
रीवा के तेज गेंदबाज कुलदीप सेन अब न्यूजीलैंड की फास्ट पिचों पर गेंदबाजी करेंगे। कुलदीप को न्यूजीलैंड दौरे के लिए टीम इंडिया में चुना गया है। 21 अक्टूबर से 25 अक्टूबर के बीच गुजरात के राजकोट में हुए रेस्ट ऑफ इंडिया क्रिकेट टीम (ईरानी ट्रॉफी) के मैच में कुलदीप ने 8 विकेट चटकाए थे। इससे पहले भी वे पिछले IPL में अपनी गेंदबाजी से सबका ध्यान अपनी ओर खींच चुके हैं।
एपीएसयू पवेलियन के क्रिकेट कोच एरिल एंथोनी ने बताया कि कुलदीप ने पहली पारी में पांच विकेट, तो दूसरी पारी में तीन विकेट लिए थे। इसी खेल की बदौलत 29 अक्टूबर को एनसीए कैंप बेंगलूरू के लिए बुलावा आया। हाल ही में इंडिया A के दो मैचों में कुलदीप ने तीन महत्वपूर्ण विकेट लेकर सबको चौंका दिया था। तब से तय हो गया था कि आगामी दौरों के लिए कुलदीप का चयन जरूर होगा।
पिता चलाते हैं सैलून शॉप
कुलदीप
सेन का जन्म 28 अक्टूबर 1996 को रीवा शहर के समीपी ग्राम हरिहरपुर में हुआ
था। पिता रामपाल सेन की सिरमौर चौराहे पर सैलून शॉप है। तीन भाइयों में
सबसे बड़े कुलदीप क्रिकेटर हैं। दूसरे नंबर के भाई राजदीप सेन का हाल में
मध्यप्रदेश पुलिस में चयन हुआ है। तीसरे नंबर के जगदीप सेन कोचिंग चलाते
हैं। IPL के कई मैचों में कुलदीप ने 149 किमी प्रतिघंटे की रफ्तार से
बॉलिंग कर चुके हैं।
फटे मोजे की गेंद और मोगरी से क्रिकेट खेला
बचपन
के दोस्त राघवेंद्र सेन ने बताया कि फटे मोजे की गेंद और मोगरी से क्रिकेट
खेलने वाला मेरा यार आज इंडियन टीम का स्टार बनने वाला है। हम दोनों एक ही
साथ पले-बढ़े हैं। 2005 में हमारी उम्र 8 से 10 साल थी। तब हमारे पास गेंद
और बैट नहीं होता था। ऐसे में हम फटे मोजे की गेंद बनाकर और मोगरी के बैट
से क्रिकेट खेला करते थे। क्रिकेट के बारे में कुछ नहीं पता था। सिर्फ
मनोरंजन का साधन था।
स्टार के रूम में सिर्फ यार की एंट्री
दोस्त
ने कहा कि कुलदीप सेन के रूम में कोई नहीं आता जाता है। सिर्फ यार यानी कि
मेरी एंट्री है। हम सुबह से शाम तक कुलदीप के रूम में बैठकर उसके ही जीवन
के सपने बुनते रहते हैं। कुलदीप की जर्सी, जूता और बैट-गेंद देखकर गर्व
होता है। अब उस दिन सबसे बड़ी खुशी मिलेगी, जब कुलदीप भारतीय टीम का
स्थापित बॉलर बन जाएगा। देश दुनिया में चारों तरफ रीवा का नाम होगा।
एशिया कप में हो चुका है चयन, नहीं मिला खेलने का अवसर
तेज
गेंदबाज कुलदीप का दो माह पहले 27 अगस्त से 11 सितंबर के बीच दुबई में
खेले गए एशिया कप के लिए चयन हो चुका है। हालांकि उनको खेलने का अवसर नहीं
मिला था। तब इंडियन क्रिकेट में 18 सदस्यीय टीम में जगह दी गई थी। बैकअप
खिलाड़ी स्टैंडबाय के रूप में श्रेयस अय्यर, दीपक चाहर और अक्षर पटेल का
चयन हुआ था। चोट के कारण दीपक चाहर को ड्रॉप कर कुलदीप सेन को चुना गया था।