ईरान की न्यूक्लियर साइट्स में बड़ी हलचल, सैटेलाइट तस्वीरों में दिखी कवरिंग, क्या छिपाने की कोशिश?

Updated on 31-01-2026 12:46 PM
तेहरान: ईरान ने पिछले साल इजरायल और अमेरिका की बमबारी का निशाना बनी दो न्यूक्लियर साइट्स पर नया कंस्ट्रक्शन किया है। सैटेलाइट तस्वीरों से यह खुलासा हुआ है, जिससे यह चिंता बढ़ गई है कि तेहरान क्षतिग्रस्त सुविधाओं पर फिर से काम शुरू कर दिया होगा। प्लैनेट लैब्स PBC की तस्वीरों में ईरान की इस्फहान और नतांज परमाणु सुविधा पर इमारतों के ऊपर नई छतें बनीं दिखाई दे रही हैं। पिछले साल जून 12 दिनों के युद्ध के दौरान इजरायल और अमेरिका ने इन सुविधाओं पर बमबारी की थी। जून के हमले के बाद परमाणु सुविधा में सैटेलाइट से दिखाई देने वाली यह पहली बड़ी गतिविधि है।

सैटेलाइट से नजर रखना होगा मुश्किल

समाचार एजेंसी एसोसिटेड प्रेस ने इन तस्वीरों को जारी किया है और बताया कि नया निर्माण एक तरह से कवरिंग है जो सैटेलाइट को देखने से रोकते हैं कि जमीन पर क्या हो रहा है। इन गतिविधियों ने विश्लेषकों को चिंतित कर दिया है, क्योंकि ईरान ने इंटरनेशनल एटॉमिक एनर्जी एजेंसी (IAEA) ने पर्यवेक्षकों को रोक दिया है। ऐसे में ईरान की परमाणु गतिविधियों पर नजर रखने के लिए रिमोट मॉनिटरिंग की मुख्य जरिया बचा है।यह जानकारी ऐसे समय में आई है जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को लगातार धमकी दी है कि वह अपने न्यूक्लियर कार्यक्रम पर डील करे या फिर हमले का सामना करने के लिए तैयार रहे। अमेरिका ने एक बड़ा नौसैनिक बेड़ा मिडिल ईस्ट में भेजा है। इसमें एयरक्राफ्ट कैरियर USS अब्राहम लिंकन और कई गाइडेड मिसाइल विध्वंसक शामिल हैं। ट्रंप ने कहा कि यह बेड़ा वेनेजुएला के पास तैनात किए गए नौसैनिक जमावड़े से भी बड़ा है।

ईरान के नए निर्माण पर क्या कहते हैं एक्सपर्ट?

एक्सपर्ट का कहना है कि ईरान की परमाणु सुविधाओं पर नया ढांचा किसी पुनर्निर्माण का नहीं, बल्कि इस बात का संकेत देता है कि वह बचाव कार्यों को छिपाने की कोशिश की जा रही है। वॉशिंगटन स्थित फाउंडेशन फॉर डिफेंस ऑफ डेमोक्रेसीज की एंड्रिया स्ट्राइकर ने बताया कि वे (ईरान) किसी भी बरामद संपत्ति को हासिल करना चाहते हैं, जिसे वे इजरायल या अमेरिका को दिखाए बिना हासिल कर सकें।

ईरान की परमाणु सुविधाओं पर हमला

इजरायल ने पिछले साल जून में ईरान पर बड़ा हमला किया था। उस समय ईरान की तीन प्रमुख परमाणु सुविधाएं थीं। तेहरान के दक्षिण में 22 किलोमीटर की दूरी पर नतांज में एडवांस सेंट्रीफ्यूज थे जो यूरेनियम को 60% का समृद्ध करते थे। दूसरी सुविधा इस्फहान में थी, जहां यूरेनियम गैस का उत्पादन होता था। इसका इस्तेमाल संवर्धन में किया था। तीसरी सुविधा फोर्डो में एक पहाड़ के नीचे बहुत गहराई में थी।इजरायल ने शुरुआती हमलों में ही इन परमाणु सुविधाओं को निशाना बनाया। बाद में अमेरिका ने बंकर-बस्टिंग बम और क्रूज मिसाइलों का इस्तेमाल करके हमले किए। हमलों को बाद वॉइट हाउस ने बताया था कि ईरान के परमाणु कार्यक्रम को काफी नुकसान पहुंचा है और यह बहुत कमजोर हो गया है। हालांकि, नुकसान के विवरण के बारे में कोई विस्तृत जानकारी नहीं हैं। वहीं, एक्सपर्ट का कहना है कि संभवतः ईरान ने हमलों के पहले संवर्धित यूरेनियम को स्थलों से हटा लिया था।

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