हमास की धमकी- इजराइली बंधकों को ताबूतों में भेजेंगे:कहा- सेना भेजी तो खामियाजा भुगतना होगा

Updated on 03-09-2024 04:19 PM

गाजा में इजराइली बंधकों के शव मिलने के बाद हमास ने इजराइल के लिए चेतावनी जारी की है। हमास ने कहा है कि अगर इजराइल की सेना ने उनपर दबाव बनाना बंद नहीं किया तो वे बंधकों को ताबूतों में रखकर इजराइल भेजेंगे। हमास ने धमकी देते हुए कहा कि वह इसके लिए अपने लड़ाकों में आदेश भी दे चुका है।

अलजजीरा के मुताबिक, कासिम ब्रिगेड के प्रवक्ता अबु उबैदा ने कहा कि अगर इजराइल के प्रधानमंत्री नेतन्याहू बिना समझौते के सैन्य दबाव बनाकर बंधकों को छुड़ाने की कोशिश करेंगे, तो हम उन्हें ताबूत में रखकर लौटाएंगे। अब फैसला परिजनों के हाथ में है कि वे बंधकों की जिंदा वापस चाहते हैं या उनके शव।

नेतन्याहू बोले- बंधकों को पीछे से सिर पर गोली मारी गई
हमास ने कहा कि बंधकों की मौत के लिए नेतन्याहू और उनकी सेना जिम्मेदार है। वहीं नेतन्याहू ने कहा है कि हमास की सुरंगों में जिन 6 बंधकों के शव मिले थे, उन्हें पीछे से सिर पर गोली मारी गई थी। इजराइली PM ने बंधकों को जीवित वापस लाने में सफल न होने पर देश से माफी मांगी।

उन्होंने कहा, "हम बेहद करीब पहुंच गए थे, लेकिन विफल हो गए। हमास को इसकी भारी कीमत चुकानी होगी।" वहीं हमास के एक सीनियर अधिकारी ने कहा है कि उन बंधकों की मौत इजराइल की एयरस्ट्राइक में हुई थी। वहीं अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने कहा है कि नेतन्याहू बंधकों को छुड़वाने के लिए पर्याप्त कोशिश नहीं कर रहे हैं।

हमास की सुरंग में मिले थे 6 बंधकों के शव
दरअसल, 31 अगस्त को इजराइल को गाजा में हमास की सुरंगों में 6 बंधकों के शव मिले थे। इजराइली सेना IDF ने बताया था कि सैनिकों के वहां पहुंचने से कुछ देर पहले ही हमास ने इन बंधकों को बर्बरता के साथ मार डाला।

IDF ने बताया था कि उन्हें इलाके में 6 बंधकों के मौजूद होने की खबर मिली थी। इस वजह से सेना बहुत ही सतर्कता के साथ आगे बढ़ रही थी। इस बीच उन्हें हमास की एक सुरंग का पता चला। यहां छानबीन के दौरान बंधकों के शव बरामद हुए।

हमास ने इजराइल के कुल 251 नागरिकों को बंधक बनाया था। इनमें से 97 अब भी हमास की कैद में हैं। 105 बंधकों को पिछले साल नवंबर में हुए सीजफायर में रिहा कर दिया गया था। वहीं करीब 33 लोगों की मौत हो चुकी है।

इजराइल में हुआ 11 महीने का सबसे बड़ा प्रदर्शन
वहीं बंधकों के शव मिलने के बाद 1 सितंबर को इजराइल में गुस्सा भड़क उठा। अलग-अलग शहरों में करीब 5 लाख लोगों ने प्रदर्शन किया। टाइम्स ऑफ इजराइल की रिपोर्ट के मुताबिक राजधानी तेल अवीव में 3 लाख से ज्यादा और दूसरे शहरों में 2 लाख से ज्यादा लोग जुटे।

प्रदर्शनकारियों ने मारे गए छह बंधकों के शवों के प्रतीक के तौर पर 6 ताबूत रखे थे। प्रदर्शनकारी प्रधानमंत्री नेतन्याहू और उनकी सरकार पर बंधकों की रिहाई के लिए ठोस कदम नहीं उठाने का आरोप लगा रहे थे। उनका कहना था नेतन्याहू अगर जंग रोकने का समझौता कर लेते तो बंधकों को छुड़ाया जा सकता था। नेतन्याहू राजनीतिक वजहों से समझौता करना नहीं चाहते।



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