नरेंद्र मोदी के मणिपुर दौरे से पहले शांति की बड़ी पहल, कूकी-जो ग्रुप समझौता बढ़ाने के लिए राजी
Updated on
04-09-2025 03:22 PM
इंफाल : मणिपुर में पीएम नरेंद्र मोदी की यात्रा से ठीक पहले राज्य में शांति की उम्मीद जगी है। गुरुवार को सस्पेंशन ऑफ ऑपरेशन (एसओओ) पर केंद्र सरकार, मणिपुर सरकार और कुकी-जो विद्रोही ग्रुपों के बीच गुरुवार को एक समझौता होने की संभावना है। इसके तहत 2008 में जिन शर्तों पर समझौता हुआ था, उसे कुछ संशोधनों के साथ आगे बढ़ाया जा सकता है। मणिपुर में दो साल से ज्यादा समय से चल रही जातीय हिंसा के कारण फरवरी 2024 से इसे रिन्यू नहीं किया गया था। समझौते की समयावधि बढ़ते ही मेइती और कुकी-जो समुदाय एक-दूसरे को कई सहूलियत देंगे।
2008 में हुआ था समझौता
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 12 या 13 सितंबर को मणिपुर का दौरा कर सकते हैं। मई 2023 में जातीय हिंसा भड़कने के बाद यह उनकी पहली यात्रा होगी। इस यात्रा में एसओओ समझौते पर सहमति बनने की संभावना है, जिससे राज्य में शांति स्थापित करने में मदद मिल सकती है। इंटेलिजेंस ब्यूरो और गृह मंत्रालय के अधिकारियों वाली केंद्र सरकार की एक टीम कुकी-जो समूहों के प्रतिनिधियों से बात कर रही है। बुधवार को भी बातचीत हुई और गुरुवार को भी जारी रहने की संभावना है। सूत्रों का कहना है कि बातचीत सकारात्मक रही है और गुरुवार को 2008 के समझौते को रिन्यू किया जा सकता है।
शर्तों में किए जा सकते हैं बदलाव
सूत्रों के अनुसार, समझौते की शर्तों में कुछ बदलाव किए जा सकते हैं। कुकी-जो समूहों के कैंपों को दूसरी जगह ले जाया जा सकता है। उनके हथियार भी कैंपों में ही रखने होंगे। कुकी-जो कैडरों को मिलने वाली सैलरी सीधे उनके बैंक खातों में जमा की जाएगी। पहले यह सैलरी कुछ नेताओं को दी जाती थी, जो इसे कैडरों तक पहुंचाते थे। इसके तहत कुकी-जो ग्रुप को हिंसा छोड़ने और अपने कैंपों के बाहर हथियार न दिखाने के लिए कहा जा सकता है। इसके अलावा उन्हें मेइती समुदाय के लोगों को NH-2 पर स्वतंत्र रूप से आने-जाने देने की मांग माननी होगी। बदले में कुकी-जो समुदाय के लोग इंफाल और एयरपोर्ट जा सकेंगे।
पूनम पाण्डे: पेपर लीक के खिलाफ युवाओं ने जंतर-मंतर पर आंदोलन किया, सरकार से सवाल पूछे और फिर दिल्ली यूनिवर्सिटी छात्रसंघ चुनाव (DUSU) में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का छात्र संगठन,…
नई दिल्ली: राजस्थान का जोधपुर एयरबेस जल्द ही दुनिया की कई प्रमुख वायु सेनाओं की ताकत का गवाह बनने वाला है। यहां 26 सितंबर से 12 अक्टूबर तक मल्टीनेशनल एयर…
सी.आर. पाटिल, नई दिल्ली: जल हमें उन तरीकों से जोड़ता है, जिनमें बहुत कम दूसरे संसाधन जोड़ पाते हैं। नदियां प्रशासनिक सीमाओं को नहीं पहचानतीं। भूजल के स्रोत कई समुदायों…
नई दिल्ली: दिल्ली में वोटर लिस्ट के स्पेशल इंटेंसिव रिविजन यानी SIR के दौरान कई चौंकाने वाले मामले सामने आए हैं। पुरानी दिल्ली के 125 साल के वोटर श्याम मुखिजा…
BRICS के बढ़ते प्रभाव, भारत-चीन संबंधों, ऊर्जा सुरक्षा और UNSC में सुधार जैसे मुद्दों पर दुनिया की नजर है। ऐसे में भारत के लिए इस मंच की बदलती भूमिका कितनी…