
प्रदेश भर में 52 महाविद्यालयों इस सत्र में प्रधानमंत्री कॉलेज आफ एक्सीलेंस घोषित कर दिया गया। इस योजना के तहत इन महाविद्यालयों को गुणवत्तापूर्ण माहौल देने के लिए सर्वसुविधायुक्त बनाया जा रहा है। इसी के तहत यहां रिक्त पदों पर दूसरे सामान्य महाविद्यालयों से प्राध्यापकों को लाकर भर्ती किया गया।
इसके लिए विभागीय स्तर पर आवेदन और साक्षात्कार हुए थे। इस प्रक्रिया की वजह से उन महाविद्यालयों में शिक्षकों की संख्या पर्याप्त हो गई।
ऐसे में उन 500 अतिथि विद्वानों के पास कोई काम नहीं बचा जो पिछले कई वर्षों से वहां पढा रहे थे।
इनमें से कई अतिथि विद्वान अपने गृह क्षेत्र से 200-300 किलोमीटर दूर के महाविद्यालयों में काम कर रहे हैं।
उन्हें 20 से 25 जनवरी के बीच अपनी रुचि के महाविद्यालय का विकल्प चुनना होगा।
28 जनवरी तक उन्हें नए महाविद्यालयों का आवंटन कर दिया जाएगा।
ऐसा होने के बाद उन्हें 31 जनवरी तक कार्यभार ग्रहण कर पोर्टल पर अपनी उपस्थिति दर्ज करानी होगी।