Byju से अलग होंगे रवींद्रन निवेशकों ने कर दी कंपनी से बाहर करने की मांग अमेरिका में बैंकरप्सी के लिए आवेदन

Updated on 02-02-2024 01:06 PM
नई दिल्ली: कभी देश की सबसे वैल्यूएबल स्टार्टअप रही एडटेक कंपनी बायजू की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। दो साल में इसकी वैल्यू 22 अरब डॉलर से गिरकर 25 करोड़ डॉलर रह गई है। इस बीच कंपनी के बड़े निवेशकों ने कंपनी के को-फाउंडर और सीईओ बायजू रवींद्रन को कंपनी से बाहर करने की मांग की है। उन्होंने बायजू की पेरेंट कंपनी थिंक एंड लर्न प्राइवेट लिमिटेड को एक नोटिस भेजकर असाधारण आम बैठक बुलाने की मांग की है। उनका कहना है कि इसमें कंपनी के बोर्ड को नए सिरे से गठित करने और कंपनी की लीडरशिप में बदलाव पर चर्चा होनी चाहिए। अभी बायजू के बोर्ड में बायजू रवींद्रन, उनकी भाई रीजू रवींद्रन और पत्नी दिव्या गोकुलनाथ शामिल हैं। इस बीच अमेरिका में बायजू की एक यूनिट ने अमेरिका में बैंकरप्सी प्रॉसीडिंग्स के लिए आवेदन किया है। बायजू की अल्फा यूनिट की एसेट्स 50 करोड़ से एक अरब डॉलर के बीच है।

बायजू के निवेशकों में जनरल अटलांटिक, पीक-15 पार्टनर्स, सोफिना, चैन जुकरबर्ग इनिशिएटिव, आउल और सैंड्स शामिल हैं। बायजू में इनकी कुल मिलाकर करीब 30 प्रतिशत हिस्सेदारी है। उनका कहना है कि बायजू के शेयरधारकों के एक ग्रुप ने जुलाई और दिसंबर में भी बोर्ड की बैठक बुलाने का अनुरोध भी किया था, लेकिन इसे नजरअंदाज कर दिया गया। इन निवेशकों ने गुरुवार को एक बयान में कहा कि हम कंपनी की मौजूदा हालत को देखते हुए उसके भविष्य को लेकर काफी चिंतित हैं। कंपनी की मौजूदा लीडरशिप और बोर्ड कंपनी को संभालने में नाकाम रहा है। बायजू लंबे समय से गंभीर वित्तीय संकट से जूझ रही है और इसकी स्थिति लगातार विकट होती जा रही है।

गिरवी रखने पड़े मकान

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, बायजू को बचाने के लिए रवींद्रन को बेंगलुरु स्थित दो घर और एक निर्माणाधीन विला गिरवी रखना पड़ा है। वह व्यक्तिगत स्तर पर 40 करोड़ डॉलर का कर्ज ले चुके हैं। इसके लिए उन्होंने कंपनी में अपने सारे शेयर दांव पर लगा दिए हैं। अब उनके पास कैश नहीं बचा है।
फाइनेंशियल ईयर 2022 में बायजू की पेरेंट कंपनी को 8,245 करोड़ रुपये का घाटा हुआ था जबकि कंपनी ने अब तक फाइनेंशियल ईयर 2023 का लेखाजोखा घोषित नहीं किया है। हाल में खबर आई थी कि मनिपाल एजुकेशन एंड मेडिकल ग्रुप के चेयरमैन रंजन पई आकाश इंस्टीट्यूट में सबसे बड़े शेयरहोल्डर बन गए हैं। बायजू की पेरेंट कंपनी थिंक एंड लर्न ने 2021 में आकाश इंस्टीट्यूट को 95 करोड़ डॉलर में खरीदा था।

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