
जेपी अस्पताल में बीते तीन सालों में सात बार चोरी की वारदात हो चुकी हैं। लेकिन इस बार तो हद ही हो गई। चोर आईसीयू की सेंट्रल ऑक्सीजन सप्लाई लाइन के कॉपर पाइप ही उखाड़कर ले गए। मामला 12 मार्च की रात का है।पिछले तीन साल में चोरों ने करीब 10 लाख रुपए के उपकरण, कॉपर पाइप और वायर पर हाथ साफ किया है। लेकिन, अस्पताल प्रबंधन की ओर से अब तक महज 3 बार प्रकरण दर्ज कराया है। यही नहीं, अस्पताल परिसर की सिक्यूरिटी का जिम्मा संभालने वाली इंदौरिया सिक्योरिटी एजेंसी पर दो बार में महज 60-60 हजार रुपए की पैनाल्टी लगाई है। बार-बार हो रही चोरी की वारदातों के बावजूद प्रबंधन ने इस बार भी पुलिस को सूचना देकर कार्रवाई के नाम पर खानापूर्ति कर दी है।
अब पैनाल्टी और गार्ड बढ़ाने पर विवाद
चोरी की वारदातों के लिए अस्पताल प्रबंधन सिक्योरिटी एजेंसी को जिम्मेदार बता रहा है। जबकि, सिक्योरिटी एजेंसी गार्ड की संख्या कम होने का हवाला देकर पल्ला झाड़ रही है। एजेंसी ने प्रबंधन को पत्र लिखकर गार्ड की संख्या 10-12 से बढ़ाकर 30 करने को कहा है। जबकि, अस्पताल प्रबंधन का साफ कहना है कि गार्ड की संख्या ऊपर से तय होती है, नहीं बढ़ा सकते।
हफ्तेभर बाद भी नहीं सुधारी लाइन
शहर में 21 से 27 मार्च तक शूटिंग वर्ल्ड कप का आयोजन हो रहा है। इस दौरान जेपी को डेडिकेटेड अस्पताल नामांकित कर यहां 5 आईसीयू बेड आरक्षित करने को कहा गया है। इसके बावजूद लापरवाही का आलम ये है कि हफ्तेभर बाद भी चोरी गई सेंट्रल ऑक्सीजन सप्लाई लाइन सुधारी नहीं गई है।
एजेंसी ने दी टेंडर विड्रा करने की धमकी, प्रबंधन बोला- ब्लैकलिस्ट कर देंगे
"30 गार्ड की जरूरत है। 10-12 गार्ड से काम चल रहा है। जहां चोरी हो रही हैं वहां गार्ड नहीं होते हैं। गार्ड नहीं बढ़े तो हम टेंडर विड्रा करेंगे। "
-ओपी इंदौरिया, सिक्योरिटी एजेंसी
"सिक्योरिटी एजेंसी पर पैनाल्टी लगेगी। कंपनी ने टेंडर विड्रा किया तो ब्लैकलिस्ट करेंगे।"
-डॉ. राकेश श्रीवास्तव, सिविल सर्जन, जेपी अस्पताल