
29 वर्षीय मुकेश पहले मजदूरी कर परिवार का पालन पोषण करता था। इसी दौरान उसकी तबियत खराब हो गई। मुकेश ने सरकारी अस्पताल से इलाज कराया लेकिन फायदा नहीं हुआ। एम्स में जांच कराई तो पता चला संक्रमण के कारण लीवर में खराबी है। अस्पताल प्रशासन ने उसे कुछ समय तक भर्ती भी किया लेकिन आपरेशन नहीं हो सका। मुकेश के अनुसार उसके पास आयुष्मान कार्ड भी है फिर भ उसका पूरा इलाज नहीं हो रहा है। हर माह करीब 20 हजार रूपये की दवाएं लेनी पड़ रही है। समाजसेवी उमाशंकर तिवारी की अपील के बाद मुकेश को करीब 70 हजार रूपये की मदद मिली है पर सरकारी मदद नहीं मिल पा रही है। इलाज पर पांच लाख रूपये से अधिक खर्च है।
पत्नी भुट्टे बेचकर जुटा रही रकम
मुकेश के परिवार में पत्नी एवं दो बच्चे हैं। पति की तबीयत खराब होने के कारण पत्नी भुट्टे बेचकर दवाओं का इंतजाम कर रही है लेकिन पूरी दवाओं की रकम एकत्रित नहीं हो पाती। आधी अधूरी दवाएं लेने के कारण तबीयत में सुधार नहीं हो पा रहा है। पंडित परिवार ने मुख्यमंत्री से मदद की गुहार की है।