रुपेश सिंह (मुंबई): अगर मैं ओपनर होता तो मेरे आंकड़े रोहित शर्मा के आंकड़ों के मुकाबले आधे भी नहीं होते। उनके आंकड़े अतुलनीय हैं। अगर विराट कोहली क्रिकेट में बड़ा नाम हैं तो उसकी वजह यह है कि विराट के पास रोहित जैसा ओपनर है। विराट कोहली यह बयान खेल पर रोहित के प्रभाव का लेखा-जोखा है। विराट का कहना है कि रोहित जिस तरह की टीम को तेज शुरुआत दिलाते हैं उससे उनका काम आसान हो जाता है। रोहित के पहले कोच दिनेश लाड भी इस बात से इत्तेफाक रखते हैं और उनका मानना है कि इस वर्ल्ड कप में एक अलग ही स्तर पर बल्लेबाजी कर रहे हैं। उनकी बैटिंग ही टीम इंडिया को अन्य टीमों से अलग बना रही है। कोच का कहना है कि रोहित को नॉकआउट अपनी बैटिंग का अटैकिंग अंदाज नहीं बदलना चाहिए।
वीरू से तुलना
रोहित के बचपन के कोच रहे दिनेश ने कहा, 'अटैकिंग खेल रोहित को शुरू से ही पसंद था और वह खेल इस वर्ल्ड कप में खुल कर आया है। स्टार्ट बहुत मायने रखता है और रोहित टीम इंडिया को वही स्टार्ट दे रहे हैं। टीम इंडिया का पावरप्ले का खेल ही एक तरह से मैच का परिणाम तय कर दे रहा है।' रोहित के खेल की किसी पूर्व क्रिकेटर के खेल के साथ तुलना के सवाल पर उन्होंने कहा, 'तुलना करना तो सही नहीं। सभी का अपना अंदाज होता है। अलग तकनीक होती है। लेकिन फिर भी यदि मुझे तुलना करने को कहा जाए तो मैं रोहित के खेल की तुलना वीरेंद्र सहवाग के खेल के साथ करूंगा। वीरू का साफ नजरिया था, अगर गेंद ढीली है तो उसे मारूंगा, चाहे वह पारी की पहली गेंद हो या आखिरी। रोहित भी ऐसे ही सोचते हैं।'
दोनों गुण हैं इनमें
अटैकिंग खेल में जोखिम भी ज्यादा होता है और न्यूजीलैंड के खिलाफ सेमीफाइनल जैसे बड़े मैच में जोखिम भरे खेल के सवाल पर दिनेश ने कहा, 'अब अप्रोच में बदलाव सही नहीं होगा। सारी स्ट्रैटिजी नए सिरे से बनानी होगी। इसलिए मुझे नहीं लगता कि रोहित कुछ अलग अप्रोच के साथ उतरेंगे। टीम में सभी की अपनी-अपनी जिम्मेदारी है। रोहित ने एक तेज शुरुआत दिलाने का जिम्मा उठा रखा है और वह इसे अभी तक बखूबी निभाते आए हैं और आगे भी निभाएंगे। रही बात संभलकर खेलने कि तो वह स्थिति पर निर्भर करता है। याद कीजिए लखनऊ में इंग्लैंड के खिलाफ खेला गया मैच। आप उसमें रोहित की पारी को देखिए। पारी को लड़खड़ाता देख कितनी खूबसूरती के साथ उसने अपना गेम बदला और टीम को एक सुरक्षित टोटल तक पहुंचाया।'