकिस्तान के…
 14 September 2026
बर्न: पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की पूर्व पत्नी जेमिमा गोल्डस्मिथ ने अरबपति फाइनेंसर कैमरन ओ'रेली से शादी कर ली है। शादी एक हफ्ते पहले हुई है। गोल्डस्मिथ 52…
 08 September 2026
इस्लामाबाद: आतंकवादी गतिविधियों में उम्र कैद की सजा काट रहे कश्मीरी अलगाववादी यासीन मलिक की पाकिस्तानी पत्नी मुशाल हुसैन मलिक ने पति की रिहाई की गुहार लगाई है। मुशाल हुसैन…
 08 September 2026
तेल अवीव/नई दिल्ली: भारतीय वायुसेना जोधपुर एयरफील्ड में इस महीने 9 से 22 सितंबर तक कई देशों के साथ संयुक्त युद्धाभ्यास करने वाली है। इसमें शामिल होने के लिए जापान…
 08 September 2026
तेल अवीव: इजरायल के पूर्व प्रधानमंत्री नेफ्ताली बेनेट ने आरोप लगाया है कि 7 अक्टूबर 2023 को हुए हमले को लेकर प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को पहले से जानकारी थी। नेफ्ताली…
 08 September 2026
पेरिस: फ्रांस की राजधानी पेरिस में विवाद के पास मशहूर एफिल टावर को फिलहाल पर्यटकों के लिए बंद कर दिया गया है। एफिल टावर को बंद करने का फैसला कर्मचारियों…
Advt.