RBI मॉनेटरी पॉलिसी कमेटी की मीटिंग आज से:इस बार भी रेपो रेट में बदलाव की उम्मीद नहीं

Updated on 03-04-2024 02:24 PM

रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) की आज (3 मार्च) यानी बुधवार से मॉनेटरी पॉलिसी कमेटी (MPC) की मीटिंग शुरू होगी। यह मीटिंग 5 मार्च तक चलेगी। ये वित्त वर्ष 2024-25 की पहली मीटिंग होगी।

जानकारों के अनुसार इस मीटिंग में RBI रेपो रेट यानी इंटरेस्ट रेट में बदलाव की उम्मीद नहीं है। अभी रेपो रेट 6.50% पर बनी हुई है। RBI ने इससे पहले फरवरी में हुई बैठक में ब्याज दरों में कोई बढ़ोतरी नहीं की थी।

वित्त वर्ष 2022-23 में रेपो रेट 6 बार में 2.50% बढ़ाईं थी
मॉनेटरी पॉलिसी की मीटिंग हर दो महीने में होती है। वित्त वर्ष 2022-23 की पहली मीटिंग अप्रैल-2022 में हुई थी। तब RBI ने रेपो रेट को 4% पर स्थिर रखा था, लेकिन RBI ने 2 और 3 मई को इमरजेंसी मीटिंग बुलाकर रेपो रेट को 0.40% बढ़ाकर 4.40% कर दिया था।

22 मई 2020 के बाद रेपो रेट में ये बदलाव हुआ था। इसके बाद 6 से 8 जून को हुई मीटिंग में रेपो रेट में 0.50% इजाफा किया। इससे रेपो रेट 4.40% से बढ़कर 4.90% हो गई। फिर अगस्त में इसे 0.50% बढ़ाया गया, जिससे ये 5.40% पर पहुंच गई।

सितंबर में ब्याज दरें 5.90% हो गई। फिर दिसंबर में ब्याज दरें 6.25% पर पहुंच गईं। इसके बाद वित्त वर्ष 2022-23 की आखिरी मॉनेटरी पॉलिसी की मीटिंग फरवरी में हुई, जिसमें ब्याज दरें 6.25% से बढ़ाकर 6.50% कर दी गई थीं।

RBI रेपो रेट क्यों बढ़ाता या घटाता है?
RBI के पास रेपो रेट के रूप में महंगाई से लड़ने का एक शक्तिशाली टूल है। जब महंगाई बहुत ज्यादा होती है तो, RBI रेपो रेट बढ़ाकर इकोनॉमी में मनी फ्लो को कम करने की कोशिश करता है। रेपो रेट ज्यादा होगा तो बैंकों को RBI से मिलने वाला कर्ज महंगा होगा। बदले में बैंक अपने ग्राहकों के लिए लोन महंगा कर देंगे। इससे इकोनॉमी में मनी फ्लो कम होगा। मनी फ्लो कम होगा तो डिमांड में कमी आएगी और महंगाई घटेगी।

इसी तरह जब इकोनॉमी बुरे दौर से गुजरती है तो रिकवरी के लिए मनी फ्लो बढ़ाने की जरूरत पड़ती है। ऐसे में RBI रेपो रेट कम कर देता है। इससे बैंकों को RBI से मिलने वाला कर्ज सस्ता हो जाता है और ग्राहकों को भी सस्ती दर पर लोन मिलता है। इस उदाहरण से समझते है। कोरोना काल में जब इकोनॉमिक एक्टिविटी ठप हो गई थी तो डिमांड में कमी आई थी। ऐसे में RBI ने ब्याज दरों को कम करके इकोनॉमी में मनी फ्लो को बढ़ाया था।

रिवर्स रेपो रेट के बढ़ने-घटने से क्या होता है?
रिवर्स रेपो रेट उस दर को कहते है जिस दर पर बैंकों को RBI पैसा रखने पर ब्याज देता है। जब RBI को मार्केट से लिक्विडिटी को कम करना होता है तो वो रिवर्स रेपो रेट में इजाफा करता है। RBI के पास अपनी होल्डिंग के लिए ब्याज प्राप्त करके बैंक इसका फायदा उठाते हैं। इकोनॉमी में हाई इंफ्लेशन के दौरान RBI रिवर्स रेपो रेट बढ़ाता है। इससे बैंकों के पास ग्राहकों को लोन देने के लिए फंड कम हो जाता है।



अन्य महत्वपुर्ण खबरें

 22 September 2026
नई दिल्ली: मुंबई के जुहू में देश की सबसे बड़ी लग्जरी होम डील में से एक ने सबका ध्यान खींचा है। एंजल वन के फाउंडर, चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर दिनेश…
 22 September 2026
नई दिल्ली: देश के ऑटो मार्केट में एक नया ट्रेंड देखने को मिल रहा है। पहली बार कार खरीदने वाले ग्राहक ऑटो मार्केट में लौट रहे हैं। चालू वित्त वर्ष…
 22 September 2026
नई दिल्ली: नेशनल स्टॉक एक्सचेंज ऑफ इंडिया (NSE) के 22,569 करोड़ रुपये के आईपीओ में पैसा लगाने वाले निवेशकों का इंतजार आज खत्म हो सकता है। आईपीओ के 5.71 गुना…
 22 September 2026
नई दिल्ली: म्यूचुअल फंड एसआईपी में निवेशकों की संख्या आय दिन बढ़ती दिख रही है। मार्केट के जानकार बताते हैं कि शेयर बाजार में सीधे निवेश के बजाय लोग म्यूचुअल…
 22 September 2026
नई दिल्ली: एचडीएफसी बैंक ने सीईओ पद के लिए आरबीआई को दो नाम भेजे हैं। इनमें ICICI प्रूडेंशियल लाइफ इंश्योरेंस के MD और CEO अनूप बागची और HDFC बैंक के…
 22 September 2026
नई दिल्ली: हम जब भी कोई नया स्मार्टफोन खरीदते हैं तो सबसे पहला काम उसकी स्क्रीन को सुरक्षित रखने के लिए उसपर टेम्पर्ड ग्लास या स्क्रीन प्रोटेक्टर लगवाते हैं। दुकान…
 21 September 2026
नई दिल्ली: कच्चे तेल की कीमत में हाल में आई तेजी के बीच बांग्लादेश ने पेट्रोल और डीजल की कीमतों में 17.4% तक की बढ़ोतरी की है। पहले से ही…
 21 September 2026
नई दिल्ली: ऑस्ट्रेलिया में बेहतर भविष्य की तलाश में पहुंचे एक भारतीय की कहानी सोशल मीडिया पर लोगों का ध्यान खींच रही है। 11 साल पहले पढ़ाई के लिए ऑस्ट्रेलिया…
 21 September 2026
नई दिल्ली: लोक गायिका और बिहार की 26 साल की विधायक मैथिली ठाकुर इस समय लग्जरी कार रोल्स रॉयस को लेकर चर्चा में हैं। हाल में वह मुंबई में लालबागचा…
Advt.