
मध्यप्रदेश के दो बड़े शहर भोपाल और इंदौर में दौड़ने वाली मेट्रो ट्रेन के कोच (बोगियां) गुजरात में बनेंगे। फ्रांस की एल्सटॉम ट्रांसपोर्ट इंडिया लिमिटेड कोच बनाएंगी। 13 मार्च को नगरीय विकास एवं आवास मंत्री भूपेंद्र सिंह बड़ोदरा में मेट्रो ट्रेन की यूनिट का शुभारंभ करेंगे। इसके बाद बनकर कोच भोपाल और इंदौर आएंगे।
बता दें कि भोपाल में 6.22 किमी और इंदौर में 5.9 किमी लंबे मेट्रो रूट का काम चल रहा है। भोपाल में सितंबर तक मेट्रो दौड़ने और इंदौर में ट्रायल किए जाने का टारगेट है। भोपाल में पिलर और गर्डर लॉन्चिंग का काम पूरा हो चुका है। अब मेट्रो स्टेशन और पटरी बिछाने का काम तेजी से चल रहा है। इंदौर में भी काम की रफ्तार तेज कर दी गई है। ताकि, विधानसभा चुनाव से पहले मेट्रो दिखाई देने लगे। इसके चलते ही मेट्रो ट्रेन सेट की यूनिट का शुभारंभ 13 मार्च को किया जा रहा है। अगले कुछ समय में कोच भोपाल और इंदौर में पहुंचेंगे। बताया जाता है कि बोगियां बनाने का काम पहले ही शुरू हो चुका है। ताकि, समय पर उन्हें इंदौर और भोपाल पहुंचाया जा सके। मंत्री सिंह यूनिट का निरीक्षण भी करेंगे।
इतनी बोगियां बन रही
जानकारी के अनुसार, 1400 करोड़ रु. में एल्सटॉम ट्रांसपोर्ट इंडिया लिमिटेड कंपनी भोपाल के लिए 81 और इंदौर के लिए 75 बोगियां बना रही है। ये बोगियां कई मायने में खास होंगी। एक ट्रेन सेट में तीन बोगी होंगी। इसमें 970 यात्री सफर कर सकेंगे। एल्सटॉम बोगियों को ऐसे तैयार कर रही हैं, ताकि भीड़ बढ़ने पर भी यात्री आसानी से सफर कर सकें। हर कोच 2.9 मी. चौड़ा और 22 मी. लंबा होगा। कंपनी तो यात्रियों का जो कैलकुलेशन किया है, उस हिसाब से एक वर्ग मीटर में 8 यात्री होंगे। इनमें खड़े और बैठने वाले यात्री शामिल हैं। इस हिसाब से एक बोगी को 970 यात्रियों लायक बनाया जा रहा है।
भोपाल मेट्रो के ये काम चल रहे
ऐसे समझे मेट्रो का काम
एम्स से सुभाषनगर का रूट बनने के बाद सुभाष नगर से करोंद के बीच यानी बाकी के 9.83 किलोमीटर मेट्रो रूट का काम होगा। इस रूट पर 39 एकड़ से ज्यादा जमीन का अधिग्रहण किया जा रहा है। अलग-अलग लोकेशन की लगभग 8 एकड़ जमीन पर 5 प्लाजा, 6 स्टेशन, 4 पार्किंग, 2 यार्ड बनेंगे। पुराने शहर में अतिरिक्त पार्किंग व्यवस्था पर फोकस है। पुल बोगदा के पास मेट्रो का जंक्शन बनेगा, यहां दोनों लाइनें आकर मिलेंगी। पुल बोगदा से मेट्रो अंडरग्राउंड हो जाएगी। पहला अंडरग्राउंड स्टेशन मुख्य रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर 6 की तरफ बनेगा। जहां ईरानी डेरे की जमीन ली गई है। नादरा बस स्टैंड का मेट्रो स्टेशन भी अंडरग्राउंड रहेगा।
इंदौर में मेट्रो का यह काम
इंदौर मेट्रो ट्रेन प्रायोरिटी कॉरिडोर में गांधी नगर से लेकर रेडिसन-रोबोट चौराहे तक का काम तेजी से चल रहा है। इसकी लंबाई 17.2 किलोमीटर है, जिसमें 5.9 किमी का काम पहले पूरा होगा। 11.6 किमी का काम बाद में होगा। गांधी नगर से सुपर कॉरिडोर के बीच में 5 किलोमीटर रूट पर सितंबर 2023 में मेट्रो ट्रेन चलाकर ट्रायल किया जाएगा। इस काम को जल्द से जल्द पूरा करने में फिलहाल अधिकारी जुटे हैं। गांधी नगर से रेडिसन स्टेशन तक कुल 17.2 किमी के 16 स्टेशन प्राथमिकता में है। गांधी नगर से सुपर कॉरिडोर तक 5 किलोमीटर में सितंबर तक 6 स्टेशन का काम पूरा करने का प्लान है। फरवरी-मार्च 2024 तक सबके लिए मेट्रो ट्रेन शुरू होने की उम्मीद है।