मैं शरीयत की मारी... क्रिकेटर मो. शमी की पत्नी ने SC से की तलाक पर हिंदुओं जैसे कानून की मांग

Updated on 16-05-2023 07:06 PM
नई दिल्ली: भारतीय क्रिकेट टीम के मुख्य गेंदबाज मोहम्मद शमी इस समय अपनी बोलिंग से आईपीएल में कमाल कर रहे हैं। दूसरी ओर उनकी पत्नी हसीन जहां ने देश की सर्वोच्च अदालत सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। शमी और उनकी पत्नी के बीच सबकुछ ठीक नहीं है। दोनों के बीच बात तलाक तक पहुंच गई है। इस बीच शमी की पत्नी ने शीर्ष अदालत से यह मांग की है कि भारत में तलाक के लिए एक जैसा कानून होना चाहिए। दायर याचिका में कहा गया है कि मुसलमानों में तलाक-उल-हसन और न्यायिक दायरे के बाहर तलाक देने की जो परंपरा है, उसे रद्द करना चाहिए।

हसीन जहां की याचिका में क्या?
शमी की पत्नी की ओर से अधिवक्ता दीपक प्रकाश ने याचिका दायर की थी। याचिकाकर्ता ने कोर्ट से कहा कि हसीन जहां न्यायिक दायरे के बाहर मिलने वाले तलाक-उल-हसन के एकतरफा प्रक्रिया से पीड़ित है। जहां को उनके पति मोहम्मद शमी की ओर से पिछले साल 23 जुलाई, 2022 को तलाक-उल-हसन के तहत ही तलाक का पहला नोटिस दिया गया था। यह नोटिस शमी के वकील की ओर से दिया गया था। हसीन जहां के वकील ने कहा कि शमी की ओर से मिले नोटिस के बाद हसीन जहां ने अपने करीबियों से भी संपर्क किया था जो खुद इस तरह के मामलों में फंसे हुए हैं।

हसीन जहां के वकील ने कोर्ट से कहा कि शमी की पत्नी शरीयत कानून में शामिल कठोर प्रथाओं से पीड़ित हैं। तलाक-ए-बिद्दत के अलावा इस कानून में और भी ऐसे तलाक हैं जो पुरुषों को उनकी मनमर्जी और सनक में बीवियों को छोड़ने का मौका देते हैं। इसमें तलाक देने वाले पति अपनी पत्नियों को सुलह का अधिकार, सुनवाई किए बिना ही अपना फैसला लाद देते हैं। याचिकाकर्ता ने यह भी कहा कि मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड शरीयत एप्लीकेशन एक्ट, 1937 की धारा 2 असंवैधानिक है। यह देश के संविधान के अनुच्छेद 14, 15, 21 और 25 का भी उल्लंघन करती है।

सुप्रीम कोर्ट ने स्वीकार की याचिका में हसीन जहां की ये मांग
मोहम्मद शमी की पत्नी हसीन जहां ने सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिका में कहा कि मैं शरीयत की मारी हूं। ऐसे में शीर्ष अदालत से मेरी मांग है कि देश में कानून के लिए एक जैसा कानून होना चाहिए। जहां का कहना है कि मुसलमानों में शरीयत कानून के तहत मिलने वाला तलाक-उल-हसन और न्यायिक दायरे के बाहर तलाक की दूसरी परंपराओं को भी रद्द किया जाना चाहिए। इस याचिका को सुप्रीम कोर्ट ने स्वीकार कर लिया है। यही नहीं कोर्ट ने केंद्र सरकार और महिला आयोग को भी नोटिस जारी किया है।

मोहम्मद शमी को नहीं मिला है तलाक
मोहम्मद शमी और उनकी पत्नी हसीन जहां के बीच कानूनी तलाक नहीं हुआ है। फिलहाल दोनों अलग रह रहे हैं। तय शर्तों के मुताबिक, शमी को अपनी पत्नी को हर महीने 1 लाख, 30 हजार रुपये देने होते हैं जिसमें से 80 हजार रुपये वो अपनी बेटी के पालन-पोषण के लिए देते हैं। शमी आईपीएल सीजन 2023 के लिए गुजरात टाइटंस की ओर से खेल रहे हैं। इस सीजन वो 19 विकेट के साथ सबसे ज्यादा विकेट टेकर्स की लिस्ट में चौथे स्थान पर हैं।

अन्य महत्वपुर्ण खबरें

 22 September 2026
पूनम पाण्डे: पेपर लीक के खिलाफ युवाओं ने जंतर-मंतर पर आंदोलन किया, सरकार से सवाल पूछे और फिर दिल्ली यूनिवर्सिटी छात्रसंघ चुनाव (DUSU) में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का छात्र संगठन,…
 22 September 2026
नई दिल्ली: एक इमारत गिरी और 7 लोगों की जान चली गई... इस हादसे ने सिर्फ दिल्ली के सत्य निकेतन को नहीं, बल्कि देश के तेजी से फैलते शहरों में…
 22 September 2026
नई दिल्ली: राजस्थान का जोधपुर एयरबेस जल्द ही दुनिया की कई प्रमुख वायु सेनाओं की ताकत का गवाह बनने वाला है। यहां 26 सितंबर से 12 अक्टूबर तक मल्टीनेशनल एयर…
 22 September 2026
नई दिल्ली: क्या कानूनी प्रक्रिया पूरी कर गोद लिए गए बच्चे को सालों बाद वापस किसी संस्था को सौंपा जा सकता है? अगर बच्चा बड़ा होने के साथ इतना आक्रामक…
 22 September 2026
नई दिल्ली: सिंधु जल समझौता रुकने से पाकिस्तान में बहुत ही छटपटाहट है। उसने इस समझौते को फिर से शुरू करवाने के लिए भारत पर दबाव बनाने के अपने सारे…
 22 September 2026
सी.आर. पाटिल, नई दिल्ली: जल हमें उन तरीकों से जोड़ता है, जिनमें बहुत कम दूसरे संसाधन जोड़ पाते हैं। नदियां प्रशासनिक सीमाओं को नहीं पहचानतीं। भूजल के स्रोत कई समुदायों…
 22 September 2026
नई दिल्ली: दिल्ली में वोटर लिस्ट के स्पेशल इंटेंसिव रिविजन यानी SIR के दौरान कई चौंकाने वाले मामले सामने आए हैं। पुरानी दिल्ली के 125 साल के वोटर श्याम मुखिजा…
 21 September 2026
BRICS के बढ़ते प्रभाव, भारत-चीन संबंधों, ऊर्जा सुरक्षा और UNSC में सुधार जैसे मुद्दों पर दुनिया की नजर है। ऐसे में भारत के लिए इस मंच की बदलती भूमिका कितनी…
 21 September 2026
नई दिल्ली: पश्चिम बंगाल में स्पेशल इंटेंसिव रिविजन ( SIR ) के बाद मतदाता सूची से हटाए गए अनगिनत वोटर शायद एक दशक तक वोट न दे पाएं। ऐसा इसलिए…
Advt.