'भारत और रूस रिश्ते मजबूत करने के तरीके ढूढ़ रहे', अमेरिकी दबाव के बीच रूसी राजदूत का बड़ा बयान

Updated on 11-02-2026 11:47 AM
मॉस्को: रूस और भारत की दोस्ती को कमजोर करने की अमेरिका की कोशिशों के बावजूद दोनों देश आपसी रिश्तों को मजबूत कर रहे हैं। भारत में रूस के राजदूत डेनिस अलीपोव ने यह बात कही है। रूसी समाचार एजेंसी RIA नोवोस्ती से बात करते हुए अलीपोव ने कहा कि रूस और भारत रिश्ते मजबूत करने के तरीके ढूढ़ रहे हैं। उन्होंने बताया कि रूस में भारतीय आयात को बढ़ाने के काम को काफी बढ़ावा मिला है। इस कोशिश का मकसद भारत से कई तरह के सामान और सेवाओं का आयात बढ़ाना है। उन्होंने कहा कि इससे खेती के बाजार तक ज्यादा पहुंच और फर्टिलाइजर निर्माण के जॉइंट वेंचर बनाने के मौके खुलेंगे।

रूसी तेल खरीद पर अमेरिका बना रहा दबाव

रूसी राजदूत का बयान ऐसे समय में आया है जब अमेरिकी से ट्रेड डील का फ्रेमवर्क जारी होने के बाद भारत पर रूसी तेल न खरीदने का दबाव है। अमेरिका और भारत के बीच ट्रेड डील के फ्रेमवर्क तहत अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने नई दिल्ली पर 25% के दंडात्मक टैरिफ को खत्म कर दिया था। इसके साथ ही अमेरिका ने एग्जीक्यूटिव ऑर्डर में साफ कहा है कि अगर भारत रूस से सीधे या अप्रत्यक्ष तेल खरीदता है तो उसके खिलाफ फिर से टैरिफ लगाया जा सकता है।

रूसी तेल पर राजदूत ने क्या कहा?

हालांकि, दो दिन पहले ही राजदूत अलीपोव ने रूसी समाचार एजेंसी TASS से बताया था कि पश्चिमी देशों के जवाबी हमले और शिपमेंट वॉल्यूम में उतर-चढ़ाव के बावजूद रूस अभी भी भारत का सबसे बड़ा तेल सप्लायर बना हुआ है। उन्होंने कहा कि अनुमानों के मुताबिक, रूसी घरेलू हाइड्रोकार्बन भारतीय अर्थव्यवस्था के आयात का आधार बने हुए हैं। इस दौरान उन्होंने माना था कि रूसी कंपनियों पर अमेरिकी प्रतिबंधों के चलते रीडिस्ट्रिब्यूशन पर कुछ असर पड़ा था।अलीपोव ने कहा, 'हम अभी देश के तेल बाजार में एक और बदलाव को देख रहे हैं, जो स्थानीय खरीदारों के प्रतिबंधों के खतरे को कम करने की इच्छा की वजह से है। उन्होंने कहा, ऐसा पहले भी हुआ था, जब पश्चिमी देशों ने प्रतिबंध लगाए थे, लेकिन हर बार हमें भारतीय साझेदारों के साथ आपसी फायदे वाले सहयोग को जारी रखने के मौके मिले।'

रूस और भारत की दोस्ती

रूस भारत का दशकों से सबसे प्रमुख रक्षा साझेदार रहा है, लेकिन हाल के वर्षों में ऊर्जा सुरक्षा को पक्का करने में भी इसने खुद को नई दिल्ली का सबसे भरोसेमंद पार्टनर साबित किया है। भारतीय विदेश मंत्रालय ने कहा है कि देश के 1.4 अरब लोगों के लिए ऊर्जा सुरक्षा को सुनिश्चित करना सरकार की प्राथमिकता है। इसने कहा है कि बाजार की सही स्थितियों और बदलते अंतरराष्ट्रीय माहौल के हिसाब से ऊर्जा स्रोत को डाइवर्सिफाइ करना देश की रणनीति का मुख्य हिस्सा है।

अन्य महत्वपुर्ण खबरें

 08 September 2026
इस्लामाबाद: आतंकवादी गतिविधियों में उम्र कैद की सजा काट रहे कश्मीरी अलगाववादी यासीन मलिक की पाकिस्तानी पत्नी मुशाल हुसैन मलिक ने पति की रिहाई की गुहार लगाई है। मुशाल हुसैन…
 08 September 2026
तेल अवीव/नई दिल्ली: भारतीय वायुसेना जोधपुर एयरफील्ड में इस महीने 9 से 22 सितंबर तक कई देशों के साथ संयुक्त युद्धाभ्यास करने वाली है। इसमें शामिल होने के लिए जापान…
 08 September 2026
तेल अवीव: इजरायल के पूर्व प्रधानमंत्री नेफ्ताली बेनेट ने आरोप लगाया है कि 7 अक्टूबर 2023 को हुए हमले को लेकर प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को पहले से जानकारी थी। नेफ्ताली…
 08 September 2026
पेरिस: फ्रांस की राजधानी पेरिस में विवाद के पास मशहूर एफिल टावर को फिलहाल पर्यटकों के लिए बंद कर दिया गया है। एफिल टावर को बंद करने का फैसला कर्मचारियों…
 05 September 2026
काठमांडू: रसुवा में आए 'हिमालयी सुनामी' और 1200 से ज्यादा लोगों की मौत के बाद नेपाल में मुआवजे की मांग पर बालेन शाह सरकार में मतभेद की रिपोर्ट्स हैं। नवभारत…
 05 September 2026
मेक्सिको सिटी: मेक्सिको में वैज्ञानिकों के एक अनोखे प्रयोग ने पूरी दुनिया को हैरान कर दिया है। 17 साल पहले मवेशियों के चराने से बंजर हो चुके एक चरागाह (Mexico…
 05 September 2026
इस्लामाबाद: पाकिस्तान के टीवी पत्रकार हामिद मीर ने कहा है कि अगर अगला युद्ध होता है तो पाकिस्तान, भारत और इजरायल से परमाणु हथियार छीन लेगा। हामिद मीर पाकिस्तान के…
 05 September 2026
वॉशिंगटन: अमेरिका की गिनती दुनिया की महाशक्तियों में होती है। इसका कारण सिर्फ अमेरिकी अर्थव्यवस्था ही नहीं, बल्कि उसकी सैन्य ताकत भी है। लेकिन, क्या हो जब कोई कहे कि…
 04 September 2026
ढाका: भारत और बांग्लादेश के बीच गंगा जल बंटवारे को लेकर संधि इस साल 12 दिसंबर को खत्म होने वाली है। अभी तक इस संधि को आगे बढ़ाने के लिए…
Advt.