कंबोडिया में F-16 जेट से भीषण हवाई हमला, ट्रंप का युद्धविराम समझौता 2 महीने भी नहीं टिक पाया, थाईलैंड ने अब क्यों छेड़ी जंग?

Updated on 08-12-2025 01:28 PM
बैंकॉक/नोम पेन्ह: भारत-पाकिस्तान, इजरायल-फिलीस्तीन, चीन-ताइवान, अजरबैजान-आर्मेनिया और अफगानिस्तान के बाद थाईलैंड और कंबोडिया संघर्ष का नया क्षेत्र बन गया है। इस साल जुलाई में करीब एक हफ्ते तक चले भीषण युद्ध के बाद थाईलैंड और कंबोडिया एक बार फिर युद्ध के मैदान में हैं। थाईलैंड के हवाई हमलों के बाद दोनों देशों के बीच फिर से युद्ध शुरू होने आशंका है, जबकि अक्टूबर महीने में ही अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की मध्यस्थता में दोनों देशों ने युद्धविराम के समझौते पर हस्ताक्षर किए थे।थाईलैंड ने कहा कि उसने सोमवार को कंबोडिया के साथ अपनी विवादित सीमा पर हवाई हमले किए हैं। दोनों देशों ने एक-दूसरे पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की तरफ से कराए गये युद्धविराम समझौते को तोड़ने का आरोप लगाया है। दोनों देशों के बीच संघर्ष की शुरुआत 28 मई 2025 को उस समय हुई थी जब विवादित सीमा क्षेत्र में दोनों सेनाओं के बीच गोलीबारी हुई और कंबोडिया के एक सैनिक की मौत हो गई। इसके बाद करीब एक हफ्ते तक दोनों देश लड़े और फिर दोबारा ये युद्ध शुरू होने वाला है। इसीलिए आइये जानते हैं कि आखिर कैसे पिछले कुछ महीनों में दोनों देशों के बीच तनाव कम होने के बजाए और भड़का ही है।थाईलैंड और कंबोडिया में फिर जंग के हालात
  • 28 मई, 2025: कंबोडिया के रक्षा मंत्रालय ने कहा कि विवादित बॉर्डर एरिया में थाई सैनिकों के साथ गोलीबारी में उसका एक सैनिक मारा गया।
  • 23 जुलाई 2025: थाईलैंड ने कंबोडिया से अपने राजदूत को वापस बुला लिया और कहा कि वह कंबोडिया के राजदूत को देश से निकाल रहा है। यह घटना विवादित बॉर्डर पर एक लैंडमाइन ब्लास्ट बाद हुई, जिसमें एक थाई सैनिक घायल हो गया था।
  • 24 जुलाई 2025: बॉर्डर पर हथियारों के साथ झड़पें हुईं। दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर पहले गोली चलाने का आरोप लगाया। थाईलैंड ने F-16 जेट तैनात किए, जिनमें से एक ने कंबोडियाई मिलिट्री टारगेट पर बमबारी की।
  • 25 जुलाई 2025: लड़ाई तेज हुई और कई फ्रंटलाइन पर भारी आर्टिलरी फायर और रॉकेट हमले किए गये। ये लड़ाई पिछले एक दशक में दोनों देशों के बीच हुई सबसे हिंसक झड़प थी। इसके बाद की लड़ाई में कम से कम 48 लोग मारे गए, जिनमें ज्यादातर आम नागरिक थे। करीब 3 लाख लोग बेघर हो गये।
  • 26 जुलाई 2025: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दोनों देशों के नेताओं को फोन किया और कहा कि दोनों जल्द ही युद्धविराम पर बातचीत करने के लिए मिलने के लिए तैयार हो गए हैं। उन्होंने यह भी कहा कि एक बार सीजफायर हो जाने पर ट्रेड टैरिफ पर वॉशिंगटन के साथ उनकी बातचीत फिर से शुरू हो सकती है।
  • 28 जुलाई 2025: मलेशिया, यूनाइटेड स्टेट्स और चीन की दोनों पक्षों को बातचीत की मेज पर लाने की कोशिशों के बाद, दोनों देशों के नेताओं ने मलेशिया के पुत्रजया में दुश्मनी खत्म करने, सीधी बातचीत फिर से शुरू करने और युद्धविराम को लागू करने के लिए एक सिस्टम बनाने के लिए एक एग्रीमेंट पर साइन किए।
  • 26 अक्टूबर 2025: थाईलैंड और कंबोडिया के नेताओं ने ट्रंप की मौजूदगी में एक सीजफायर डील पर साइन किए। ट्रंप के दखल की वजह से उन्हें कंबोडिया से नोबेल शांति पुरस्कार के लिए नॉमिनेट किया गया था। यह एग्रीमेंट तीन महीने पहले साइन किए गए सीजफायर पर आधारित थी।
  • 1 नवंबर 2025: समझौते के हिस्से के तौर पर, दोनों देशों का कहना है कि उन्होंने विवादित बॉर्डर से भारी हथियारों को धीरे-धीरे हटाना शुरू कर दिया है, जिसकी शुरुआत रॉकेट सिस्टम से हुई है, और डी-माइनिंग ऑपरेशन किए जा रहे हैं। कंबोडिया का कहना है कि उसे उम्मीद है कि सैनिकों की वापसी साल के आखिर तक पूरी तरह से पूरी हो जाएगी।
  • 11 नवंबर 2025: थाईलैंड ने कहा कि वह कंबोडिया के साथ युद्धविराम समझौते को लागू करने पर रोक लगा रहा है। इससे एक दिन पहले एक लैंडमाइन ब्लास्ट में एक थाई सैनिक घायल हो गया था। जबकि कंबोडिया के रक्षा मंत्रालय ने नई लैंडमाइन बिछाने से इनकार कर दिया है।
  • 12 नवंबर 2025: थाईलैंड की तरफ से हुई गोलीबारी में कंबोडिया के एक शख्स की मौत हो गई।
  • 8 दिसंबर 2025: थाईलैंड ने कंबोडिया पर हवाई हमले शुरू कर दिए। थाईलैंड का आरोप है कि कंबोडिया के गोलीबारी में उसके एक सैनिक की मौत हुई है। फिलहाल दोनों देश एक-दूसरे पर सीजफायर समझौते को तोड़ने का आरोप लगा रहे हैं और थाई अधिकारियों का कहना है कि वो लाखों नागरिकों को विवादित इलाके से निकाल रहा है।
यानि महीनों की कूटनीति, अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थता और दो बड़े युद्धविराम समझौतों के बावजूद, थाईलैंड–कंबोडिया युद्ध के उसी प्वाइंट पर पहुंच गये हैं, जहां से मई में सबकुछ शुरू हुआ था। इससे ये भी पता चलता है कि आपसी विश्वास के बिना किसी तीसरे देश की मध्यस्थता में अगर कोई समझौता होता भी है, तो उसके टिकने की संभावना न्यूनतम होगी।

अन्य महत्वपुर्ण खबरें

 08 September 2026
इस्लामाबाद: आतंकवादी गतिविधियों में उम्र कैद की सजा काट रहे कश्मीरी अलगाववादी यासीन मलिक की पाकिस्तानी पत्नी मुशाल हुसैन मलिक ने पति की रिहाई की गुहार लगाई है। मुशाल हुसैन…
 08 September 2026
तेल अवीव/नई दिल्ली: भारतीय वायुसेना जोधपुर एयरफील्ड में इस महीने 9 से 22 सितंबर तक कई देशों के साथ संयुक्त युद्धाभ्यास करने वाली है। इसमें शामिल होने के लिए जापान…
 08 September 2026
तेल अवीव: इजरायल के पूर्व प्रधानमंत्री नेफ्ताली बेनेट ने आरोप लगाया है कि 7 अक्टूबर 2023 को हुए हमले को लेकर प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को पहले से जानकारी थी। नेफ्ताली…
 08 September 2026
पेरिस: फ्रांस की राजधानी पेरिस में विवाद के पास मशहूर एफिल टावर को फिलहाल पर्यटकों के लिए बंद कर दिया गया है। एफिल टावर को बंद करने का फैसला कर्मचारियों…
 05 September 2026
काठमांडू: रसुवा में आए 'हिमालयी सुनामी' और 1200 से ज्यादा लोगों की मौत के बाद नेपाल में मुआवजे की मांग पर बालेन शाह सरकार में मतभेद की रिपोर्ट्स हैं। नवभारत…
 05 September 2026
मेक्सिको सिटी: मेक्सिको में वैज्ञानिकों के एक अनोखे प्रयोग ने पूरी दुनिया को हैरान कर दिया है। 17 साल पहले मवेशियों के चराने से बंजर हो चुके एक चरागाह (Mexico…
 05 September 2026
इस्लामाबाद: पाकिस्तान के टीवी पत्रकार हामिद मीर ने कहा है कि अगर अगला युद्ध होता है तो पाकिस्तान, भारत और इजरायल से परमाणु हथियार छीन लेगा। हामिद मीर पाकिस्तान के…
 05 September 2026
वॉशिंगटन: अमेरिका की गिनती दुनिया की महाशक्तियों में होती है। इसका कारण सिर्फ अमेरिकी अर्थव्यवस्था ही नहीं, बल्कि उसकी सैन्य ताकत भी है। लेकिन, क्या हो जब कोई कहे कि…
 04 September 2026
ढाका: भारत और बांग्लादेश के बीच गंगा जल बंटवारे को लेकर संधि इस साल 12 दिसंबर को खत्म होने वाली है। अभी तक इस संधि को आगे बढ़ाने के लिए…
Advt.