
वह राज कोई और नहीं, यशस्वी के कोच ज्वाला सिंह हैं। गोरखपुर से क्रिकेटर बनने का सपना लिए माया नगरी मुंबई पहुंचे ज्वाला सिंह तो इंटरनेशनल क्रिकेटर नहीं बने, लेकिन उन्होंने बेहद कम उम्र में भारत को दो बड़े क्रिकेटर दिए। अंडर-19 वर्ल्ड कप में भारत को विश्व विजेता बनाने वाले कप्तान पृथ्वी शॉ और फिर यशस्वी जायसवाल। रोचक बात यह है कि ओपनर के तौर पर डेब्यू टेस्ट में शतक जड़ने का रिकॉर्ड भारत में 3 लोगों के नाम है, उसमें शिखर धवन के अलावा ज्वाला सिंह के ये दोनों शिष्य हैं।
यशस्वी जायसवाल और ज्वाला सिंह की कहानी में एक बड़ा फैक्टर है। दरअसल, जब ज्वाला सिंह घर छोड़कर मुंबई आए तो उन्हें लंबे समय तक भटकना पड़ा। स्पॉन्सरशिप के लिए लंबा संघर्ष झेला। लगातार इंजरी ने उनका इंटरनेशनल क्रिकेटर बनने का सपना तो चूर-चूर कर दिया, लेकिन उनके अंदर एक ज्वाला भड़क उठी। वह अब ऐसे की तलाश में थे, जिससे वह अपना सपना पूरा कर सकें।
इस खोज में उनकी मुलाकात पृथ्वी शॉ से हुई। सचिन गुरु भाई यानी रमाकांत आचरेकर सर के शिष्य ज्वाला की कोचिंग ने पृथ्वी के हुनर को निखारा और उन्हें तोप बल्लेबाज बना दिया। वह भी ऐसा कि रवि शास्त्री तक यह कहने को मजबूर हुए कि इस लड़के में सचिन, सहवाग और लारा एक साथ दिखते हैं। पृथ्वी शॉ ने भी टेस्ट डेब्यू में शतक जड़ा था। अब यशस्वी जायसवाल ने वही कारनामा दोहराया।
यशस्वी जायसवाल के बारे में ज्वाला बताते हैं कि आजाद मैदान में जिंदगी के लिए संघर्ष कर रहे इस लड़के से जब मिले तो उसमें उन्हें खुद का संघर्ष दिखा। उन्होंने उस बच्चे को पिता की तरह एडॉप्ट किया और चल पड़े ऐतिहासिक सफर पर। अपने घर पर बच्चे की रखा, कोचिंग दी, हर जरूरत का ध्यान रखा और फिर उस बच्चे ने 12 जुलाई, 2023 को भारत के लिए टेस्ट डेब्यू करते हुए सपना पूरा किया। यशस्वी ने उन्हें एक बार अपना भगवान बताया था। कहा था कि उन्होंने जो कुछ किया वह शायद ही कोई किसी के लिए करता है।
ज्वाला बताते हैं कि जब पृथ्वी आया था तो वह मुझसे पहले कहीं और भी ट्रेनिंग ले चुका था। मुझे सिर्फ सभी कड़ियों को जोड़ना था और मेरे लिए वह मुश्किल टास्क नहीं था, लेकिन यशस्वी पूरा फ्रेश था। अपने हिसाब से निखारने की पूरी संभावना थी। मैंने न केवल खुद ट्रेनिंग दी, बल्कि समय-समय अन्य से भी उसकी मुलाकात कराता रहता था। मुंबई का शायद ही कोई बड़ा क्रिकेटर होगा, जिससे उसे नहीं मिलाया। यही वजह है कि वह उसे सीखने में आसानी हुई।