विज्ञान का लक्ष्य समाज के साथ मिलकर अधिक संवहनीय समावेशी एवं न्यायसंगत भविष्य का निर्माण करना- प्रो. आशुतोष शर्मा

Updated on 17-06-2023 05:49 PM

G-20 अंतर्गत साइंस-20 के 2 दिवसीय सम्मेलन के प्रथम दिवस उद्घाटन सत्र की अध्यक्षता कर रहे भारतीय राष्ट्रीय विज्ञान अकादमी (INSA) के अध्यक्ष प्रो. आशुतोष शर्मा ने कहा कि विज्ञान का लक्ष्य समाज के साथ मिलकर अधिक संवहनीय, समावेशी एवं न्यायसंगत भविष्य का निर्माण करना है। प्रो. शर्मा ने कहा विज्ञान एवं संस्कृति परस्पर जुड़े हुए हैं। संस्कृति, वैज्ञानिक शोध की दिशा एवं सीमाओं का निर्धारण करती है। वैज्ञानिक अनुसंधानों को महत्व प्रदान करने का कार्य समाज द्वारा किया जाता है। वर्तमान वैश्विक परिवेश में विचारों का आदान-प्रदान, आपसी समझ एवं सामाजिक हितों के प्रति सतर्कता, भविष्य में सहयोगात्मक एवं साझे विकास के लिए अहम है। भोपाल के ताज होटल में "कनेक्टिंग साइंस टू सोसायटी एंड कल्चर" थीम पर आयोजित सम्मेलन में G-20 देशों, आमंत्रित राज्यों और अंतर्राष्ट्रीय संगठनों के वैज्ञानिक समुदाय के प्रतिनिधि शामिल हुए। सम्मेलन के शुभारंभ में मध्यप्रदेश विज्ञान एवं प्रोद्योगिकी विभाग के प्रमुख सचिव श्री निकुंज श्रीवास्तव उपस्थित रहे।

प्रो. शर्मा ने भविष्य की चुनौतियों, पर्यावरण बदलाव, डाटा इनक्लूज़न, थिंकिंग मशीनों का प्रादुर्भाव आदि का उल्लेख किया। इन चुनौतियों का सामना वैश्विक सहयोग एवं समाज की सक्रियता से किया जा सकता है। उन्होंने वैश्विक संस्कृतियों के परंपरागत ज्ञान के संरक्षण एवं विकास मॉडल में उनके उपयोग पर बल दिया। इंफोर्मेड डिसिज़न मेकिंग के लिये वैज्ञानिक सोच का विकास एवं सर्वव्यापीकरण आवश्यक है। वैश्विक स्तर पर सरकारों को वैज्ञानिक साक्षरता को बढ़ावा देने के लिए समेकित प्रयास करने चाहिए। शोध क्षेत्र में कैरियर का चयन करने के लिए आगामी पीढ़ी को प्रेरित करना एवं अवसर उपलब्ध कराने के प्रयासों को बढ़ावा देना होगा।

समाज के सभी घटकों को वैज्ञानिक विकास में शामिल करें- प्रो. अहमद नजीब बुरहानी

इंडोनेशिया के प्रो. अहमद नजीब बुरहानी ने समावेशी वैज्ञानिक विकास के लिए समाज के सभी अंगों विशेषकर महिलाओं की सहभागिता बढ़ाने के लिए वैश्विक समुदाय को प्रयास करने की बात कही। प्रो. बुरहानी ने कहा कि संवहनीय विकास के लिए परंपरागत आजीविका व्यवहारों की पहचान एवं विकास मॉडल में उनका यथोचित उपयोग किया जाना चाहिए। उन्होंने इंडोनेशिया के मेडिसिनल प्लांट, परंपरागत कृषि पद्धति तथा समुद्री इकोसिस्टम को संरक्षित कर मत्स्यपालन के परंपरागत “सासी पद्धति” का उल्लेख किया। इस दौरान उन्होंने महात्मा गाँधी के विचार "मानवता के बिना विज्ञान महत्वहीन है" का उल्लेख भी किया। प्रो. बुरहानी ने भारत एवं इंडोनेशिया के ऐतिहासिक संबंधों और एकरूपता को रेखांकित किया।

ब्राज़ील के प्रतिनिधि प्रो. रुबेन ओलिवन ने कहा कि सामाजिक समस्याओं को आधार मानकर विकास की नीतियों का निर्माण किया जाना चाहिये। परंपरागत ज्ञान को मान्यता प्रदान किया जाना महत्वपूर्ण है। प्रो. ओलिवन ने ब्राज़ील में इस दिशा में किए जा रहे प्रयासों का उल्लेख किया।

 

एकजुट होकर कार्य करना मानवता की सबसे बड़ी शक्ति - डॉ. राजगोपाल चिदंबरम

पद्मविभूषण से सम्मानित डॉ. राजगोपाल चिदंबरम ने कान्फ्रेंस की थीम की ओपनिंग टॉक में कहा कि वैज्ञानिक समुदाय का दायित्व है कि वह सामाजिक समस्याओं के उन्मूलन के लिए प्रयास करें। वैज्ञानिक समुदाय को समस्या निवारण शोध के लिये प्रयासरत रहना चाहिए। सफल परिणामों की सुनिश्चितता के इंतज़ार में न रहकर प्रयास करते रहना चाहिए। आपने कहा मानवता की सबसे बड़ी ताक़त एकजुट होकर कार्य करना है। वैश्विक समुदाय आपसी सहयोग से ही सामुदायिक समस्याओं से निजात पा सकता हैं। प्रो. चिदंबरम ने दिव्यांगों के सहयोग हेतु आईआईटी दिल्ली और चेन्नई में बाढ़ पूर्वानुमान एवं प्रबंधन के लिए आईआईटी बॉम्बे के सहयोग से तैयार C-Flows तकनीकी का उल्लेख किया।

सम्मेलन के प्रथम दिवस में दो थीम सत्र रखे गये है । ये शिक्षा और कौशल, कानून और शासन, विरासत और संस्कृति के लिए विज्ञान और प्रौद्योगिकी पर ध्यान केंद्रित है। फ्रंटियर टेक्नोलॉजीज, भविष्य के समाज एवं समाज और संस्कृति के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर चर्चा प्रमुख रूप से केंद्रित होगी। इन सत्रों में अलग-अलग विषयों पर विषय विशेषज्ञ अपने विचार रखेंगे। उल्लेखनीय हैं कि साइंस-20, G-20 का एक साइंस एंगेजमेंट वर्टिकल है, जिसे वर्ष 2017 में जर्मनी की अध्यक्षता के दौरान स्थापित किया गया था। इसमें सभी G-20 देशों की वैज्ञानिक अकादमियाँ शामिल हैं। भारत की अध्यक्षता में हो रहे G-20 में इंडोनेशिया और ब्राजील, भारत के साथ ट्रोइका सदस्य हैं। साइंस-20 इंगेजमेंट ग्रुप का मुख्य उद्देश्य नीति निर्माताओं को आम सहमति पर आधारित विज्ञान-संचालित अनुशंसा करना है।


अन्य महत्वपुर्ण खबरें

 04 July 2026
भोपाल। रेलवे स्टेशनों पर रहने वाले बेसहारा, भिक्षुक, निराश्रित, महिलाओं और बच्चों की पहचान कर उन्हें सुरक्षा और सहायता उपलब्ध कराने के लिए मध्य प्रदेश जीआरपी का 'आपरेशन हमदर्द' प्रभावी…
 04 July 2026
भोपाल। मध्य प्रदेश पुलिस आरक्षक बैंड भर्ती परीक्षा-2026 के दौरान लाल परेड मैदान में दस्तावेज सत्यापन के समय फर्जीवाड़ा करने वाला आरोपित अभ्यार्थी गिरफ्तार हो गया। पुलिस विभाग में भर्ती…
 04 July 2026
 भोपाल। प्रदेश में 10 वर्षों से लंबित पदोन्नति का सिलसिला प्रारंभ हो गया है। सामान्य प्रशासन विभाग ने शुक्रवार को 162 सहायक ग्रेड दो को सहायक अनुभाग अधिकारी के पद…
 04 July 2026
भोपाल। न्यू आरिफ नगर में गुरुवार देर रात शुरू हुआ हाई-वोल्टेज ड्रामा शुक्रवार दोपहर हादसे में बदल गया। करीब 12 घंटे तक पेड़ की ऊंची शाखा पर बैठा युवक रेस्क्यू…
 04 July 2026
भोपाल। कोहेफिजा थाना क्षेत्र में दोस्ती के भरोसे बुलाकर अड़ीबाजी और कार लूटने का मामला सामने आया है।बदमाशों ने पहले एक परिचित युवक को परवलिया स्थित ढाबे पर खाने के…
 04 July 2026
भोपाल। दक्षिण-पश्चिम मानसून ने शुक्रवार को मध्य प्रदेश में रफ्तार पकड़ ली। इंदौर सहित हरदा, खंडवा और देवास में झमाझम वर्षा हुई, जबकि राजधानी भोपाल समेत प्रदेश के अधिकांश हिस्सों…
 04 July 2026
भोपाल । लंबे समय से कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय का कैकेई राग जारी है। कभी कैबिनेट की बैठक से नदारद रहते हैं, तो कभी बोलते हैं कि मैं टेंपरेरी मंत्री…
 04 July 2026
भोपाल। प्रदेश सरकार ने शुक्रवार देर रात नौ IPS अधिकारियों के तबादले कर दिए। रुचिवर्धन मिश्र पुलिस महानिरीक्षक भोपाल ग्रामीण जोन होंगी। वहीं, हरिनारायण चारी अब पुलिस मुख्यालय में एससीआरबी…
 04 July 2026
भोपाल। बरकतउल्ला विश्वविद्यालय (बीयू) में शुक्रवार को आयोजित 'शिक्षा संवाद' कार्यक्रम में उस समय भावुक माहौल बन गया, जब उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार ने कार्यवाहक कुलपति प्रो. विवेक…
Advt.