सऊदी से रिश्ते सुधारने में जल्दबाजी नहीं नेतन्याहू का अमेरिकी सलाह मानने से इनकार

Updated on 19-01-2024 01:15 PM

की एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने सऊद अरब से फिलहाल डिप्लोमैटिक रिलेशन शुरू करने और रिश्ते सुधारने का अमेरिकी ऑफर ठुकरा दिया है।

दूसरी तरफ, ‘यरूशलम पोस्ट’ की रिपोर्ट में दावा किया गया है कि हमास से बंधकों की रिहाई के मामले में डील करीब-करीब तय थी, लेकिन नेतन्याहू ने बतौर प्रधानमंत्री अपने अधिकार का इस्तेमाल करते हुए इसे ठुकरा दिया।

इजराइल को कोई जल्दबाजी नहीं

रिपोर्ट के मुताबिक- पिछले दिनों ब्लिंकन जब मिडिल ईस्ट के दौरे पर थे तो उन्होंने सऊदी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान से मुलाकात की थी। ब्लिंकन ने सलमान से कहा था कि मिडिल ईस्ट में अमन कायम करने के लिए जरूरी है कि सऊदी और इजराइल आपसी रिश्ते सुधारें और डिप्लोमैटिक रिलेशन शुरू करें। सलमान का रुख इस मामले में नर्म था, क्योंकि उनका पड़ोसी देश UAE के अलावा चार गल्फ कंट्रीज इजराइल को मान्यता दे चुके हैं।

बहरहाल, ब्लिंकन जब इजराइल पहुंचे और नेतन्याहू के सामने यह प्रपोजल रखा तो उन्होंने इसे ठुकरा दिया। दरअसल, ब्लिंकन और सलमान इजराइल के सामने फिलिस्तीन को पूरे अधिकार और अलग देश के तौर पर मान्यता देने का दबाव डाल रहे थे और नेतन्याहू इसके लिए तैयार नहीं थे।

नेतन्याहू का कहना है कि सबसे पहले यह तय किया जाना चाहिए कि हमास को किस तरह खत्म किया जाए और इसके बाद गाजा में इजराइल का शासन तय करने पर डील हो और दुनिया इसकी गारंटी दे। नेतन्याहू ने ब्लिंकन को साफ बता दिया कि इस वक्त सऊदी से रिश्ते सुधारने की बात बेमानी है।

बंधकों की रिहाई भी अटकी

‘यरूशलम पोस्ट’ की एक रिपोर्ट के मुताबिक- पिछले दिनों इजराइली कैबिनेट में बंधकों की रिहाई पर करीब-करीब बात बन चुकी थी, लेकिन ऐन वक्त पर नेतन्याहू ने इसे टाल दिया। हमास की कैद में 7 अक्टूबर से फंसे बंधकों की रिहाई की मांग को लेकर इजराइल में कई दिनों से लगातार प्रदर्शन हो रहे हैं, लेकिन अब तक नेतन्याहू ने इस बारे में कोई फैसला नहीं किया है।

कतर, फ्रांस और इजिप्ट होस्टेज क्राइसिस खत्म कराने के लिए लगातार बातचीत कर रहे हैं। पिछले हफ्ते नेतन्याहू कैबिनेट में इस पर सहमति भी बन गई थी, लेकिन नेतन्याहू ने कैबिनेट से बात किए बिना ही इस डील को खारिज कर दिया। दरअसल, नेतन्याहू और इजराइली सेना हमास की लंबे सीजफायर की मांग को मानने के लिए तैयार नहीं है।

इजराइली फौज मानती है कि अगर लंबा सीजफायर हुआ तो हमास फिर एकजुट हो जाएगा और फौज की मेहनत पर पानी फिर जाएगा। यही वजह कि इजराइल सरकार और सेना दोनों ही बंधकों की रिहाई के मामले पर ब्लैकमेल से बचकर चल रहे हैं।




अन्य महत्वपुर्ण खबरें

 20 September 2026
ढाका: बंगाली समाज में कहावत है 'इलिश छाड़ा पूजा अधूरा' यानि हिलसा के बिना दुर्गा पूजा अधूरी है। लेकिन पिछले कुछ समय से दक्षिण एशियाई समुद्री व्यापार के गलियारों में…
 20 September 2026
ढाका: बांग्लादेश की संसद में विपक्ष के चीफ व्हिप और नेशनल सिटिजन पार्टी (NCP) के संयोजक नाहिद इस्लाम ने प्रधानमंत्री तारिक रहमान को शेख हसीना वाले अंजाम की धमकी दी…
 20 September 2026
वॉशिंगटन/नई दिल्ली: रूस से तेल खरीदने की वजह से अमेरिका अब भारत समेत चीन, अजरबैजान, तुर्की जैसे देशों पर 100 फीसदी टैरिफ लगा सकता है। सबसे ज्यादा खतरा भारत को…
 20 September 2026
तेल अवीव: भविष्य में लड़ी जाने वाली लड़ाइयों में जीत उसी की होगी जो टेक्नोलॉजी का अत्यधिक इस्तेमाल करे। शायद फायटर जेट या भारी भरकम हथियार जंग का रूख ना…
 20 September 2026
तेहरान: ईरान के सिक्योरिटी चीफ ने कहा है कि तेहरान ने अमेरिका के साथ बातचीत शुरू करने के लिए 7 शर्तें रखी हैं। ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल (SNSC)…
 20 September 2026
स्टॉकहोम: महाराष्ट्र के शिक्षाविद अशोक विखे पाटिल की बेटी नीला विखे पाटिल 13 सितंबर को हुए स्वीडन के राष्ट्रीय चुनाव में स्टॉकहोम शहर निर्वाचन क्षेत्र से स्वीडिश संसद के लिए…
 20 September 2026
इस्लामाबाद: पाकिस्तान ने इस हफ्ते मोस्ट वांटेड आतंकवादी मसूद अजहर पर रखे गये 50 लाख के इनाम को बढ़ाकर 70 लाख कर दिया है। मसूद अजहर वही आतंकवादी है जिसके…
 20 September 2026
ओट्टावा: कनाडा की सरकार ने देश में रहने वाले हिंदुओं के लिए बड़ा फैसला लिया है। ब्रिटिश कोलंबिया के सरे शहर में एक अस्थित विसर्जन के लिए आधिकारिक जगह बनाई…
 19 September 2026
वॉशिंगटन: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने H-1B नॉन-इमिग्रेंट वीजा प्रोग्राम की निगरानी को सख्त करने वाले एग्जीक्यूटिव ऑर्डर पर साइन किए हैं। ट्रंप प्रशासन का कहना है कि कुछ एम्प्लॉयर्स,…
Advt.