कभी 300 में पलता था परिवार आज 'देहाती मैडम' से पढ़ने को दुनिया दीवानी यूट्यूब से छाप रहीं नोट

Updated on 10-02-2024 01:00 PM
नई दिल्ली: सोशल मीडिया ने सुदूर ग्रामीण इलाकों तक भी अपनी पहुंच बना ली है। इससे शहरों और गांवों में अंतर कम हो गया है। इंटरनेट कनेक्टिविटी ने गांवों में छुपी प्रतिभाओं को सामने लाने में मदद की है। सिर्फ यही नहीं, उन्हें आगे बढ़ने का एक मंच भी दिया है। उत्तर प्रदेश के ग्रामीण इलाके से आने वाली यशोदा लोधी इस बदलाव का उदाहरण हैं। अपनी स्किल्‍स का लाभ उठाकर उन्होंने गरीबी की बेड़ियों को तोड़ दिया है। कई के मामले में वह अब कई सरकारी कर्मचारियों को पछाड़ रही हैं। चलिए, आज हम आपको यशोदा लोधी से मिलाते हैं।

कौन हैं यशोदा लोधी?

यशोदा लोधी को सोशल मीडिया पर लोग प्यार से 'देहाती मैडम' बुलाते हैं। वह यूट्यूब पर अंग्रेजी पढ़ाती हैं। यशोदा कौशांबी के सिराथू की रहने वाली हैं। अपने यूट्यूब चैनल के जरिये उन्‍होंने लाखों को अंग्रेजी के गुर सिखाए हैं। पहली नजर में यशोदा लोधी कोई ठेठ गांव वाली महिला दिखती हैं। साड़ी में लिपटी। माथे पर बिंदी लगाए हुए। हालांकि, अंग्रेजी बोलने और सिखाने का उनका देहाती अंदाज सोशल मीडिया पर हिट है।

साधारण थी परवरिश

यशोदा की परवरिश साधारण थी। उनका पालन-पोषण उनके मामा के घर में हुआ। यहां उन्होंने 12वीं कक्षा तक की शिक्षा हिंदी में पूरी की। हिंदी-माध्यम स्कूल से ग्रेजुएट होने के बाद उन्होंने बच्चों को पढ़ाना शुरू किया। इसी दौरान उनकी मुलाकात अपने जीवनसाथी से हुई। हालांकि, उनके रिश्ते को उनके परिवार के विरोध का सामना करना पड़ा। संपत्ति विवादों से पारिवारिक कलह के कारण यशोदा को अपने माता-पिता के घर वापस लौटना पड़ा। फिर भी अपने रिश्ते की पारिवारिक स्वीकृति न मिलने के चलते उन्हें वहां कोई सांत्वना नहीं मिली। दुर्व्यवहार का सामना करते हुए उन्‍होंने शादी का विकल्प चुनकर मामले को अपने हाथों में ले लिया। पारिवारिक आपत्तियों के बावजूद यशोदा और उनके पति ने स्वतंत्र रूप से आगे बढ़ने का फैसला किया।

2021 में बनाया यूट्यूब चैनल

आठवीं कक्षा तक पढ़े यशोदा के पति पहले दिहाड़ी मजदूर थे। हालांकि, भाग्य ने 2019 में उस वक्‍त करारा झटका दिया जब वह एक दुर्घटना का शिकार हो गए। इससे वह काम करने में असमर्थ हो गए। यही वह समय था जब यशोदा को वित्तीय स्थिरता के वास्तविक मूल्य का एहसास हुआ। नवंबर 2021 में अपने पहले स्मार्टफोन से यशोदा ने अपने सफर की शुरुआत की थी। संदीप माहेश्वरी जैसे स्‍पीकर्स से प्रेरित होकर उन्होंने परिवार की बेहतरी के लिए तकनीक के इस्‍तेमाल का फैसला लिया। इस तरह उन्होंने अपना खुद का YouTube चैनल शुरू किया जो अंग्रेजी भाषा सीखने में गाइडेंस देता है।

'देहाती मैडम' के रूप में पहचान बनाने वाली यशोदा की सोशल मीडिया पर तेजी से उपस्थिति बढ़ गई। कारण है कि उन्होंने ज्‍यादा इंस्‍ट्रक्‍शनल वीडियो बनाए। उन्‍हें वो दिन भी याद हैं जब सात-आठ लोगों का उनका परिवार सिर्फ 300 रुपये में गुजारा करता था। वह अब महीने में 70,000 से 80,000 रुपये कमा लेती हैं। गांव के कई सरकारी कर्मचारियों से उनकी इनकम ज्‍यादा है।


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