
इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल ने हाल ही में सालाना रेवेन्यू का ऐलान किया है। इसके अनुसार, 2024-27 तक के लिए प्रतिवर्ष भारत को सबसे अधिक 38.5% यानी 1,908.753 करोड़ रुपये से अधिक, जबकि पाकिस्तान को 5.75% यानी 285 करोड़ रुपये मिलेंगे। भारत के मुकाबले तो यह राशि कम है, लेकिन पाकिस्तान की पूरी कमाई की तुलना में लगभग दोगुना है। दरअसल, उसकी पूरी कमाई लगभग 137 करोड़ रुपये ही है। ऐसे में अगर वह ICC इवेंट से हटता है तो रेवेन्यू नहीं मिलेंगे, जो बड़ा झटका होगा। पाकिस्तान सपने में भी इस बारे में नहीं सोचेगा।
आईसीसी इवेंट से हटने का मतलब कि काउंसिल के खिलाफ जाना। दूसरी ओर, इंटरनेशनल क्रिकेट में भारत की साख दमदार है। भारत के रसूख के आगे आईसीसी भी झुकता है। ऐसे में जैसे ही पाकिस्तान हटेगा उस पर लंबा चौड़ा बैन भी लग सकता है। पाकिस्तान के लिए यह पैर पर कुल्हाड़ी मारने से कम नहीं होगा। पाकिस्तान कतई ऐसा नहीं चाहेगा।
पाकिस्तान के पास भारत के बाहर खेलने की मांग करने का हक है, लेकिन इसका समर्थन कौन करेगा? संभवत: कोई नहीं। पहली बात तो यह है कि भारत और पाकिस्तान का एक-दूसरे के देश में नहीं खेलने का फैसला सिर्फ उनका निजी है दूसरा कि भारत की साख ऐसी है कि उसके खिलाफ जाने दम किसी में नहीं है। फिलहाल इंटरनेशनल क्रिकेट मतलब भारत है, क्योंकि आईसीसी की कमाई का सबसे बड़ा जरियर भारत है। अगर भारत कमाकर नहीं देगा तो पाकिस्तान जैसे देश अपने खिलाड़ियों को सैलरी भी नहीं दे पाएंगे।
मान लीजिए कि पाकिस्तान ने हटने का फैसला कर ही लिया तो क्या होगा। अगर ऐसा हुआ तो आईसीसी एक तो कार्रवाई करेगा दूसरे भारत के समर्थन में पाकिस्तान का बायकॉट भी किया जा सकता है। ऐसे में पाकिस्तान में क्रिकेट बंद होने की पूरी संभावना है। हाल फिलहाल में कुछ टीमों ने दौरा किया है, लेकिन अभी भी टीमें दबाव में पाकिस्तान जाती हैं।