एमपी में विधायकों के वेतन-भत्ते बढ़ने की उम्मीदों को लगा झटका, सरकार ने फैसला टाला

Updated on 30-03-2026 11:00 AM

भोपाल। मध्य प्रदेश में विधायकों के वेतन-भत्ते बढ़ाने पर निर्णय मोहन यादव सरकार ने टाल दिया है। दरअसल, प्रदेश की मोहन यादव सरकार 2026 को कृषक कल्याण वर्ष के रूप में मना रही है। इसी कड़ी में गेहूं और उड़द पर प्रोत्साहन राशि देने का निर्णय लिया जा चुका है। सरसों पर भावांतर दिया जाना है। राज्य सरकार काफी कर्ज भी ले चुकी है। ऐसे में, राज्य के कोष पर पहले से ही काफी भार है, इन सब स्थितियों को देखते हुए फिलहाल सरकार ने विधायकों के वेतन-भत्ते बढ़ाने के साथ ही निर्वाचन क्षेत्र निधि बढ़ाने का विचार न करने का निर्णय लिया है।

10 साल से नहीं हुई वृद्धि, समिति ने सौंपी थी रिपोर्ट

बता दें कि मध्य प्रदेश में 10 साल से मुख्यमंत्री, मंत्री, विधानसभा अध्यक्ष-उपाध्यक्ष, नेता प्रतिपक्ष, विधायक और पूर्व विधायक के वेतन-भत्ते में वृद्धि नहीं हुई है। भाजपा और कांग्रेस के विधायक खर्चे बढ़ने के आधार पर वेतन-भत्ते में वृद्धि की मांग कर रहे थे। इसे देखते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा की अध्यक्षता में समिति बनाई। इसमें भाजपा से अजय विश्नोई और कांग्रेस से सचिन यादव को शामिल किया गया। संसदीय कार्य विभाग से अन्य राज्यों में मिल रहे वेतन-भत्ते की रिपोर्ट बनवाई गई। इसमें बताया गया कि गुजरात, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश में विधायकों के वेतन-भत्ते अधिक हैं।

प्रस्तावित वेतन वृद्धि का खाका

इसके बाद यह प्रस्ताव तैयार किया गया कि विधायकों का वेतन-भत्ता एक लाख 10 हजार रुपये से बढ़ाकर एक लाख 70 हजार, पूर्व विधायकों की पेंशन 35 से बढ़ाकर 58 हजार, मुख्यमंत्री का दो लाख से बढ़ाकर 2.60 लाख, मंत्रियों का 1.70 लाख से बढ़ाकर 2.20 लाख, राज्यमंत्री का 1.50 लाख से दो लाख, विधानसभा अध्यक्ष का 1.85 से बढ़ाकर 2.20 लाख, उपाध्यक्ष का 1.70 से बढ़ाकर दो लाख और नेता प्रतिपक्ष का 1.70 से बढ़ाकर 2.20 लाख रुपये प्रतिमाह वेतन-भत्ता किया जा सकता है। इसमें वेतन, सत्कार, निर्वाचन क्षेत्र के साथ दैनिक भत्ता शामिल है।

सहमति न बनने से रुका संशोधन विधेयक

सूत्रों के अनुसार, मुख्यमंत्री डॉ. यादव और विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर के बीच चर्चा भी हुई लेकिन कोई सहमति नहीं बन पाई, इसलिए शीतकालीन और फिर बजट सत्र में भी संशोधन विधेयक प्रस्तुत नहीं किए गए। यही स्थिति स्थानीय क्षेत्र विकास निधि को लेकर भी है। इसे पांच करोड़ रुपये करने की मांग थी। इस पर भी विचार-विमर्श हुआ लेकिन सहमति नहीं बनी। संसदीय कार्य विभाग के अनुसार, सरकार वित्तीय स्थिति देखने के बाद ही इस संबंध में कोई निर्णय लेगी। 16वें वित्त आयोग की अनुशंसा के अनुसार एक अप्रैल 2026 से प्रारंभ होने वाले वित्तीय वर्ष से केंद्रीय करों के हिस्से में लगभग पौने आठ हजार करोड़ रुपये कम मिलेंगे।



अन्य महत्वपुर्ण खबरें

 20 June 2026
भोपाल, NEET परीक्षा को लेकर नगरीय यातायात पुलिस ने शहर में यातायात व्यवस्था बनाए रखने के लिए एडवायजरी जारी की है। परीक्षा 21 जून 2026 (रविवार) को दोपहर 2 बजे से…
 20 June 2026
भोपाल, अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के पूर्व राजधानी भोपाल योगमय नजर आई। शहर के प्रमुख स्थलों से लेकर स्टेडियम तक योग का उत्साह देखा गया। टीटी नगर स्टेडियम में आयोजित मुख्य कार्यक्रम…
 20 June 2026
भोपाल, मध्य प्रदेश के अलग-अलग विभागों और जिलों में कौन से आईएएस अफसर कब से कब तक पदस्थ रहे हैं और इस दौरान उन्हें कितना वेतन मिलता रहा है? उनके वेतन…
 20 June 2026
भोपाल। हाईसिक्योरिटी जोन 74 बंगला क्षेत्र भी अब चोरों के आतंक से सुरक्षित नहीं है। बदमाशों ने केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान सहित तीन मंत्रियों के सरकारी आवासों के…
 20 June 2026
भोपाल। प्रदेश में भोपाल, इंदौर-उज्जैन मेट्रोपालिटन क्षेत्र का निर्धारण हो चुका है। अब प्राधिकरण के गठन और शक्तियों को लेकर नियम का प्रारूप नगरीय विकास एवं आवास विभाग तैयार कर…
 20 June 2026
 भोपाल। बरकतउल्लाह विश्वविद्यालय (बीयू) के कुलगुरु प्रो. सुरेश कुमार जैन की अंततः रवानगी हो गई। उन्होंने कार्यकाल समाप्त होने से 91 दिन पूर्व ही पद से इस्तीफा दे दिया, जिसे…
 20 June 2026
भोपाल। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसाधनों के विवेकपूर्ण उपयोग और ऊर्जा संरक्षण के आह्वान के बाद मध्य प्रदेश सरकार ने शासकीय कार्यप्रणाली में मितव्ययता (फ्रूगैलिटी) बढ़ाने के लिए कई महत्वपूर्ण…
 20 June 2026
भोपाल। मध्यप्रदेश के लोगों के लिए सार्वजनिक परिवहन को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। प्रदेश में 21 साल बाद सरकारी कंपनी की बसें दोबारा सड़कों पर दौड़ने जा रही…
 19 June 2026
भोपाल, राज्य शासन ने सोम डिस्टिलरीज समूह की इकाइयों द्वारा वर्ष 2026-27 के लिए पेश किए गए आबकारी लाइसेंसों के नवीनीकरण आवेदन निरस्त कर दिए हैं। नवीनीकरण के आवेदनों के निरस्तीकरण…
Advt.