भारत-पाकिस्तान में मध्यस्थता के लिए तैयार... पाकिस्‍तानी भाषा क्‍यों बोलने लगे रूसी राजदूत? शहबाज और एर्दोगन से मिलेंगे पुतिन

Updated on 12-12-2025 12:48 PM
आश्गबत: रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की शुक्रवार को तुर्कमेनिस्तान में तुर्की के प्रेसिडेंट रेसेप तैयप एर्दोगन के साथ बैठक होनी है। दोनों नेता इंटरनेशनल पीस एंड ट्रस्ट फोरम में भाग लेने के तुर्कमेनिस्तान में हैं। पाकिस्तान के पीएम शहबाज शरीफ भी इस फोरम में शामिल हो रहे हैं। ऐसे में पुतिन की एर्दोगन के साथ-साथ शरीफ से भी मुलाकात होनी है। तीनों नेताओं की मुलाकात ध्यान खींच रही है क्योंकि पुतिन ने हाल ही में भारत का बहुचर्चित दौरा किया है। दूसरी ओर तुर्की और पाकिस्तान के साथ भारत के संबंध इस समय निचले स्तर पर हैं। पुतिन के इस दौरे के बीच रूसी राजदूत ने बताया है कि उनका पाकिस्तान को लेकर क्या प्लान है। रूसी अधिकारी ने इस्लामाबाद की भाषा बोलते हुए भारत-पाकिस्तान में मध्यस्थता का भी ऑफर दिया है।

ट्रिब्यून की रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तान में रूस के राजदूत अल्बर्ट पी खोरेव ने गुरुवार को इस्लामाबाद से रिश्ते पर बयान दिया है। खोरेव ने बताया है कि रूस वेस्टर्न पेमेंट नेटवर्क पर निर्भरता कम करने के लिए पाकिस्तान के साथ दूसरे बैंकिंग चैनल खोज रहा है। ऐसा जरूरी है क्योंकि दोनों देशों को लंबे समय से पेमेंट में दिक्कतें आ रही हैं। ऐसे में पाकिस्तान और रूस पेमेंट की मुश्किलों को दूर करने के लिए रोडमैप पर काम कर रहे हैं।

पाक-रूस के बेहतर रिश्ते पर जोर

अल्बर्ट पी खोरेव ने रूस-पाकिस्तान के रिश्ते पर कहा, 'ट्रेड और एनर्जी मामलों में दोनों मुल्क आगे बढ़ने में कामयाब रहे हैं। पाकिस्तान और रूस ने पाकिस्तान स्टील मिल्स (PSM) को फिर से शुरू करने के लिए समझौते (MoU) पर साइन किए हैं। हम PSM को फिर से शुरू करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
रूस ने पाकिस्तान की स्टील मिल लगाने में मदद की थी। ऐसे में एक्सपर्ट का मानना है कि PSM को फिर से शुरू करने में मॉस्को की भूमिका अहम है। रूसी राजदूत ने कहा है कि रूस की ओर से पाकिस्तान के साथ कल्चरल रिश्तों को बढ़ावा देने पर भी काम हो रहा है। हम लोगों के बीच संपर्क बढ़ा रहे हैं।

भारत-पाकिस्तान में मध्यस्थता

पाकिस्तान और भारत के बीच मध्यस्थता में रूस की भूमिका पर खोरेव ने कहा, 'दोनों देशों को डिप्लोमैटिक तरीके अपनाते हुए विवाद का हल निकालना चाहिए। अगर पाकिस्तान और भारत सहमत होते हैं तो फिर रूस दोनों पड़ोसियों के बीच रिश्तों को नॉर्मल बनाने के लिए मध्यस्थ की भूमिका निभाने के लिए तैयार हैं।'

रिपोर्ट के मुताबिक, कश्मीर मुद्दे पर रूसी राजनयिक ने कहा कि पाकिस्तान और भारत को यह मामला आपस में हल करना चाहिए। दोनों देशों को तीसरे पक्ष को शामिल किए बिना इसे हल करना चाहिए। उन्होंने पाकिस्तान की सेंट्रल एशियाई देशों के साथ कनेक्टिविटी बढ़ने से इस्लामाबाद-मॉस्को की पार्टनरशिप मजबूत होने की बात कही।

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