इजरायल-हमास युद्ध का असर शेयर बाजार पर देखने को मिला। अल युद्ध के कारण बाजार में बिकवाली हावी रही। खासकर विदेशी निवेशकों की बिकवाली हावी रही। शेयर बाजार लगातार लाल निशान से साथ बंद होता रहा। शेयर बाजार में जारी गिरावट के कारण सिर्फ छह दिनों में निवेशकों के 20 लाख करोड़ रुपये डूब गए। निवेशक शेयर बाजार से पैसा निकालने लगे।
आम आदमी की मुश्किल
इस युद्ध का असर आम आदमी को भी झेलना पड़ेगा । युद्ध लंबा चला तो की मुश्किलें और बढ़ सकती हैं। बचत, घर या कार के लोन की किस्त, निवेश से लेकर रोजमर्रा की चीजों और मंहगी हो जाएगी। युद्ध के कारण कारोबार प्रभावित होगा और जिसका असर नौकरियों की अनिश्चितता पर पड़ेगा। लोगों की सेविंग प्रभावित होगी। महंगाई बढ़ने से खर्च बढ़ सकते हैं।