इजरायली हथियार के दीवाने हुए मुस्लिम देश, जनता के विरोध के बावजूद मोरक्को लगाएगा ड्रोन फैक्ट्री, इन देशों ने भी की गुपचुप डील

Updated on 29-11-2025 12:46 PM
तेल अवीव/रबात: गाजा में सैन्य अभियान को लेकर इजरायल की दुनियाभर में आलोचना हो रही है। अलग-अलग देशों के शहरों में इजरायल के खिलाफ विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं, लेकिन इस बीच मुस्लिम देश मोरक्को ने हैरान करने वाला कदम उठाया है। मोरक्को इजरायली ड्रोन का उत्पादन करने जा रहा है। देश ने इजरायली रक्षा कंपनी को ड्रोन फैक्ट्री लगाने की मंजूरी दे दी है, जो रक्षा संबंधों को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम है। द इकनॉमिस्ट की रिपोर्ट के अनुसार, इजरायल एयरोस्पेस एंडस्ट्री की एक सहायक कंपनी के साथ पार्टनरशिप के तहत मोरक्को में टैक्टिकल अटैक ड्रोन के लिए उत्पादन सुविधा खोली जाएगी।

मोरक्को के अंदर ही हो रहा विरोध

गौरतलब है कि मोरक्को के इस कदम का उसके अपने ही देश में विरोध हो रहा है। ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर क्या वजह है कि मुस्लिम देश मोरक्को अपने लोगों को नाराज करके भी इजरायली हथियार फैक्ट्री के पक्ष में मजबूती से खड़ा है। वजह है इजरायली हथियार, जिनकी दुनिया दीवानी है। साल 2020 में अब्राहम अकॉर्ड पर हस्ताक्षर करने वाले मुस्लिम देशों और इजरायल के बीच रक्षा सहयोग लगातार बढ़ रहा है। साल 2024 में इजरायल ने इन देशों को 1.7 अरब डॉलर के हथियार बेचे थे।

मोरक्को का इजरायल से रक्षा सहयोग

मोरक्को पिछले कुछ सालों से अब्राहम अकॉर्ड में अपनी सदस्यता का फायदा उठाते हुए इजरायली हथियार और टेक्नोलॉजी आयात कर रहा है। इसके मोरक्को की रक्षा क्षमता बेहतर हुई है। मोरक्को ने 2020 में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के पहले कार्यकाल के दौरान अब्राहम समझौते पर हस्ताक्षर किए, जिससे इजरायल के साथ रिश्ते बहाल हुए। तब से देश इजरायल का बड़ा रक्षा खरीदार बन गया है। मोरक्को ने इजरायल से तोप, एयर डिफेंस मिसाइल और जासूसी सैटेलाइट खरीदे हैं।

सुसाइड ड्रोन की खासियत

अब इजरायली कंपनी ने ब्लूबर्ड एयरो सिस्टम्स ने SpyX सुसाइड ड्रोन के लिए मोरक्को में फैसिलिटी खोलने की घोषणा की है। यह इजरायल के बाद मध्य पूर्व और उत्तरी अफ्रीका में पहली इजरायली हथियार फैक्ट्री होगी। SpyX एक हल्का गोला-बारूद ले जाने वाला ड्रोन है, जिसकी रेंज 50 किलोमीटर है। यह दो घंटे तक उड़ान भर सकता है और इसकी रफ्तार 250 किमी प्रति घंटे से ज्यादा है। हमला करने से पहले यह टारगेट की पहचान के लिए एडवांस सेंसर का इस्तेमाल करता है। मोरक्को की सेना ने मार्च 2024 में इस सिस्टम का टेस्ट किया था।

मोरक्को अकेला मुस्लिम देश नहीं

इजरायल से रक्षा संबंध बढ़ाने वाला मोरक्को अकेला मुस्लिम देश नहीं है। UAE ने इजरायल से दो मिसाइल सिस्टम लिया है, जिसमें से एक तैनात हो चुका है। इसी तरह बहरीन के तटीय इलाकों की सुरक्षा के लिए इजरायली रेडार लगाए गए हैं। इंडोनेशिया भी इजरायल का ग्राहक है। इजरायल का जासूसी टूल पेगासस भी अरब देशों को पसंद आ रहा है। UAE, बहरीन और सऊदी अरब इसका इस्तेमाल करते हैं। खास बात है कि सऊदी अरब ने अभी तक इजरायल के साथ कूटनीतिक संबंध भी नहीं स्थापित किए हैं।

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