ईरानी हैकर्स की ट्रंप के करीबी के ईमेल अकाउंट में सेंध, ऑनलाइन जारी कर दीं काश पटेल की निजी तस्वीरें

Updated on 28-03-2026 11:52 AM
वॉशिंगटन: ईरान से जुड़े हैकरों ने अमेरिकी एजेंसी FBI के डायरेक्टर काश पटेल के पर्सनल ईमेल इनबॉक्स में सेंध लगाई है। हैकर्स ने पटेल के ईमेल से तस्वीरें तथा दूसरे दस्तावेज निकालकर इंटरनेट पर पब्लिश कर दिए। अमेरिकी न्याय विभाग के एक अधिकारी ने रॉयटर्स से इसकी पुष्टि की है। अमेरिकी अधिकारी ने कहा कि ईरान से जुड़े हैकरों ने काश पटेल के निजी ईमेल से उनकी तस्वीरें और दूसरी सामग्री को लीक किया है।

ईरान समर्थक एक हैकिंग ग्रुप ने शुक्रवार को दावा किया कि उसने FBI डायरेक्टर काश पटेल का अकाउंट हैक करते हुए उनको इनबॉक्स तक पहुंच बनाई है। ग्रुप ने ऑनलाइन उनकी कई साल पुरानी तस्वीरें, उनका वर्क रेज्यूमे और दूसरे निजी दस्तावेज पोस्ट किए हैं। इनमें से कई रिकॉर्ड एक दशक से भी ज्यादा पुराने हैं।

हैकर्स ग्रुप ने जारी किया बयान

हैकर ग्रुप 'हंडाला हैक टीम' ने अपनी वेबसाइट पर कहा कि काश पटेल अब अपना नाम उन लोगों की लिस्ट में पाएंगे, जिन्हें सफलतापूर्वक हैक किया गया है। हैकर्स ने पटेल की कई पर्सनल तस्वीरें पब्लिश की हैं, जिनमें वे सिगार पीते हुए, एक पुरानी कन्वर्टिबल कार में सवारी करते हुए और रम की बोतल के साथ शीशे में अपनी तस्वीर लेते समय मुंह बनाते दिख रहे हैं।अमेरिकी न्याय विभाग के एक अधिकारी ने काश पटेल के ईमेल में सेंध लगाए जाने की पुष्टि की है। उन्होंने कहा कि पटेल से जुड़ी ऑनलाइन प्रकाशित सामग्री असली लग रही है। हालांकि FBI (फेडरल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन ) ने रॉयटर्स की टिप्पणी के अनुरोध पर तुरंत कोई जवाब नहीं दिया। हैकरों ने भी तुरंत कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है।


क्या है हंडाला ग्रुप

हंडाला खुद को फिलिस्तीन समर्थक हैकरों का एक समूह बताता है। इस ग्रुप को पश्चिमी शोधकर्ता ईरानी सरकार की साइबर-खुफिया इकाइयों के इस्तेमाल किए जाने वाले कई नामों में से एक मानते हैं। हंडाला ने 11 मार्च को ही मिशिगन स्थित मेडिकल डिवाइस और सेवा प्रदाता कंपनी स्ट्राइकर (SYK.N) को हैक करने का दावा किया था।
काश पटेल के ईमेल हैक करने का यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है, जब अमेरिका और ईरान युद्ध में उलझे हुए हैं। दोनों देशों के बीच 28 फरवरी से लगातार जंग हो रही है। इस लड़ाई की वजह से दोनों देशों में तनाव चरम पर है। पटेल का ईमेल हैक होने में ईरानी ग्रुप का शामिल होना इस तनातनी को और ज्यादा बढ़ा सकता है।

काश पटेल कौन हैं

भारतीय मूल के अमेरिकी काश पटेल को डोनाल्ड ट्रंप के करीबी सहयोगियों में गिना जाता है। काश पटेल का जन्म 25 फरवरी, 1980 को न्यूयॉर्क के गार्डन सिटी में गुजराती माता-पिता के घर हुआ था। उन्होंने यूनिवर्सिटी ऑफ रिचमंड से ग्रेजुएशन और पेस यूनिवर्सिटी स्कूल ऑफ लॉ से ज्यूरिस डॉक्टर की उपाधि ली है।

काश पटेल ने वकालत से करियर शुरू किया और सरकारी वकील के तौर पर कई वर्षों तक काम किया। पटेल ने वकील के तौर पर कई हाईप्रोफाइल पदों पर काम किया है। इनमें राष्ट्रपति के उपसहायक और राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद में वरिष्ठ निदेशक का पद शामिल हैं। वह कई वर्षों से अमेरिका का जाना पहचाना चेहरा हैं।

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