ईरान युद्ध का असर! साबुन से लेकर तेल और बिस्किट तक होने वाले हैं महंगे, दाम बढ़ाने की तैयारी में कंपनियां

Updated on 07-04-2026 12:41 PM
नई दिल्ली: दुनियाभर में जारी तनाव और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों का असर अब सीधा आपकी जेब पर पड़ने वाला है। बिस्किट, साबुन और खाने के तेल से लेकर घरों में होने वाले पेंट तक, सब कुछ महंगा होने के आसार हैं। खास तौर पर पैकेजिंग और पेट्रोलियम से जुड़ी चीजों के दाम बढ़ने की वजह से अब FMCG (रोजमर्रा के इस्तेमाल का सामान) और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स (टीवी, फ्रिज जैसे घरेलू सामान) बनाने वाली कंपनियां कीमतों में बढ़ोतरी करने पर विचार कर रही हैं।

TOI के मुताबिक, 'लाहोरी जीरा' जैसी कुछ कंपनियों ने तो महीने की शुरुआत से ही चुनिंदा प्रोडक्ट्स के दाम बढ़ा दिए हैं। 'नुवामा इक्विटीज' की एक रिपोर्ट के मुताबिक, खाने के तेल (एडिबल ऑयल) की कंपनियों ने भी कीमतों में 4-5 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की है। वहीं, पाम ऑयल महंगा होने की वजह से बीकाजी, ब्रिटानिया और नेस्ले जैसी फूड कंपनियां भी इस तिमाही में दाम बढ़ा सकती हैं।
पिछले सात-आठ साल से पाम ऑयल की कीमतें कच्चे तेल के साथ ही ऊपर-नीचे होती रही हैं। ऐसे में पाम ऑयल महंगा होने से HUL और गोदरेज जैसी साबुन बनाने वाली कंपनियों की मुश्किलें भी बढ़ सकती हैं, क्योंकि पाम ऑयल उनके लिए सबसे जरूरी कच्चा माल है।

दाम अडजस्ट करने की तैयारी

Zydus Wellness के सीईओ तरुण अरोड़ा का कहना है कि पश्चिम एशिया में तनाव जितने लंबे समय तक चलेगा, अलग-अलग सामानों की कीमतें बढ़ने की आशंका उतनी ही ज्यादा होगी। उन्होंने बताया कि कंपनियां इससे निपटने के लिए छोटे पैकेटों का वजन कम कर सकती हैं। यानी कीमत वही रहेगी लेकिन सामान कम मिलेगा। जबकि बड़े पैकेटों के दाम सीधे तौर पर बढ़ाए जा सकते हैं।

महंगाई का तड़का

  • ईरान युद्ध का सीधा असर अब आपकी जेब पर पड़ने वाला है
  • बिस्किट, साबुन, तेल और पेंट तक महंगा होने के आसार हैं
  • FMC और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स कंपनियां कीमत बढ़ाने की तैयारी में
  • खाने के तेल की कीमत में में 4-5 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी
  • बीकाजी, ब्रिटानिया और नेस्ले इस तिमाही दाम बढ़ा सकती हैं
  • HUL और गोदरेज भी साबुन की कीमत में बढ़ोतरी की तैयारी में

गैस आधारित प्लांट का हाल

रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि देश की कई पैक्ड फूड कंपनियों ने उन प्लांटों में उत्पादन रोक दिया है या कम कर दिया है जो एलपीजी पर निर्भर हैं।

पेंट इंडस्ट्री पर असर

पेंट इंडस्ट्री में इस्तेमाल होने वाला करीब 40% कच्चा माल कच्चे तेल से ही जुड़ा होता है, इसलिए क्रूड की बढ़ती कीमतों का असर यहां भी दिखने लगा है। बर्जर पेंट्स, कंसाई नेरोलैक और JSW डुलक्स ने पिछले महीने ही कीमतें बढ़ा दी हैं। वहीं, एशियन पेंट्स भी आने वाले दिनों में 6-8% तक दाम बढ़ा सकती है। रिपोर्ट के मुताबिक, वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही (Q1 FY27) में कंपनियों के मुनाफे पर दबाव दिख सकता है।

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