
बैराड़ (शिवपुरी) निवासी काव्या को अपराध शाखा ने शिवजी राम वाटिका (देवगुराड़िया) से हर्षित यादव के साथ बरामद किया था। कोटा के विज्ञान नगर थाना में काव्या के अपहरण का केस दर्ज है। कोटा पुलिस ने दोनों से पूछताछ की और गुरुवार को धारा 164 के तहत कोर्ट के समक्ष कथन दर्ज करवाए।
काव्या ने कहा कि उसका अपहरण नहीं हुआ था। माता-पिता उसे पढ़ाना चाहते थे। पढ़ाई में कमजोर थी। उसने हर्षित के साथ साजिश की और सोचा पिता रघुवीर से फिरौती लेकर रूस चली जाएगी। यहां से नर्सिंग की डिग्री लेकर बता देगी की पढ़ाई कर ली है। दोनों ने पासपोर्ट के लिए आवेदन भी दे दिया। पुलिस ने इसके बाद काव्या को छोड़ दिया, लेकिन हर्षित को हिरासत में ही रखा है।