
ग्वालियर में क्राइम ब्रांच ने NHM संविदा स्टाफ नर्सिंग परीक्षा के पेपर आउट कांड पकड़े गए पुष्कर पांडे, राजीव नारायण मिश्रा, तरुणेश अरजरिया को सोमवार तक की पुलिस रिमांड पर लिया है। तरुणेश की जिस ईमेल आईडी पर MEL कंपनी के सर्वर से पेपर आउट होकर आया था। उसे पुलिस रिकवर करने का प्रयास कर रही है। तरुणेश बार-बार ई-मेल आइडी का गलत एड्रेस व पासवर्ड पुलिस को बता रहा है।
उसका कहना है कि वह ईमेल बनाकर भूल जाते थे। इसलिए उन्हें याद नहीं है। जबकि पुलिस को पता लगा है कि इन तीनों के संबंध राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, उत्तर प्रदेश, हरियाणा व दिल्ली में प्रतियोगी परीक्षाएं कराने वाली कई कंपनियों के अफसरों से संबंध थे। जिससे आशंका है कि यह कई पेपर आउट कर चुके हैं7 अब पुलिस की टीम भोपाल जाएगी और पता लगाएगी कि इन्होंने कहां से सिम खरीदी थी।
ग्वालियर क्राइम ब्रांच ने शुक्रवार को राजीव नारायण मिश्रा, पुष्कर पांडे को कोर्ट में पेश कर सोमवार तक की पुलिस रिमांड पर लिया था। शनिवार को पुलिस ने तरुणेश अरजरिया को कोर्ट में पेश किया है। उसको भी सोमवार तक की पुलिस रिमांड पर लिया है। अभी पुलिस को पता लगा है कि पुष्कर, राजीव व तरुणेश भोपाल में ही रहा करते थे। वहीं से पूरे रैकेट को अंजाम दिया। पुलिस ने रिमांड पर लेकर तरुणेश से उसके ईमेल आईडी के बारे मंे पूछताछ की है जिससे उसने पेपर आउट किया था, लेकिन वह बार-बार पुलिस को गुमराह कर रहा है। वह कभी कोई आईडी बताता है तो कभी पासवर्ड अलग बताता है। अब पुलिस की साइबर एक्सपर्ट की टीम तरुणेश की ईमेल आईडी को रिकवर करने के लिए पूरा प्रयास कर रही है। अब पुलिस भोपाल जाएगी और पता लगाएगी कि उसने भोपाल में कहां से सिम और मोबाइल खरीदा है। जहां वह सिम फेंकना बता रहा है वहां जाकर छानबीन करेगी। इसके साथ ही उसके घर पहुंचकर भी छानबीन करेगी।
ऐसे पकड़े गए थे मास्टर माइंड राजीव और पुष्कर
नेशनल हेल्थ मिशन के संविदा स्टाफ नर्सिंग भर्ती परीक्षा पर्चा लीक कांड में 30 दिन की कड़ी घेराबंदी के बाद 9 मार्च को मास्टरमाइंड पुष्कर पांडे और राजीव नारायण मिश्रा उर्फ आरएन को दिल्ली हाइवे से बिना नंबर की फॉर्च्यूनर गाड़ी से गिरफ्तार किया था। पुलिस ने शुक्रवार को दोनों को कोर्ट में पेश किया है। जहां से कोर्ट ने दोनों आरोपियों को तीन दिन की पुलिस रिमांड पर सौंप दिया है। पुलिस की अब तक की पूछताछ में पकड़े गए मास्टरमाइंड ने बताया है कि उन्होंने पर्चा बनाने वाली कंपनी MEL के सर्वर से लिया था। साथ ही उन्होंने बताया है कि पुलिस से बचने के लिए उन्होंने 5 दिन पहले ही नई फॉर्च्यूनर गाड़ी खरीदी है। पुलिस की टीमें लगातार मास्टरमाइंड को पकड़ने के लिए 5 राज्यों के 30 शहरों में लगातार दबिश दे रही थी।
अब तक 13 आरोपी पकड़े जा चुके हैं
ग्वालियर क्राइम ब्रांच ने गैंग के 13 सदस्यों को अभी तक इस रैकेट में पकड़ा है, इनमें धनंजय पुत्र सुशील पांडे रानीपुर प्रयागराज उत्तर प्रदेश, रजनीश उर्फ रवि पुत्र रमेश जाट, जोगिंदर पुत्र रामचंद्र जाट निवासी सोनीपत हरियाणा, ऋषिकांत पुत्र रामभरोसे त्यागी महलगांव ग्वालियर, सौरभ पुत्र अवधेश तिवारी मिर्जापुर उत्तर प्रदेश, मनीष पुत्र शिवकुमार पासवान नालंदा बिहार, विपिन पुत्र वीरेंद्र शर्मा अटेर भिंड, दीपू पुत्र सतराम पांडे निवासी नारायण विहार कॉलोनी थाना गोला का मंदिर ग्वालियर हैं। इसके बाद अमित गहरवार और जयपुर से प्रेम प्रकाश उर्फ प्रेम खींची को भी पुलिस ने पकड़ा था। 9 मार्च को पुलिस ने मास्टर माइंड राजीव नारायण मिश्रा उर्फ आरएन व पुष्कर पांडे को गिरफ्ता किया था। शुक्रवार को 13वां आरोपी पन्ना निवासी तरुणेश अरजरिया पकड़ा गया है।
यह है पूरा मामला
ग्वालियर के डबरा स्थित टेकनपुर में 7 फरवरी को NHM संविदा स्टाफ नर्सिंग परीक्षा से पहले पुलिस ने पेपर आउट करने वाली गैंग के 8 सदस्यों को गिरफ्तार किया था। पेपर रद्द कर दिया था। बाद में हाईकोर्ट ने भी आगामी आदेश तक परीक्षाओं पर रोक लगा दी। आरोपी हाईवे पर होटल से 2 से 3 लाख रुपए में नर्सिंग की तैयारी कर रहे छात्रों को आने वाले पेपर के सवाल सॉल्व करा रहे थे।गिरोह के अन्य सदस्य व चेन को तलाशने के लिए पुलिस की 6 टीम, जिनमें 45 जवान व अफसर थे। चार से पांच राज्यों में 10 दिन तक खाक छानने के बाद लौट आए थे। इसके बाद पुलिस ने भोपाल से एक एजेंट को पकड़ा, जिसके अकाउंट में मास्टरमाइंड ट्रांजेक्शन करता था। डेढ़ महीने में 50 लाख और एक साल में डेढ़ करोड़ रुपए फेक पंजीयन पर बनी कंपनी के नाम पर खोले गए खाते में आए थे। अब तक इस मामले में 13 आरोपी पकड़े जा चुके हैं।