डोनाल्ड ट्रंप का बातचीत का दावा सफेद झूठ? युद्ध रोकने के लिए ईरान ने रख दीं 6 बड़ी शर्तें, अमेरिका घुटने टेकने पर होगा मजबूर?

Updated on 24-03-2026 01:08 PM
तेहरान: डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को बड़ा ऐलान करते हुए ईरान के ऊर्जा ढांचे पर 5 दिन तक हमले न करने की घोषणा कर दी। ट्रंप ने दावा किया कि ईरान के साथ युद्ध खत्म करने के लिए बातचीत चल रही है और कहा कि इसमें एक बेहद सम्मानित ईरानी आधिकारी इसमें शामिल थे। लेकिन ईरान ने कहा है कि उसकी अमेरिका के साथ कोई सीधी बातचीत नहीं हुई है। इतना ही नहीं ईरान ने युद्ध खत्म करने के लिए अमेरिका के सामने शर्तों की लिस्ट रख दी है।

ईरान ने मांगा नुकसान का मुआवजा

ईरान से सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई के सैन्य सलाहकार मोहसिन रजाई ने कहा, युद्ध तब तक जारी रहेगा, जब तक ईरान को हुए नुकसान की भरपाई नहीं हो जाती और उस पर लगे प्रतिबंध हटा नहीं दिए जाते। रजाई ने जोर देकर कहा कि ईरान चाहता है कि उसे अंतरराष्ट्रीय गारंटी दी जाए कि अमेरिका इस्लामिक गणराज्य के अंदरूनी मामलों में दखल नहीं देगा।
इस बीच ड्रॉप साइट ने एक ईरानी अधिकारी के हवाले से बताया है कि तेहरान ने अमेरिका के सामने युद्ध खत्म करने के लिए शर्तों की पूरी लिस्ट भेज दी गई है। अधिकारी ने बताया कि अभी कोई बातचीत नहीं हो रही है। ईरान की तरफ से बस अपनी शर्तें बताई गई हैं। उन्होंने बताया कि मध्यस्थों के जरिए यह संदेश भेजा गया है। अधिकारी ने बताया कि ये शर्तें शामिल हैं

ईरान की युद्ध खत्म करने के लिए शर्त

1- ईरान, लेबनान और इराक में एक साथ युद्धविराम हो। ईरान के खिलाफ दोबारा हमले न हो होने की गांरटी और क्षेत्र में अमेरिकी सैन्य ठिकानों को बंद करने की मांग की है।
2- अधिकारी ने बताया कि मिसाइल कार्यक्रम पर किसी बातचीत में कोई मोलभाव नहीं होगा। इजरायल का मुकाबला करने में इसकी रक्षात्मक प्रकृति को देखते हुए यह कार्यक्रम बिना किसी बदलाव के और युद्धविराम की स्थिति में और ज्यादा तेजी से जारी रहेगा।
3- ड्राप साइट ने ईरानी अधिकारी के हवाले से बताया कि अमेरिका द्वारा अंतरराष्ट्रीय कानूनों के उल्लंघन और परमाणु ठिकानों पर इजरायल के हमलों को देखते हुए ईरान एक नई परमाणु नीति बनाएगा। उन्होंने कहा कि संवर्धन गतिविधियां जारी रहेंगी।
4- भविष्य के किसी भी समझौते में अमेरिका और इजरायल के हमलों से हुए नुकसान के लिए ईरान मुआवजे की मांग करेगा। रजाई ने भी अपने बयान में इसी तरह की बात कही थी।
5- ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य के लिए एक कानूनी ढांचा बनाए जाने की मांग रखी ह

ईरान ने ट्रंप के दावे को बताया झूठा

ईरान ने ट्रंप के साथ किसी भी बातचीत से इनकार किया है और कहा कि यह बयान बाजारों को स्थिर करने और उस दलदल से बाहर निकलने के लिए किया जा रहा है, जिसमें अमेरिका और इजरायल फंसे हुए हैं। ईरान की संसद के स्पीकर मोहम्मद बाघेर गालिबफ ने बताया कि ईरान के हमलावरों के लिए पूरी और याद रखने वाली सजा दिए जाने की मांग करत रहे हैं और सभी अधिकारी अपने सुप्रीम लीडर और लोगों के साथ मजबूती से खड़े हैं।


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