
भोपाल। शहर में मेट्रो के यात्रियों के लिए राहत भरी खबर है। इस सप्ताह से मेट्रो की सेवाएं बढ़ने जा रही हैं। कम्युनिकेशन बेस्ड ट्रेन कंट्रोल (सीबीटीसी) सिग्नलिंग सिस्टम के प्रमाणन के बाद प्रायोरिटी कारिडोर में दो ट्रैक पर संचालन शुरू हो जाएगा।
आरेंज लाइन पर फेरे बढ़कर करीब 20 प्रतिदिन हो जाएंगे। यात्रियों का सफर पहले की तुलना में काफी कम समय में पूरा होगा। मेट्रो के अधिकारियों का कहना है कि बेहतर फ्रीक्वेंसी और कम यात्रा समय से मेट्रो की विश्वसनीयता बढ़ेगी। इससे रोजाना सफर करने वाले यात्रियों की संख्या में भी वृद्धि होने की संभावना है।
भोपाल मेट्रो की सात किलोमीटर लंबी आरेंज लाइन पर अप्रैल के तीसरे सप्ताह से सिग्नलिंग सिस्टम को अपग्रेड करने का काम चल रहा था। सुरक्षा कारणों से इस दौरान सेवाओं को सीमित रखा गया था। अधिकारियों का कहना है कि यह कटौती जरूरी थी, जिससे आधुनिक सिग्नलिंग सिस्टम की स्थापना और परीक्षण सुरक्षित तरीके से पूरा किया जा सके।
भोपाल मेट्रो का प्रायोरिटी कारिडोर करीब सात किलोमीटर लंबा है, जिसमें आठ स्टेशन शामिल हैं। मेट्रो ट्रेन की अधिकतम गति 80 किलोमीटर प्रति घंटा है। एक ट्रेन में 144 यात्रियों के बैठने और 981 यात्रियों के खड़े होकर सफर करने की क्षमता है।