भारत से एससीओ सम्‍मेलन का बदला या नाराजगी! आखिर जी20 में क्‍यों नहीं आ रहे हैं चीन के राष्‍ट्रपति शी जिनपिंग

Updated on 06-09-2023 02:29 PM
बीजिंग: चीन के राष्‍ट्रपति शी जिनपिंग ने नौ और 10 सितंबर को भारत की राजधानी नई दिल्‍ली में आयोजित जी20 सम्‍मेलनन से किनारा कर लिया है। अगर कोविड-19 के प्रतिबंधों को हटा दिया जाए तो यह पहला मौका है जब जिनपिंग जी20 सम्‍मेलन से दूर रहेंगे। कई विशेषज्ञों ऐसा करके कहीं न कहीं चीन, भारत और पश्चिमी देशों को एक महत्वपूर्ण अंतरराष्‍ट्रीय मंच पर अपनी भागीदारी को कम करके आंकने का 'जानबूझकर संकेत' भेज रहा है। वहीं कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि कहीं न कहीं चीन इस बात से नाराज है कि भारत ने शंघाई को-ऑपरेशन ऑर्गनाइजेशन (एससीओ) सम्‍मेलन को वर्चुअली आयोजित कर लिया था।

एससीओ के आयोजन से नाराज
चीन मामलों के जानकारों की मानें तो जी-20 शिखर सम्मेलन से अनुपस्थिति चीन की इस मंच के प्रति असहजता को दर्शाती है। वह बाकी मंचों जैसे ब्रिक्स और एससीओ में अपनी भागीदारी के विपरीत बर्ताव कर रहा है। चीन को समझने वालों की मानें तो अगर भारत ने एससीओ शिखर सम्मेलन का व्यक्तिगत रूप से आयोजन किया होता तो जिनपिंग बहुत हद तक दिल्‍ली में होते। इस चीन और रूस समर्थित संगठन को जिनपिंग बहुत महत्व देते हैं। भारत ने शुरुआत में एक शिखर सम्मेलन की योजना बनाई थी लेकिन बाद में इसे आभासी रूप से आयोजित करने का फैसला किया।

G20 में चीन पर दबाव
चीन में भारत के राजदूत रहे अशोक कांत ने अखबार द हिंदू से बातचीत में कहा, 'ब्रिक्स में, जिनपिंग अधिक सहज महसूस करते हैं क्योंकि इसका एजेंडा और परिणाम चीन के प्रभाव वाला होता है। जबकि जी20 में, चीन पर बहुत अधिक दबाव है। रूस के राष्‍ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की अनुपस्थिति का मतलब है कि चीन पर और ज्‍यादा दबाव आना।' उन्‍होंने आगे कहा कि चीन के लोग महसूस करते हैं कि ब्रिक्स और एससीओ पर उनका बहुत अधिक नियंत्रण है।

एलएसी पर हालात
कई विशेषज्ञों ने जिनपिंग के भारत न आने की वजह वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) की स्थिति को मानते हैं। उनकी मानें तो शिखर सम्मेलन में शामिल न होना, चीन की नाराजगी को व्यक्त करता है। भारत और चीन के बीच इस समय संबंध ठीक नहीं हैं। भारत साफ कह चुका है कि जब तक एलएसी पर शांति बहाल नहीं होगी तब तक है संबंध भी सामान्‍य नहीं हो सकते हैं। साथ ही चीन यह भी मानता है कि भारत ने जी20 का 'राजनीतिकरण' कर दिया है। जबकि इसे केवल आर्थिक मुद्दों तक सीमित होना चाहिए। इस मंच से यूक्रेन युद्ध जैसे मसलों को नहीं उठाना चाहिए।

जानबूझकर लिया गया फैसला
अशोक कांत का कहना है कि जिनपिंग का यह फैसला 'आश्चर्यजनक' है। जिनपिंग ने पिछले सभी जी-20 शिखर सम्मेलनों में हिस्‍सा लिया था। वह साल 2021 में इटली में हुए जी20 शिखर सम्मेलन में भी वर्चुअली शामिल हुए थे। 24 अगस्त को दक्षिण अफ्रीका के जोहान्‍सबर्ग गए और ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में अपनी मौजूदगी दर्ज कराई। ऐसे में स्वास्थ्य कारण भी कोई वजह नजर नहीं आती है। पिछले ही हफ्ते जिनपिंग ने बेनिन के राष्ट्रपति से मुलाकात की और वीडियो के जरिए व्यापार पर एक महत्वपूर्ण सम्मेलन को भी संबोधित किया। इसलिए यह एक जानबूझकर लिया गया फैसला है।


अन्य महत्वपुर्ण खबरें

 19 September 2026
वॉशिंगटन: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने H-1B नॉन-इमिग्रेंट वीजा प्रोग्राम की निगरानी को सख्त करने वाले एग्जीक्यूटिव ऑर्डर पर साइन किए हैं। ट्रंप प्रशासन का कहना है कि कुछ एम्प्लॉयर्स,…
 19 September 2026
काबुल: अफगान तालिबान ने पाकिस्तान को चेतावनी दी है कि अगर उसने अफगानिस्तान के अंदर सैन्य कार्रवाई की तो उसे करारा जवाब मिलेगा। तालिबान के प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद ने कहा…
 19 September 2026
वॉशिंगटन: अमेरिका और डेनमार्क ने ग्रीनलैंड की सुरक्षा को लेकर समझौते का ऐलान किया है। इसके जरिए उस राजनयिक विवाद को सुलझा लेने का दावा किया गया है, जो राष्ट्रपति…
 19 September 2026
वॉशिंगटन: टेक अरबपति ब्रायन जॉनसन लंबे समय से चर्चा में रहे हैं। इसकी वजह उनका एक मुश्किल दिनचर्या का पालन करते हुए बढ़ती उम्र को रोकना और मौत को टालने…
 19 September 2026
बीजिंग: इस साल फरवरी के आखिर में इजरायल-अमेरिका ने ईरान पर हमले शुरू किए थे। इससे पश्चिम एशिया में एक भीषण जंग छिड़ी। इस लड़ाई के कुछ ही हफ्ते बाद…
 19 September 2026
इस्लामाबाद: आज यानी शनिवार 19 सितम्बर को सिंधु जल संधि 66 साल की हो गई है। 19 सितम्बर 1960 को इस संधि पर कराची में हस्ताक्षर हुए थे। भारत और…
 18 September 2026
वॉशिंगटन: अमेरिका का F-16 फाइटर जेट क्रैश हुआ है। गुरुवार को मिशिगन के ग्रामीण इलाके में F-16 हादसे का शिकार हुआ है। हालांकि पायलट समय रहते सुरक्षित बाहर निकलने में…
 18 September 2026
ढाका: लंदन से बांग्लादेश जा रही बिमान बांग्लादेश एयरलाइंस की फ्लाइट में 2 यात्रियों के बीच जमकर मारपीट हो गई। दोनों यात्रियों के बीच सीट को लेकर विवाद हुआ था,…
 18 September 2026
वॉशिंगटन: अमेरिकी एयरफोर्स के 14 अफसर बांग्लादेश पहुंचे हैं। ये अफसर एक विशेष फ्लाइट से ढाका पहुंचे, जिसके बाद इनको वीजा उपलब्ध कराया गया। बांग्लादेशी गृह मंत्रालय की ओर से…
Advt.