हम भारतीय हीरा और मोती का भी खूब आयात करते हैं। साल 2022-23 के दौरान हमने 30 अरब डॉलर का मोती तथा प्रीसस और सेमी प्रीसस स्टोन मंगाया। यह एक साल पहले के मुकाबले करीब एक फीसदी कम है क्योंकि एक साल पहले हमने 31 अरब डॉलर का हीरा-मोती मंगाया था। इस कमोडिटी का आयात हमें पिंच नहीं करता है। क्योंकि हम बिना कट किया हुआ और बिना पॉलिश किया हुआ हीरा बाहर से मंगाते हैं। उसकी कटिंग और पॉलिशिंग कर इसे दुनिया भर के बाजारों में बेच देते हैं। इससे हमें काफी फायदा होता है। साथ ही लाखों लोगों को रोजगार भी मिलता है।
