
अमेरिका में दक्षिण भारतीयों की संख्या अच्छी-खासी है। चावल का उनके खानपान में विशेष स्थान है। बैन के चलते भारतीय चावल की किल्लत हो सकती है। भांपते हुए देसी लोग निकल पड़े हैं किचन भरने। किराना की दुकानों पर लंबी-लंबी कतारें देखी जा रही हैं। ऊपर का फोटो देखकर समझ आ जाएगा कि लोगों में कितनी घबराहट है।
भारत के फैसले से दुनियाभर में चावल की कीमतें बढ़ सकती हैं। भारत 2012 से दुनिया का सबसे बड़ा चावल निर्यातक रहा है। अमेरिका समेत 100 से ज्यादा देशों में चावल भेजा जाता है।