भोपाल। मध्य प्रदेश में उपार्जित 46.03 लाख टन धान की मिलिंग के लिए सरकार अपग्रेडेशन की राशि में संशोधन करेगी। प्रोत्साहन राशि तो प्रति क्विंटल 50 रुपये ही रखी जाएगी, लेकिन अपग्रेडेशन राशि में कटौती कर आधा करना प्रस्तावित है। निर्णय मंगलवार को मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में होने वाली कैबिनेट बैठक में लिया जाएगा।
खाद्य, नागरिक आपूर्ति विभाग ने प्रस्तावित किया है कि यदि मिलर पूरा चावल राज्य आपूर्ति निगम को देता है तो केवल 50 रुपये प्रति क्विंटल प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। 80 प्रतिशत चावल आपूर्ति निगम और 20 प्रतिशत भारतीय खाद्य निगम को देने की सहमति पर प्रोत्साहन राशि क 50 रुपये अलावा प्रति क्विंटल 25 रुपये दिए जाएंगे। यह राशि अभी 50 रुपये प्रति क्विंटल थी।
इसी तरह 40 प्रतिशत चावल आपूर्ति निगम और 60 प्रतिशत भारतीय खाद्य निगम को देने पर 150 के स्थान पर 75 रुपये अपग्रेडेशन राशि मिलेगी। प्रोत्साहन राशि तभी दी जाएगी, जब मिलर अपनी निर्धारित क्षमता का न्यूनतम 30 प्रतिशत या जिले में उपलब्ध धान की मात्रा के आधार पर कलेक्टर द्वारा निर्धारित न्यूनतम प्रतिशत की मिलिंग करेगा।
धान की मिलिंग से कुल 30.84 लाख टन चावल मिलेगा। प्रदेश में पीडीएस में आवश्यकता 20.64 लाख टन की है। शेष चावल सेंट्रल पूल में जमा कराया जाएगा। इसके अलावा राजभवन सचिवालय में जनजातीय प्रकोष्ठ के गठन संबंधी निर्णय का अनुसमर्थन, पुनर्वास आयुक्त के अस्थायी पद की अवधि पांच साल बढ़ाने सहित अन्य प्रस्तावों पर विचार किया जाएगा।
त्यागपत्र के लिए बदलेगा नियम
सरकार संविदा नियुक्ति नियम में संशोधन करेगी। इसमें संविदा पर नियुक्त अधिकारी यदि सेवा से त्यागपत्र देना चाहता है तो शासन यह छूट दे सकता है कि वह एक माह पूर्व सूचना या एक माह का वेतन जमा करे। इस संबंध में शासन शर्त को शिथिल कर सकेगा। यह कदम इसलिए उठाया जा रहा है कि क्योंकि विशेष परिस्थिति में नियुक्त अधिकारी द्वारा प्रशासनिक या अन्य कारणों से तिथि विशेष को त्यागपत्र दिया जाता है। ऐसे में प्रविधान का पालन किया जाना संभव नहीं होता है और त्यागपत्र स्वीकार करने में कठिनाई होती है।