मोटर इंश्योरेंस पोर्ट कराना है तो जान लीजिए इन बातों को, फायदे में रहेंगे

Updated on 22-07-2023 02:28 PM
कई बार मोटर इंश्योरेंस (Motor Insurance) कराने के बाद महसूस होता है कि हम वर्तमान बीमाकर्ता (Insurer) के साथ फंस गए हैं। आप यह भी सोचते हैं कि क्या इस बीमा पर मिलने वाले लाभों को खोए बिना किसी दूसरे बीमाकर्ता के पास जाने का कोई तरीका है? इसका उत्तर हां में है। आप अपनी मोटर बीमा पॉलिसी को किसी दूसरे बीमाकर्ता को ट्रांसफर कर सकते हैं। इसकी प्रक्रिया कितनी कठिन या आसान है, इसके बारे में हमें बता रहे हैं

कब शिफ्ट होना है?

पॉलिसी पोर्ट करने का सबसे अच्छा समय इसके रिन्यूवल के दौरान होता है। आपकी बीमा पॉलिसी का निर्बाध स्थानांतरण (smooth transfer) हो सके, इसके लिए आप पॉलिसी डेट खत्म होने का इंतजार मत कीजिए। आप पॉलिसी की समाप्ति तिथि से कम से कम 45 दिन पहले इसकी प्रक्रिया शुरू दीजिए।

कैसे करें शिफ्ट?

एक बार जब आप यह फैसला ले लेते हैं कि किस बीमाकर्ता के पास आप जाना चाहते हैं, तो बस उनके एजेंट से संपर्क करें या उनकी वेबसाइट पर जाएँ। फिर प्रपोजल फॉर्म भरने जैसी जरूरी औपचारिकताएं पूरी करें। आपको अपनी एक्टिव पॉलिसी या समाप्त हो चुकी पॉलिसी का विवरण भी साझा करना होगा। यदि पॉलिसी समाप्त हो गई है, तो वाहन के निरीक्षण की आवश्यकता पड़ सकती है। आपको वर्तमान बीमाकर्ता का डिटेल, पॉलिसी नंबर और आपके द्वारा किए गए किसी भी क्लेम का विवरण भरना होगा। सबसे महत्वपूर्ण चीजों में से एक है अपने वर्तमान नो- क्लेम बोनस (एनसीबी) का उल्लेख करना ताकि दावा-मुक्त वर्ष (claim free year) के मामले में एनसीबी का अगला स्लैब आपके लिए बढ़ाया जा सके। इस प्रकार आप एनसीबी लाभों का आनंद लेना जारी रख सकेंगे।

पॉलिसी बदलते समय किन बातों का रखें ध्यान

चूंकि आप मौजूदा योजना और सेवा से संतुष्ट नहीं थे, इसलिए यह बहुत जरूरी है कि आप बीमा कंपनी बदलने से पहले अच्छी तरह से इसके डॉक्यूमेंट्स पढ़ लें और रिसर्च कर लें। दावे में बीमा की सच्चाई पूरी बतानी होगी। आपको किसी भी अन्य चीज़ से पहले बीमाकर्ता की दावा-भुगतान क्षमता का आकलन करना चाहिए। आप चाहें तो उस गैरेज जाकर बात कर सकते हैं जहां आप आमतौर पर अपने वाहन की मरम्मत करवाते हैं और उनसे पूछ सकते हैं कि कौन सी बीमा कंपनी अच्छी है जो क्लेम को सहजता से पास करती है। यहां आपको अपना जवाब मिल जाएगा। और अधिक स्पष्टता के लिए आप ऑनलाइन शोध कर सकते हैं और ग्राहक प्रशंसापत्र पढ़ (customer testimonials) सकते हैं। इसके अतिरिक्त, बीमाकर्ता के वित्तीय रूप से कितना काबिल है, इसका मूल्यांकन करने के लिए उसके सॉल्वेंसी अनुपात को देखें। सॉल्वेंसी अनुपात देनदारियों (liabilities) के मुकाबले बीमाकर्ता के नकदी प्रवाह (cash flow) को दर्शाता है। बीमा नियामक ने सभी बीमा कंपनियों को 1.5 या 150% का सॉल्वेंसी अनुपात बनाए रखना अनिवार्य कर दिया है। जिस कंपनी का सॉल्वेंसी अनुपात ऊंचा है, उसकी दावा-भुगतान क्षमता अच्छी होने की संभावना है।

ऐड-ऑन कवर का भी रखें ध्यान

इन मापदंडों के अलावा, बीमा कंपनियों द्वारा प्रदान की जाने वाली विभिन्न सेवाओं और ऐड-ऑन कवर की खोज आपको सही बीमाकर्ता चुनने में मदद करेगी। कैशलेस दावों के निपटान का लाभ उठाने के लिए आपको बीमाकर्ता के नेटवर्क गैरेज को भी देखना चाहिए। केवल नेटवर्क गैरेज की संख्या को न देखें, बल्कि उन गैरेज पर ध्यान केंद्रित करें जो आपके नजदीक हैं, या आपके नियमित ड्राइविंग रूट में आते हैं।

बीमा कंपनी के प्रतिनिधि से ही करें बात

हमने ऊपर जिन बातों का जिक्र किया है, इसका तो ध्यान रखें ही। इसके अलावा, ध्यान रखें कि आप पॉलिसी पोर्ट करने के लिए बीमा कंपनी के किसी अधिकृत व्यक्ति से बात करें। कृपया सावधान रहें। आज ऐसे कई धोखेबाज हैं जो बीमा कंपनी के प्रतिनिधि होने का दावा करते हैं। प्रतिनिधि से व्यक्तिगत रूप से मिलना और उनके विवरण को खंगाल लेना सबसे अच्छा है। जब ऑनलाइन भुगतान करने की बात आती है, तो कृपया केवल बीमा कंपनी के अधिकृत प्लेटफॉर्म का उपयोग करके भुगतान करें।

सिर्फ प्रीमियम ही नहीं देंखे

अंत में, लेकिन सबसे महत्वपूर्ण बात, जब एक नए बीमाकर्ता की तलाश कर रहे हों, तो अपने निर्णय को केवल प्रीमियम के आधार पर न जाएं। बल्कि, चीजों के बारे में खुला दृष्टिकोण रखें और उनकी सेवाओं और दावा भुगतान क्षमता के लिए बीमाकर्ता का मूल्यांकन करें। इसका कारण काफी सरल है। शुरुआत में आपको कम प्रीमियम के कारण दूसरा बीमाकर्ता बेहतर विकल्प लग सकता है, लेकिन बाद में दावे के समय आपको कई दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। जैसा कि प्रसिद्ध कहावत है, कोई भी लंच मुफ्त में नहीं होता है। इसका मतलब, कम प्रीमियम में कुछ चुनौतियां छिपी होती है। हमेशा याद रखें, क्लेम की राशि की तुलना में बीमे की लागत काफी कम होती है। इसलिए एक अच्छे और नेकदिल वाले बीमाकर्ता की तलाश करें, जो आगे क्लेम का मौका पड़ने पर आपके जीवन को आसान बना देगा।

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