भोपाल। जिले की ग्राम पंचायतों में पीएचई विभाग द्वारा जल जीवन मिशन के तहत किए जा रहे कार्यों में किस कदर लापरवाही बरती जा रही है, इसका एक नमूना ग्राम पंचायत अचारपुरा में देखने को मिला। यहां पीएचई के अधिकारियों ने नई बनाई गई पानी की टंकी में टैंकरों से पानी भरकर उसे अधिकारियों के सामने 10 मिनट चलाकर दिखा दिया। इसके बाद से अब तक टंकी सूखी पड़ी हुई है और ग्रामीण भीषण गर्मी में पेयजल के लिए परेशान हो रहे हैं। पीएचई द्वारा ग्रामीणों के साथ किए जा रहे इस छल का खुलासा बुधवार को जनपद पंचायत फंदा की साधारण सभा की बैठक में उपाध्यक्ष मलखान सिंह ठाकुर ने किया है। बैठक में जनपद पंचायत फंदा के अध्यक्ष प्रमोद राजपूत, जनपद सदस्य, विभागों कें अधिकारी उपस्थित थे।
जैसे ही काम बताना किए शुरू, वैसे ही लिया आड़े हाथ
पीएचई विभाग के अधिकारी असगर अली ने बैठक में जल जीवन मिशन के तहत किए जा रहे कार्यों को जैसे ही बताना शुरू किया तो उपाध्यक्ष मलखान सिंह ठाकुर ने उन्हें आड़े हाथ लेते हुए कहा कि ग्राम पंचायत अचारपुरा की पठार पर लाखों रुपये से जो पानी की टंकी बनाई है, उसमें जलापूर्ति करने का कोई स्रोत ही नहीं हैं। दिखावे के लिए टंकी में टैंकरों से पानी भरकर चलाकर दिखा दिया और अब वह पूरी तरह से सूखी पड़ी हुई है। पीएचई के अधिकारी ग्रामीणों के साथ धोखा कर रहे हैं और सरकार की योजनाओं को पलीता लगाते हुए भ्रष्टाचार कर रहे हैं। इसकी जांच होनी चाहिए। उपाध्यक्ष की इस बात का बैठक में मौजूद सभी सदस्यों ने समर्थन किया। इस दौरान फंदा के मुख्य कार्यपालन अधिकारी शंकर नामदेव सदस्यों को आश्वासन देते रहे।
पंचायतों का हाल है बेहाल
सदस्यों का कहना है कि गांव की जनता भीषण गर्मी में पानी के लिए तरस रही है और पीएचई विभाग मनमर्जी कर रहा है। कई पंचायतों में पानी की लाइन बिछाने के लिए सड़कें खोद डाली हैं, जो अब तक नहीं बनाई गई है। वहीं ग्राम पंचायत खुरचनी की सरपंच कविता वर्मा ने बताया कि पानी की टंकी सिर्फ देखने के लिए बनी है। नल आते ही नहीं हैं, अधिकारी सुनते नहीं हैं। पंचायतों में विकास के नाम पर खानापूर्ति की जा रही है। हाल बेहाल बने हुए हैं।