ऑपरेशन सिंदूर; वायुसेना प्रमुख बोले-PAK के 5 जेट गिराए थे:दुश्मन को भारी नुकसान पहुंचाया

Updated on 09-08-2025 01:54 PM

इंडियन एयर फोर्स चीफ एपी सिंह ने शनिवार को कहा कि ऑपरेशन सिंदूर में पाकिस्तान को भारी नुकसान हुआ। हमने उनके पांच लड़ाकू विमान मार गिराए थे। एपी सिंह ने बेंगलुरु में वायुसेना के एक कार्यक्रम में इस बात की पुष्टि की।

एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने कहा, हमारे एयर डिफेंस सिस्टम ने शानदार काम किया है। S-400 सिस्टम जिसे हमने हाल ही में खरीदा था, यह गेम-चेंजर रहा है। पाकिस्तान के पास लंबी दूरी के ग्लाइड बम थे लेकिन वे उनमें से किसी का भी इस्तेमाल नहीं कर पाए क्योंकि वे एयर डिफेंस को भेद नहीं सके।

इसके साथ ही पाकिस्तान के एक बड़े एयरक्रॉफ्ट, एयरबोर्न अर्ली वॉर्निंग एंड कंट्रोल/इलेक्ट्रॉनिक इंटेलीजेंस (AEW&C/ELINT) को लगभग 300 किलोमीटर की दूरी से मारा गिराया। यह सतह से हवा में टारगेट हिंटिंग का अभी तक का रिकॉर्ड है।

एपी सिंह ने आगे कहा पाकिस्तान के बहावलपुर में हमले के पहले और बाद की तस्वीरें सबके सामने हैं। वहां कुछ नहीं बचा था। ये तस्वीरें न सिर्फ सैटेलाइट से ली गईं। बल्कि लोकल मीडिया ने भी तबाह हुई बिल्डिंग की अंदर की तस्वीरें दिखाईं थीं।

एपी सिंह बेंगलुरु के HAL मैनेजमेंट अकादमी ऑडिटोरियम में एयर चीफ मार्शल एलएम कात्रे मेमोरियल लेक्चर के 16वें सीजन को संबोधित कर रहे थे।

एयरफोर्स चीफ की स्पीच, 4 पॉइंट में...

  • सेना को खुली छूट दी गई थी
  •  सफलता का एक प्रमुख कारण राजनीतिक इच्छाशक्ति का होना था। हमें बहुत स्पष्ट निर्देश दिए गए थे। हमें खुली छूट थी। हमने तय किया कि कितना आगे बढ़ना है। हमें योजना बनाने और उसे लागू करने की पूरी आजादी थी। तीनों सेनाओं के बीच कोऑर्डिनेशन था। CDS के पद ने वास्तव में अंतर पैदा किया। वह हमें एकसाथ लाने के लिए मौजूद थे।
  • 90 घंटे की जंग में PAK पीछे हटा
  • यह एक उच्च तकनीक वाला युद्ध था। 80 से 90 घंटे के युद्ध में हम इतना नुकसान कर पाए कि उन्हें (पाकिस्तान) साफ पता चल गया था कि अगर वे इसे जारी रखेंगे तो उन्हें इसकी और भी अधिक कीमत चुकानी पड़ेगी इसलिए वे आगे आए और हमारे DGMO को संदेश भेजा कि वे बात करना चाहते हैं। हमारी ओर से इसे स्वीकार कर लिया गया।
  • बालाकोट के भूत से छुटकारा पाया
  • 2019 में जब बालाकोट में हमने एयर स्ट्राइक की तो उसके सबूत नहीं जुटा पाए। लोगों ने सवाल उठाए कि हमने क्या किया या क्या नहीं किया। इसलिए मुझे बहुत खुशी है कि इस बार हम बालाकोट के उस भूत से निपटने में सक्षम थे और हम दुनिया को यह बताने में सक्षम थे कि हमने क्या हासिल किया है।
  • करीबियों ने कहा- और मारना चाहिए था
  • इस युद्ध में लोग अपने अहंकार पर उतर आए। एक बार जब हमने अपना लक्ष्य हासिल कर लिया, तो हमें इसे रोकने के सभी अवसर तलाशने चाहिए थे। मेरे कुछ करीबी लोगों ने कहा, 'और मारना चाहिए था'। लेकिन क्या युद्ध को जारी रखना सही होता... देश ने एक अच्छा निर्णय लिया।


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