दुनिया के सारे सोने को एक साथ रखें तो कितनी बड़ी होगी तिजोरी आपका सिर घुमा देंगे गोल्ड से जुड़े ये फैक्ट्स

Updated on 23-09-2023 04:43 PM
नई दिल्ली : बड़े-बुजुर्ग कहते हैं कि जिसके घर में सोना होता है वह चैन की नींद सो सकता है। अलग-अलग मौकों पर यह बात सही साबित हुई है। जब भी आर्थिक स्थिति खराब होती है या अचानक से कोई बड़ा खर्चा आ जाए और नकदी ना हो, तो सोना ही काम आता है। इसके ना होने पर इंसान कर्ज के बोझ तले भी दब सकता है। बीते कुछ समय से सोने ने काफी अच्छा रिटर्न दिया है। पिछले साल सोने ने करीब 15 फीसदी रिटर्न दिया था। इस साल भी इसके इतना ही रिटर्न देने का अनुमान हैं। आज हम आपको सोने के बारे में कुछ ऐसे फैक्ट बताने जा रहे हैं, जिससे आपको इस कीमती धातु के बारे में की नई बातें पता चलेंगी।

कब बढ़ते हैं सोने के भाव?

जब भी वैश्विक अर्थव्यवस्था में अस्थिरता आती है। भू-राजनीतिक तनाव पैदा होते हैं। मंदी की आशंका होती है, शेयर बाजार गिरने लगते हैं या महंगाई बढ़ती है, तो सोने की कीमतों में उछाल आता है। इन सब स्थितियां में सोना सेफ हैवन निवेश विकल्प बन जाता है। ऐसे में निवेशक सोने की तरफ भागते हैं, जिससे इसके दाम बढ़ते हैं।

दुनिया के आधे सोने से बनी है जूलरी

अगर आपसे पूछा जाए कि सबसे ज्यादा सोना कहां यूज होता है, तो आप क्या जवा देंगे। अधिकतर लोगों का जवाब जूलरी होगा। जी हां, सोने की कुल इन्वेंट्री में से आधा सोना (49 प्रतिशत) जूलरी के रूप में है। यानी इसके गहने बने हुए हैं। दरअसल सोना अपना चालकता के चलते बड़ी तेजी से शरीर के तापमान के बराबर पहुंच जाता है। जूलरी में सोने की इतनी वैल्‍यू के पीछे एक वजह यह भी है। इसके बाद 20 फीसदी सोना सिक्कों और ईटीएफ के रूप में लोगों के पास है। इसके बाद नंबर है केंद्रीय बैंकों का। 17 फीसदी सोना दुनियाभर के केंद्रीय बैंकों के पास है। इसके बाद 13% सोना माइक्रोचिप्स, स्मार्टफोन और मेडिसिन बनाने में यूज होता है।

क्या हो अगर एक साथ रख दें दुनिया का सारा सोना

क्या आपने कभी सोना है कि दुनिया का पूरा सोना पिघला दिया जाए तो क्या हो? अगर हम पूरी दुनिया का सोना पिघला दें और उससे 5 माइक्रॉन मोटाई वाला तार बनाएं तो उससे पूरी दुनिया को 1.1 करोड़ से ज्‍यादा बार लपेट सकते हैं। वहीं, अगर दुनिया का सारा गोल्ड एक जगह आ जाए तो उसे 21 मीटर के घनाकार क्रेट में समाया जा सकता है। वर्ल्‍ड गोल्ड काउंसिल (WGC) के अनुसार, दुनिया में लगभग 1,87,000 टन सोना निकाला जा चुका है।

कितने टेंपरेचर पर पिघलता है सोना?

सोना 1,064 डिग्री सेंटीग्रेड तापमान पर पिघलना शुरू कर देता है। साथ ही 2,808 डिग्री तक गर्म करने पर सोना उबलना शुरू कर देता है। सोने की माइनिंग भी काफी कठिन है। माइनिंग के दौरान 5 कैरट का हीरा मिलना आसान है, लेकिन 28 ग्राम सोना मिलना दुर्लभ। सोने का रंग और ताकत बदलने के लिए उसमें अन्‍य धातु मिलाई जाती हैं।

​क्या हैं कीमतें

सोने की कीमतें इस समय 59,000 रुपये प्रति 10 ग्राम से नीचे ट्रेड कर रही हैं। एमसीएक्स एक्सचेंज पर शुक्रवार को 5अक्टूबर, 2023 की डिलीवरी वाले सोने का वायदा भाव 0.20 फीसदी या 119 रुपये की बढ़ोतरी के साथ 58,941 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था।

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