चीन के यार मोइज्जू से मिले पीएम मोदी, हिंद महासागर में भारत की चिंता समझेगा मालदीव?

Updated on 02-12-2023 02:17 PM
दुबई: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दुबई में आयोजिक सीओपी28 शिखर सम्मेलन से इतर मालदीव के राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू से मुलाकात की है। मुइज्जू को चीन समर्थक नेता माना जाता है। उन्होंने राष्ट्रपति बनते ही मालदीव में मौजूद भारतीय सेना को देश छोड़ने का हुक्म दिया है। इतना ही नहीं, मुइज्जू ने अपनी पहली विदेश यात्रा के तौर पर कट्टर इस्लामी देश तुर्की को चुना है। ऐसे में मुइज्जू से पीएम मोदी की मुलाकात काफी अहम बताई जा रही है। मालदीव हिंद महासागर में स्थित देश है, जो भारत के काफी करीब है। ऐसे में मुइज्जू के शासनकाल में मालदीव में अगर चीन की मौजूदगी और ज्यादा बढ़ती है तो यह भारत के लिए चिंता की बात हो सकती है।


मुइज्जू से मुलाकात पर विदेश मंत्रालय का बयान

मुइज्जू से पीएम मोदी की मुलाकात पर भारतीय विदेश मंत्रालय ने भी बयान जारी किया है। विदेश मंत्रालय ने कहा है कि दुबई में सीओपी28 शिखर सम्मेलन के इतर पीएम मोदी ने मालदीव के राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू से मुलाकात की। पीएम मोदी ने राष्ट्रपति मुइज्जू को पदभार ग्रहण करने पर बधाई दी। दोनों नेताओं ने लोगों से लोगों के बीच जुड़ाव, विकास सहयोग, आर्थिक संबंध, जलवायु परिवर्तन और खेल सहित दोनों देशों के बीच व्यापक द्विपक्षीय संबंधों की समीक्षा की। मंत्रालय ने बताया कि दोनों नेताओं ने अपनी साझेदारी को और गहरा करने के तरीकों पर भी चर्चा की। इस संबंध में वे एक कोर ग्रुप गठित करने पर सहमत हुए।

भारत को लेकर कैसी है मुइज्जू की नीति


मुइज्जू ने अपने चुनावी अभियान के दौरान इंडिया आउट का नारा दिया था। उन्होंने लगभग अपने हर चुनावी भाषण में मालदीव में मौजूद भारतीय सैनिकों को वापस भेजने की बात कही थी। मुइज्जू ने चुनाव में जीत और शपथग्रहण के बाद दोनों मौकों पर भारतीय सैनिकों की वापसी की मांग को दोहराया। हालांकि, मुइज्जू ने यह साफ किया है कि वह भारतीय सैनिकों की जगह किसी और देश के सैनिकों को तैनात करने के पक्ष में नहीं हैं। उन्होंने यह भी कहा था कि उनकी नीति मालदीव फर्स्ट की है।

मालदीव में चीन की मौजूदगी से बढ़ेगी भारत की टेंशन


मालदीव हिंद महासागर में रणनीतिक रूप से काफी महत्वपूर्ण जगह पर स्थित है। वह भारत के भी काफी करीब है। ऐसे में अगर मालदीव में चीन की मौजूदगी बढ़ती है तो इससे भारत का दक्षिणी हिस्सा असुरक्षित हो सकता है। भारत पहले से ही श्रीलंका में चीन की उपस्थिति को लेकर सतर्क है। मालदीव के चीन के कर्ज के जाल में भी फंसने की आशंका है। अगर मालदीव में चीन समर्थक शक्तियां मजबूत होती हैं तो इससे भारत का समर्थन करने वाले राजनेताओं की मुश्किलें बढ़ सकती हैं।


अन्य महत्वपुर्ण खबरें

 19 September 2026
वॉशिंगटन: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने H-1B नॉन-इमिग्रेंट वीजा प्रोग्राम की निगरानी को सख्त करने वाले एग्जीक्यूटिव ऑर्डर पर साइन किए हैं। ट्रंप प्रशासन का कहना है कि कुछ एम्प्लॉयर्स,…
 19 September 2026
काबुल: अफगान तालिबान ने पाकिस्तान को चेतावनी दी है कि अगर उसने अफगानिस्तान के अंदर सैन्य कार्रवाई की तो उसे करारा जवाब मिलेगा। तालिबान के प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद ने कहा…
 19 September 2026
वॉशिंगटन: अमेरिका और डेनमार्क ने ग्रीनलैंड की सुरक्षा को लेकर समझौते का ऐलान किया है। इसके जरिए उस राजनयिक विवाद को सुलझा लेने का दावा किया गया है, जो राष्ट्रपति…
 19 September 2026
वॉशिंगटन: टेक अरबपति ब्रायन जॉनसन लंबे समय से चर्चा में रहे हैं। इसकी वजह उनका एक मुश्किल दिनचर्या का पालन करते हुए बढ़ती उम्र को रोकना और मौत को टालने…
 19 September 2026
बीजिंग: इस साल फरवरी के आखिर में इजरायल-अमेरिका ने ईरान पर हमले शुरू किए थे। इससे पश्चिम एशिया में एक भीषण जंग छिड़ी। इस लड़ाई के कुछ ही हफ्ते बाद…
 19 September 2026
इस्लामाबाद: आज यानी शनिवार 19 सितम्बर को सिंधु जल संधि 66 साल की हो गई है। 19 सितम्बर 1960 को इस संधि पर कराची में हस्ताक्षर हुए थे। भारत और…
 18 September 2026
वॉशिंगटन: अमेरिका का F-16 फाइटर जेट क्रैश हुआ है। गुरुवार को मिशिगन के ग्रामीण इलाके में F-16 हादसे का शिकार हुआ है। हालांकि पायलट समय रहते सुरक्षित बाहर निकलने में…
 18 September 2026
ढाका: लंदन से बांग्लादेश जा रही बिमान बांग्लादेश एयरलाइंस की फ्लाइट में 2 यात्रियों के बीच जमकर मारपीट हो गई। दोनों यात्रियों के बीच सीट को लेकर विवाद हुआ था,…
 18 September 2026
वॉशिंगटन: अमेरिकी एयरफोर्स के 14 अफसर बांग्लादेश पहुंचे हैं। ये अफसर एक विशेष फ्लाइट से ढाका पहुंचे, जिसके बाद इनको वीजा उपलब्ध कराया गया। बांग्लादेशी गृह मंत्रालय की ओर से…
Advt.