
भोपाल। मध्य प्रदेश के उत्तरी-पूर्वी जिलों में भारी बारिश से हालात बिगड़ने लगे हैं। ग्वालियर-चंबल संभाग के श्योपुर-शिवपुरी जिलों में 36 गांवों का संपर्क मुख्यालयों से कट गया है। 70 गांव हाई अलर्ट पर हैं।
श्योपुर के बनीपुरा गांव में क्वारी नदी का पानी भरने से ग्रामीणों को गांव से अन्यत्र शिफ्ट करना पड़ा है। इधर विंध्य-महाकोशल के कई जिलों में बाढ़ जैसे हालात हैं। पुलों पर पानी बह रहा है। कई पुलिया क्षतिग्रस्त हो गई हैं। सड़कें बह गई हैं। एक दर्जन सड़कों पर यातायात रोकना पड़ा है।
मध्य प्रदेश के 28 जिलों रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली, मऊगंज मैहर, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर, जबलपुर, कटनी, नरसिंहपुर, सिवनी, छिंदवाड़ा, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, सागर, छतरपुर, दमोह, पन्ना, टीकमगढ़, निवाड़ी, ग्वालियर, शिवपुरी, गुना, दतिया और अशोकनगर जिले में भारी बारिश के आसार हैं।
जानकारी के अनुसार शुक्रवार रात से शनिवार सुबह कई जिलों में भारी बारिश दर्ज की गई है। इससे नदी-नाले उफान पर आ गए हैं। विंध्य-महाकोशल में सिवनी, मंडला, डिंडौरी, कटनी, नरसिंहपुर, सीधी,शहडोल, अनुपपुर व उमरिया में भारी बारिश हुई है। डिंडौरी में बारिश के चलते करंजिया जनपद अंतर्गत ग्राम माधोपुर के पास जबलपुर अमरकंटक नेशनल हाईवे पर आवागमन बाधित हुआ।
शहडोल के केशवाही क्षेत्र के महरान टोला में दीवार ढहने और उसके मलबे में दबने से दंपती की मौत हो गई। नरसिंहपुर में भारी बारिश से धमना-सांकल मार्ग और नरसिंहपुर से गोटेगांव मार्ग के बीच बरहटा शेढ़ नदी का पुल डूब गया है। स्टेट हाईवे 22 पर शनिवार को बंदेसुर और बटेसरा के बीच एक पुलिया बारिश के कारण धंस गई, जिससे करेली से गाडरवारा का संपर्क भी बाधित हो गया है।
प्रभावी मौसम प्रणालियों के सक्रिय रहने से प्रदेश के उत्तरी एवं पूर्वी क्षेत्र में कई स्थानों पर भारी बारिश हो रही है। मौसम विज्ञानियों के मुताबिक रविवार-सोमवार को भी रीवा, शहडोल, जबलपुर, सागर, ग्वालियर संभाग के जिलों में भारी बारिश के आसर हैं। इस दौरान कटनी, मंडला,सतना, अनूपपुर, शहडोल, उमरिया, डिंडौरी, जबलपुर, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, सिवनी,बालाघाट, पन्ना, दमोह, मैहर, शिवपुरी एवं श्योपुरकलां में अति भारी बारिश हो सकती है।