इस दिवाली कैसे पीएंगे बीयर, इस चीज की भयंकर कमी से जूझ रही है इंडस्ट्री

Updated on 13-10-2025 01:12 PM
नई दिल्ली: इस साल मौसम ने अजब-गजब रूप दिखाया है। दशहरे में कई जगह रावण जल कर नहीं बल्कि गल कर मरे। क्योंकि दशहरे की शाम में भीषण बारिश हुई। इसके बाद भी मौसम का मिजाज तेजी से बदल रहा है। अक्टूबर का आधा महीना बीतने को है, लेकिन अभी तक पंखे से छुटकारा नहीं मिला है। ऐसी उमर भरी गर्मी में लोग गला तर करने के लिए बीयर भी खोजते हैं। लेकिन भारत का घरेलू बीयर उद्योग एल्यूमीनियम कैन की गंभीर कमी का सामना कर रहा है। इसकी वजह सरकार का आदेश है।

क्या हुआ है डेवलपमेंट

ब्रूअर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (BAI) के महानिदेशक विनोद गिरी के मुताबिक क्वालिटी कंट्रोल आर्डर (QCO) के माध्यम से सरकार ने एल्युमीनियम कैन को बीआईएस सर्टिफिकेशन के दायरे में ला दिया है। यह फैसला एक अप्रैल, 2025 से लागू हो गया है। इस आदेश के चलते देश में बीयर के साथ-साथ अन्य पेय पैकेजिंग उद्योग के लिए अल्पकालिक आपूर्ति की समस्याएं पैदा हुई हैं। उल्लेखनीय है कि भारत में जितनी बीयर बिकती है, उसमें से 85 फीसदी कैन वाली बीयर ही होती है। बोतल में बंद बीयर की हिस्सेदारी महज 15 फीसदी है।

कैन बनाने वालों ने हाथ खड़े किए

देश में एल्युमीनियम कैन के प्रमुख सप्लायर बॉल बेवरेज पैकेजिंग इंडिया और कैन-पैक इंडिया, भारत में अपनी विनिर्माण इकाइयों में अधिकतम घरेलू क्षमता तक पहले ही पहुंच चुकी हैं। इन कंपनियों का कहना है कि वे कम से कम 6-12 महीनों तक आपूर्ति नहीं बढ़ा पाएंगी, जब तक कि नई प्रोडक्शन लाइन नहीं जुड़ जाती। पहले कैन की आपूर्ति विदेशी सप्लायरों से हो जाती थी।

आयात में है दिक्कत

क्यूसीओ के जारी हो जाने के कारण भारतीय बीयर उद्योग विदेशी विक्रेताओं से बीयर के कैन आयात भी नहीं कर सकता। क्योंकि आयात तभी होगा, जबकि विदेशी सप्लायर भारतीय मानक ब्यूरो से बीआईएस सर्टिफेशन प्राप्त कर ले। उद्योग जगत के जानकार बताते हैं कि बीआईएस सर्टिफिकेशन लेने में महीनों लग जाते हैं। बीएआई ने सरकार से क्यूसीओ मानदंडों में कुछ ढील देने की मांग की है।

सरकार को भी हो सकता है नुकसान

उद्योग का मानना है कि यदि इस कैन सप्लाई की कमी को दूर नहीं किया गया, तो यह न केवल बीयर की उपलब्धता को प्रभावित करेगा, बल्कि सरकार के राजस्व पर भी नकारात्मक प्रभाव डालेगा। एक अनुमान है कि बीयर कैन की कमी से जो साल में 12 से 13 करोड़ यूनिट कैन की बिक्री प्रभावित होगी। उससे सरकार का भी करीब 1,300 करोड़ रुपये का रेवेन्यू घट सकता है। इसलिए बीएआई ने सरकार से इस मुद्दे पर तत्काल ध्यान देने और अल्पकालिक समाधान प्रदान करने का अनुरोध किया है। नियामक छूट से आयातित कैन की आपूर्ति को सुचारू बनाने में मदद मिल सकती है, जिससे घरेलू बीयर उद्योग को अपनी विकास गति बनाए रखने में सहायता मिलेगी।

मांग रहे हैं अल्पकालिक छूट

बीएआई सरकार से 'अल्पकालिक नियामक छूट' मांग रहा है। इसका उद्देश्य इस संक्रमणकालीन अवधि के दौरान आपूर्ति की बाधाओं को दूर करना है। यह छूट आयातित कैन को बिना किसी अतिरिक्त बाधा के बाजार में प्रवेश करने की अनुमति दे सकती है। यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि सरकार इस मामले पर क्या प्रतिक्रिया देती है और क्या वह बीयर उद्योग की चिंताओं को दूर करने के लिए कोई कदम उठाती है। इस मुद्दे का समाधान न केवल बीयर उद्योग के लिए, बल्कि व्यापक अर्थव्यवस्था के लिए भी महत्वपूर्ण है।


अन्य महत्वपुर्ण खबरें

 08 September 2026
नई दिल्ली: मध्य पूर्व में जारी तनाव, कच्चे तेल की बढ़ती कीमत, बिकवाली समेत अन्य वजहों से घरेलू शेयर बाजार में भारी गिरावट देखी जा रही है। आज मंगलवार को…
 08 September 2026
नई दिल्ली: भारत में घरेलू कोयले से गैस और औद्योगिक ईंधन बनाने की योजना को लेकर कंपनियों की दिलचस्पी सामने आई है। केंद्र सरकार की कोयला गैसीकरण योजना के पहले…
 08 September 2026
नई दिल्ली: भारत की पहली स्वदेशी बुलेट ट्रेन का ट्रायल कब होगा, इसकी जानकारी केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने मंगलवार को दी। साथ ही उन्होंने यह भी बताया कि…
 08 September 2026
नई दिल्ली: भारत और बांग्लादेश के बीच बंद पड़ी यात्री ट्रेन सेवाओं को फिर से शुरू करने की दिशा में बातचीत शुरू हो गई है। दोनों देशों के रेलवे अधिकारियों…
 05 September 2026
नई दिल्ली: ईरान युद्ध के कारण कच्चे तेल की कीमत में काफी तेजी आई थी और यह 120 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंच गया था। शुक्रवार को इंटरनेशनल बेंचमार्क…
 05 September 2026
नई दिल्ली: एस्सेल ग्रुप के चेयरमैन और जी के फाउंडर सुभाष चंद्रा की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। सीबीआई ने चंद्रा और अन्य लोगों के खिलाफ…
 05 September 2026
नई दिल्ली: आपने कई बार देखा होगा कि जरूरत पड़ने पर जब किसी बीमा कंपनी से इंश्योरेंस क्लेम (बीमा दावा) किया जाता है तो वह कई बार रिजेक्ट भी हो…
 05 September 2026
नई दिल्‍ली: एग्रीकल्चर एनालिस्ट देविंदर शर्मा ने भारत की कृषि नीति पर नए सिरे से विचार करने की मांग की है। उनका तर्क है कि इथेनॉल, फर्टिलाइजर प्रोडक्शन और ट्रेड…
 31 August 2026
नई दिल्ली: देश में करोड़ों की संख्या में लोग क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल कर रहे हैं। अब फेस्टिव सीजन की शुरुआत भी हो रही है। इसको देखते हुए क्रेडिट कार्ड…
Advt.