मस्क ने स्पेस-X को भी डेलावेयर स्टेट से हटाया : 2700 किलोमीटर दूर टेक्सास शिफ्ट किया

Updated on 15-02-2024 01:29 PM

अमेरिकी बिजनेसमैन एलन मस्क ने अपनी एक और कंपनी स्पेस एक्सप्लोरेशन टेक्नोलॉजीज कॉर्पोरेशन यानी स्पेस-X को डेलावेयर स्टेट से हटाकर करीब 2700 किलोमीटर दूर टेक्सास शिफ्ट कर लिया है।

इसके पहले 8 फरवरी को मस्क ने ब्रेन इंप्लांट पर काम करने वाली अपनी कंपनी न्यूरालिंक के ऑफिशियल बिजनेस को डेलावेयर से करीब 4,100 किलोमीटर दूर नेवाडा शिफ्ट कर लिया था।

मस्क बोले- जिसकी भी कंपनी डेलावेयर में है, जल्दी हटा लो
स्पेस-X को डेलावेयर से हटाए जाने की जानकारी मस्क ने अपने सोशल मीडिया हैंडल X पर दी है। मस्क ने लिखा, 'स्पेस-X ने अपने इनकॉर्पोरेशन को डेलावेयर से टेक्सास शिफ्ट कर दिया है। यदि आपकी कंपनी अभी भी डेलावेयर में है, तो मैं जल्द से जल्द दूसरे राज्य में जाने की सलाह देता हूं।'

पैकेज प्लान रद्द किए जाने से नाराज हैं मस्क
पिछले महीने 30 जनवरी को डेलावेयर कोर्ट ऑफ चांसरी की जज कैथलीन मैककॉर्मिक ने मस्क के 50 बिलियन डॉलर (करीब 4.15 लाख करोड़ रुपए) के पैकेज को 'अथाह राशि' करार देते हुए उसे रद्द कर दिया था और 2018 से मिली एक्सट्रा सैलरी को लौटाने का भी आदेश दिया था।

इसके अलावा डेलावेयर में मस्क पर ट्विटर की खरीद से जुड़ा मामला भी चल रहा है। इसी से नाराज होकर मस्क ने टेस्ला सहित अपनी सभी कंपनियों को यहां से हटाने का फैसला लिया है।

2018 में शेयरहोल्डर ने की थी शिकायत
दरअसल 5 साल पहले कुछ शेयर होल्डर्स ने मस्क और टेस्ला के बोर्ड पर कॉर्पोरेट संपत्तियों को बर्बाद करने और एलन मस्क को गैरकानूनी रूप से अमीर बनाने का आरोप लगाया था। मस्क के पास टेस्ला की लगभग 13% हिस्सेदारी है।

मस्क ने कंपनियों को शिफ्ट करने के लिए लोगों से राय मांगी थी
कोर्ट के फैसले के बाद एलन मस्क ने एक के बाद एक कई पोस्ट अपने X हैंडल पर किए थे। एक पोस्ट में उन्होंने लिखा, 'डेलावेयर राज्य में कभी भी अपनी कंपनी नहीं बनाएं।' एक अन्य पोस्ट में मस्क ने पोल से जरिए लोगों से सवाल किया कि क्या टेस्ला को अपना हेडक्वार्टर बदलकर टेक्सास में कर लेना चाहिए, जहां उसका फिजिकल हेडक्वार्टर है।

क्यों इतना खास है डेलावेयर?
अमेरिका का डेलावेयर कई कंपनियों के ऑफिशियल सेटअप का मेन लोकेशन है। अमेरिका में स्थापित 500 कंपनियों में से 70% से ज्यादा कंपनियां यहां रजिस्टर्ड हैं। क्योंकि, डेलावेयर की अदालतें काफी तेज कार्रवाई करती हैं।

यहां के जजों के पास बिजनेस से जुड़ी कानूनों की बेहतर समझ है। ये जूरी के बिना बड़ी बिजनेस डील और डिसएग्रीमेंट को संभालते हैं। दूसरे देशों की कंपनियां भी अपनी बिजनेस प्रॉब्लम के समाधान के लिए डेलावेयर जाती हैं। डेलावेयर को अमेरिका का निगम कैपिटल भी कहा जाता है।



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