
मार्च का पहला सप्ताह गर्म रहा तो दूसरे सप्ताह में ओले गिरने व बारिश होने से ठंडक का अहसास शहरवासी कर रहे हैं। इसका कारण लगातार पश्चिमी विक्षोभ का सक्रिय रहना है। पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता के चलते ही अरब सागर से अंचल की ओर नमी आ रही है। इससे बादल छाने के साथ अंचल में कहीं बारिश तो कहीं ओले गिर रहे हैं। पहले सप्ताह में अधिकतम तापमान 35.3 डिग्री तक दर्ज हो चुका है। दूसरे सप्ताह के शुरुआत में अधिकतम तापमान 31.7 डिग्री तक रिकॉर्ड हुआ है।
रविवार को 10 से 15 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार से तेज हवा चली। पिछले दिन की तुलना में अधिकतम तापमान 2.7 डिग्री गिरावट के साथ 28.3 डिग्री दर्ज किया गया। यह सामान्य से 5.2 डिग्री कम रहा। वहीं न्यूनतम तापमान 1.1 डिग्री सेल्सियस बढ़त के साथ 18 डिग्री दर्ज किया गया। यह सामान्य से 1.9 डिग्री अधिक रहा।
जेएएच- ओपीडी में वायरल ब्रोंकायटिस के आ रहे हैं 20 प्रतिशत मरीज
केआरएच के पीडियाट्रिक आईसीयू (पीआईसीयू) में वायरल ब्रोकियोलाइटिस के भर्ती 2 बच्चों की हालत में सुधार हाेने से उन्हें पीआईसीयू से हाई डिपेंडेंसी यूनिट में शिफ्ट कर दिया गया। पीडियाट्रिक आईसीयू में इस बीमारी के 25 बच्चे भर्ती हैं। उधर, जेएएच की मेडिसिन विभाग की ओपीडी में 20 फीसदी मरीज वायरल ब्रोंकाइटिस से पीड़ित आ रहे हैं। डॉ. संजय धवले ने बताया कि वयस्क मरीजों में भी वायरल ब्रोंकाइटिस की शिकायत देखने को मिल रही है।
बिजली कड़कने व तेज हवा चलने की संभावना
"पश्चिमी विक्षोभ ईरान व अफगानिस्तान के ऊपर एक चक्रवाती घेरा के रूप में बना हुआ है। इसके साथ ही दक्षिण राजस्थान और उससे सटे उत्तर गुजरात पर चक्रवाती हवा का क्षेत्र अब पूर्वी राजस्थान और उससे सटे पश्चिमी मध्य प्रदेश पर स्थित है। वहीं चक्रवाती परिसंचरण पूर्वी राजस्थान और इससे सटे पश्चिमी मप्र से उत्तर पश्चिमी बंगाल की खाड़ी तक बना हुआ है। अगले 24 घंटे के दौरान ग्वालियर-चंबल संभाग में गरज-चमक के साथ बिजली कड़कने व तेज हवा चलने की संभावना है। दो दिन बाद तापमान बढ़ना शुरू हो जाएगा।"